{"_id":"601689428ebc3ef9c33befb0","slug":"farmers-unions-protest-against-central-government-in-sunam-udham-singh-wala-sangrur-sangoor-news-pkl4023712124","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान यूनियनों ने किया केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान यूनियनों ने किया केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
विज्ञापन
सुनाम अनाज मंडी में रविवार को केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते किसान।
- फोटो : SANGOOR
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और भाकियू एकता सिद्धूपुरा ने संयुक्त रूप से रविवार को अनाज मंडी में धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया। यूनियन सदस्यों ने केंद्र के खिलाफ नारेबाजी कर कृषि कानून तत्काल रद्द करने की मांग उठाई।
जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि गुरभगत सिंह, गोबिंद सिंह, हरी सिंह चट्ठा, अमृतपाल सिंह, बगेरा सिंह, जीत सिंह व लाल सिंह ने कहा कि उन्हें भनक लगी थी कि अनाज मंडी में भाजपा की बैठक हो रही है। बैठक में कई बडे़ नेताओं के हिस्सा लेने की जानकारी उन्हें मिली थी। इसी वजह से उन्होंने धरना लगाया है। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार व भाजपा की ओर से उनके आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। किसान दिल्ली बॉर्डर पर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। कुछ शरारती तत्व सरकार के इशारे पर माहौल खराब करने में जुटे हैं।
किसान साफ कर चुके हैं कि नए खेती कानून किसी भी नजर से किसानी के हित में नहीं हैं। किसानों की ओर से भाजपा के कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा। नए खेती कानूनों को तुरंत रद्द करना चाहिए। दूसरी तरफ भाजपा ने दावा किया कि अनाज मंडी में पार्टी की कोई औपचारिक बैठक नहीं थी। नगर काउंसिल चुनाव को लेकर मात्र एक ही वार्ड के आम लोगों को बुलाया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि गुरभगत सिंह, गोबिंद सिंह, हरी सिंह चट्ठा, अमृतपाल सिंह, बगेरा सिंह, जीत सिंह व लाल सिंह ने कहा कि उन्हें भनक लगी थी कि अनाज मंडी में भाजपा की बैठक हो रही है। बैठक में कई बडे़ नेताओं के हिस्सा लेने की जानकारी उन्हें मिली थी। इसी वजह से उन्होंने धरना लगाया है। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार व भाजपा की ओर से उनके आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। किसान दिल्ली बॉर्डर पर शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे हैं। कुछ शरारती तत्व सरकार के इशारे पर माहौल खराब करने में जुटे हैं।
विज्ञापन
किसान साफ कर चुके हैं कि नए खेती कानून किसी भी नजर से किसानी के हित में नहीं हैं। किसानों की ओर से भाजपा के कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा। नए खेती कानूनों को तुरंत रद्द करना चाहिए। दूसरी तरफ भाजपा ने दावा किया कि अनाज मंडी में पार्टी की कोई औपचारिक बैठक नहीं थी। नगर काउंसिल चुनाव को लेकर मात्र एक ही वार्ड के आम लोगों को बुलाया गया था।
विज्ञापन