लुधियाना: कांग्रेस के कार्यक्रम में लगे 'बघेल गो बैक के नारे, वड़िंग बोले-RSS के चमचे, बैंस के इशारे पर हंगामा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग लुधियाना के सांसद हैं। ऐसे में उनके गढ़ में ही किसी अन्य नेता के नारों से पंजाब कांग्रेस की रार फिर उभर आई है।
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पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के अपने ही संसदीय क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में वीरवार को भारी बवाल हो गया।
गुरु नानक देव भवन में बुलाई गई संगठनात्मक बैठक के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दो गुट आमने-सामने हो गए। जिला कांग्रेस की तरफ से रखी गई हर बूथ कांग्रेस मजबूत की मीटिंग में राजा वड़िंग और पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु गुट के समर्थक आमने सामने हो गए और दोनों तरफ से जमकर नाबेराजी हुई।
दस मिनट तक तो राजा वड़िंग और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के साथ साथ रविंदर डालवी सब कुछ देखते रहे। राजा वड़िंग ने पहले तो दोनों तरफ से समर्थकों को रोकना चाहा और बाद में खुद ही कांग्रेसी वर्करों को आरएसएस के चमचे बोल कर बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद विवाद और भी भड़क गया और आशु गुट के समर्थक जोर जोर से नारे लगाने लगे। साथी समर्थकों के ही बीच बचाव के चलते वहां से उन्हें बाहर किया गया जिसके बाद माहौल शांत हुआ।
इस दौरान पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के विरोध में ''बघेल गो बैक'' और जलियांवाला बाग के खलनायक जनरल डायर के फोटो छपी टी-शर्ट लहराई गईं।
देर से शुरू हुई मीटिंग
गुरु नानक देव भवन में कांग्रेस की बैठक सुबह दस बजे शुरु होनी थी, लेकिन किसी कारण मीटिंग देरी से शुरू हुई और करीब साढ़े 11 बजे पंजाब कांग्रेस प्रधान और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल वहां पहुंचे। उनके प्रवेश करते ही समर्थकों ने राजा वड़िंग के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। हालांकि, वड़िंग ने तुरंत कार्यकर्ताओं को रोकते हुए व्यक्तिगत नारेबाजी के बजाय केवल पार्टी के पक्ष में 'कांग्रेस जिंदाबाद' के नारे लगाने की हिदायत दी।
बैंस के इशारे पर भड़के आशु समर्थक
हंगामे की आग में घी डालने का काम पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस समर्थकों की तरफ से किया गया। जब बैंस संबोधन के लिए मंच पर आए तो उनके समर्थन में उठते नारों के बीच बैंस के एक इशारे से आशु समर्थक उग्र हो गए। पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। दूसरी तरफ से राजा वड़िंग के हक में नारेबाजी शुरू हो गई। इसी दौरान सभी सीनियर नेता खड़े होकर देखते रहे।
जब माहौल ज्यादा तनावपूर्ण होने लगा और बात हाथापाई तक पहुंच गई तो राजा वड़िंग ने दोनों तरफ से समर्थकों को शांत रहने के लिए कहा। जब आशु गुट के समर्थक शांत नहीं हुए तो खुद राजा वड़िंग ने पार्षद पति इंद्रजीत सिंह इंदी, पार्षद अरुण शर्मा और पार्षद सन्नी भल्ला को साथ ही बाहर जाने के लिए बोला और साथियों को भी ले जाने की बात की। इसी दौरान एक समर्थक ने भूपेश बघेल की जरनल डायर वाली फोटो लगी टी शर्ट लहरानी शुरू कर दी और बघेल गो बैक के नारे लगाए।
इसी दौरान राजा वड़िंग ने स्टेज से ही आरएसएस के चमचों का नारा देकर सभी को बाहर जाने के लिए कह दिया। आशु समर्थकों का आरोप था कि प्रदेश अध्यक्ष के इशारे पर ही उन्हें उकसाया गया, जबकि वड़िंग ने पलटवार करते हुए कहा कि खुद को लुधियाना कांग्रेस का सर्वेसर्वा समझने वाले नेताओं ने ही पिछले चुनाव में शहर की सभी छह विधानसभा सीटें हरवाई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे वही चेहरे हैं जो मनमर्जी से मेयर और चेयरमैन तय करते थे। आज के पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट केंद्रीय आलाकमान को भेजी जा रही है।