संगरूर। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में टिकरी बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में शामिल गांव बीरकलां के किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 50 वर्षीय हरफूल सिंह उर्फ आशू के रूप में हुई है। वह भाकियू उगराहां के सक्रिय वर्कर थे और कई दिन से दिल्ली में टिकरी बार्डर पर आंदोलन में डटे हुए थे। उनकी मौत के बाद गांव में मातम का माहौल है। वहीं हरफूल की मौत से गुस्साए गांववासियों ने केंद्र सरकार का पुतला जलाकर नारेबाजी की।
इस मौके पर कांग्रेस नेता राजिंदर सिंह राजा बीरकलां ने कहा कि मोदी सरकार के कृषि कानूनों के कारण पंजाब के किसान शहीद हो रहे हैं, लेकिन केंद्र कानून रद्द करने के बजाय अड़ियल रवैया अपना रहा है। उन्होंने एलान किया कि शहीद किसान हरफूल सिंह की याद में गांव का मुख्य गेट बनवाया जाएगा। वहीं गांव की पंचायत तथा किसान यूनियन के नेताओं ने प्रस्ताव डाला कि गांव से प्रत्येक घर से एक व्यक्ति सात दिन बारी-बारी से दिल्ली जाएगा। इस मौके किसान यूनियन नेता ऊधम सिंह ने कहा कि गांव के हर घर से एक व्यक्ति दिल्ली में चल रहे किसान मोर्चा में शामिल होगा और जब तक किसान विरोधी काले कानून वापस नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।