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पावरकॉम अधिकारियों की लापरवाही से 15 एकड़ नाड़ जलकर हुई खाक
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जगरांव। गांव काकड़ तिहाड़ा के खेतों में पावरकॉम विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण खेतों से गुजर रही बिजली की तारों से चिंगारी निकलने के कारण 15 एकड़ नाड़ जलकर खाक होने का मामला सामने आया है।
बता दें कि कुछ दिन पहले हल्का जगरांव की विधायक सर्वजीत कौर माणूके द्वारा गेहूं की कटाई के चलते पावरकॉम विभाग को खेतों से गुजर रही तारों की मरम्मत एवं नगर काउंसिल के अधिकारियों को फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 24 घंटे तैयार रखने के आदेश जारी किए गए थे। विधायक के द्वारा किए गए दावे उस समय फुस्स नजर आए जब नजदीकी गांव काकड़ा तिहाड़ा के खेतों में लगी आग के बारे में लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और वे मौके पर नहीं पहुंचीं।
इस कारण गांव को किसानों ने खुद अपने ट्रैक्टर चलाकर खेतों में लगी आग पर किसी तरह काबू पाया। मामले की जानकारी देते गांव काकड़ा तिहाड़ा के जगतार सिंह, नवजोत सिंह, सुखवंत, रमनदीप ने बताया कि गेहूं की कटाई के सीजन के दौरान जब गांव में लोग गेहूं की कटाई कर रहे थे तो गांव के सुआ पुल के पास खेतों से गुजर रही बिजली की तारों से आग की चिंगारियां निकल रही थी। गांव के लोगों ने इसकी जानकारी पावरकॉम विभाग के अधिकारियों को दी, पावरकॉम विभाग के अधिकारियों द्वारा बिजली की सप्लाई बंद करवाई गई इसके बाद किसानों ने अपनी गेहूं की फसल काटी। लेकिन पावरकॉम अधिकारियों द्वारा खेतों से गुजर रही बिजली की तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, इस कारण बिजली की तारों से फिर से चिंगारियां निकलने लगीं और उसी चिंगारियों के चलते 15 एकड़ नाड़ देखते ही देखते जलकर खाक हो गई। उन्होंने बताया कि अगर गांव के किसान ट्रैक्टर चलाकर पानी की बाल्टी और पाइपों की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद अगर खुद आग पर काबू न पाते तो साथ लगते खेतों में गेहूं की तैयार खड़ी फसल भी जलकर खाक हो जाती। उन्होंने बताया कि पावरकॉम विभाग एवं फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता।
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बता दें कि कुछ दिन पहले हल्का जगरांव की विधायक सर्वजीत कौर माणूके द्वारा गेहूं की कटाई के चलते पावरकॉम विभाग को खेतों से गुजर रही तारों की मरम्मत एवं नगर काउंसिल के अधिकारियों को फायर ब्रिगेड की गाड़ियां 24 घंटे तैयार रखने के आदेश जारी किए गए थे। विधायक के द्वारा किए गए दावे उस समय फुस्स नजर आए जब नजदीकी गांव काकड़ा तिहाड़ा के खेतों में लगी आग के बारे में लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और वे मौके पर नहीं पहुंचीं।
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इस कारण गांव को किसानों ने खुद अपने ट्रैक्टर चलाकर खेतों में लगी आग पर किसी तरह काबू पाया। मामले की जानकारी देते गांव काकड़ा तिहाड़ा के जगतार सिंह, नवजोत सिंह, सुखवंत, रमनदीप ने बताया कि गेहूं की कटाई के सीजन के दौरान जब गांव में लोग गेहूं की कटाई कर रहे थे तो गांव के सुआ पुल के पास खेतों से गुजर रही बिजली की तारों से आग की चिंगारियां निकल रही थी। गांव के लोगों ने इसकी जानकारी पावरकॉम विभाग के अधिकारियों को दी, पावरकॉम विभाग के अधिकारियों द्वारा बिजली की सप्लाई बंद करवाई गई इसके बाद किसानों ने अपनी गेहूं की फसल काटी। लेकिन पावरकॉम अधिकारियों द्वारा खेतों से गुजर रही बिजली की तारों को दुरुस्त नहीं किया गया, इस कारण बिजली की तारों से फिर से चिंगारियां निकलने लगीं और उसी चिंगारियों के चलते 15 एकड़ नाड़ देखते ही देखते जलकर खाक हो गई। उन्होंने बताया कि अगर गांव के किसान ट्रैक्टर चलाकर पानी की बाल्टी और पाइपों की सहायता से कड़ी मशक्कत के बाद अगर खुद आग पर काबू न पाते तो साथ लगते खेतों में गेहूं की तैयार खड़ी फसल भी जलकर खाक हो जाती। उन्होंने बताया कि पावरकॉम विभाग एवं फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता।
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