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रिश्वतखोर इंस्पेक्टर को सजा: जिला सांझ केंद्र खन्ना की पूर्व इंचार्ज को पांच साल की कैद, 25 हजार जुर्माना
Thu, 17 Jul 2025 08:38 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 17 Jul 2025 08:38 AM IST
सार
गांव करतारपुर निवासी बलविंदर सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी बहन हरविदर कौर के पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने उसकी बहन को घर से निकाल दिया था। इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा ने दोनों पक्षों में समझौता करवा दिया। फिर पैेसे दिलाने के नाम पर 30 हजार रुपये की मांग की।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
रिश्वतखोरी के मामले में महिला इंस्पेक्टर को दोषी करार देते हुए अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। लुधियाना के स्पेशल जज अमरिंदर सिंह शेरगिल की अदालत ने जिला सांझ केंद्र खन्ना की पूर्व इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा को पांच साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सजा सुनाने के तुरंत प्रवीण शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वर्ष 2019 में विजिलेंस ब्यूरो ने प्रवीण शर्मा को रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू किया था।
बता दें कि गांव करतारपुर निवासी बलविंदर सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी बहन हरविदर कौर के पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने उसकी बहन को घर से निकाल दिया था। इस मामले में हरविदर ने ससुरालियों के खिलाफ डीएसपी हेड क्वार्टर खन्ना को शिकायत दी थी। जांच का जिम्मा जिला सांझ केंद्र खन्ना की इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा को सौंपा गया था।
आरोप था कि इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा ने दोनों पक्षों में तीन लाख रुपये में समझौता करवा दिया। उन्हें पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये मिल चुके थे लेकिन बाकी दो लाख रुपये दिलवाने के लिए प्रवीण शर्मा ने बलविंदर सिंह से 30 हजार रुपये की मांग की। काफी मोलभाव के बाद सौदा 15 हजार रुपये में तय हुआ था। बलविंदर ने विजिलेंस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाह की मौजूदगी में इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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बता दें कि गांव करतारपुर निवासी बलविंदर सिंह ने विजिलेंस ब्यूरो को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि उसकी बहन हरविदर कौर के पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने उसकी बहन को घर से निकाल दिया था। इस मामले में हरविदर ने ससुरालियों के खिलाफ डीएसपी हेड क्वार्टर खन्ना को शिकायत दी थी। जांच का जिम्मा जिला सांझ केंद्र खन्ना की इंचार्ज इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा को सौंपा गया था।
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आरोप था कि इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा ने दोनों पक्षों में तीन लाख रुपये में समझौता करवा दिया। उन्हें पहली किश्त के रूप में एक लाख रुपये मिल चुके थे लेकिन बाकी दो लाख रुपये दिलवाने के लिए प्रवीण शर्मा ने बलविंदर सिंह से 30 हजार रुपये की मांग की। काफी मोलभाव के बाद सौदा 15 हजार रुपये में तय हुआ था। बलविंदर ने विजिलेंस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने सरकारी गवाह की मौजूदगी में इंस्पेक्टर प्रवीण शर्मा को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था।
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