{"_id":"57262f064f1c1bfa525ccead","slug":"dispute-dispute-in-akali-pradhan-and-parshad-dispute-in-mansa","type":"story","status":"publish","title_hn":"अकाली प्रधान और पार्षदों के बीच का विवाद बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अकाली प्रधान और पार्षदों के बीच का विवाद बढ़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Sun, 01 May 2016 10:00 PM IST
विज्ञापन
मारपीट, झगड़ा
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर काउंसिल की अध्यक्षता को लेकर अकाली प्रधान और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद के बढ़ने से सरकार ने करोड़ों की भेजी गई राशि के काम को किसी अन्य एजेंसी से करवाने का फैसला किया है। जिला प्रशासन ने राज्य सरकार के आदेश पर नगर काउंसिल को आई करीब 19 करोड़ के विकास काम मंडी बोर्ड या किसी अन्य एजेंसी से करवाने पर विचार किया है।
नगर काउंसिल के प्रधान बलविंदर सिंह काका ने डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से मिलकर इस ग्रांट को विवाद की वजह बताया था। यह काम काउंसिल के बजाय अन्य एजेंसी से कराने की मांग की है। इस बारे में प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
एक सप्ताह पहले नगर काउंसिल मानसा के अकाली प्रधान बलविंदर सिंह काका, सीनियर उप प्रधान गुरमेल सिंह ठेकेदार, उप प्रधान गीता रानी, अकाली पार्षद गुरजंट सिंह, जगवीर कौर, गुरदीप सिंह सेखों, महिंदर कौर, गुरदीप सिंह दीपा, किरना रानी, मनजीत सिंह मिता, बख्शीश सिंह, सुरिंदर कुमार, जुगराज सिंह, रामेश राजी, मनदीप सिंह गोरा, आयुषी शर्मा व सौरव जिंदल ने अविश्वास प्रस्ताव डाला था।
विज्ञापन
इसको लेकर प्रधान खेमे व विरोधी पार्षदों के बीच क्लेश बढ़ गया है। कुछ समय पहले पंजाब सरकार ने मानसा में विकास कामों के लिए करीब 19 करोड़ की ग्रांट राशि भेजी है। प्रधान बलविंदर सिंह काका का कहना है कि पार्षदों की ओर से उनके विरुद्ध किया जा रहा प्रचार व प्रयास वास्तव में ग्रांट को हड़पने की कोशिश है। इसे वह किसी भी तरह सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने खुद उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि उक्त ग्रांट से सभी विकास काम नगर काउंसिल के बजाय किसी अन्य एजेंसी या विभाग से करवाए जाएं।विपक्षी पार्षदों गुरमेल सिंह ठेकेदार, मनदीप सिंह गोरा ने प्रधान के उक्त आरोपों को नकारा है। उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि नगर काउंसिल में पार्षदों की चल रही खींचतान के कारण शहर के विकास काम किसी अन्य एजेंसी से करवाने के बारे में विचार किया जा रहा है, जिस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
नगर काउंसिल के प्रधान बलविंदर सिंह काका ने डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से मिलकर इस ग्रांट को विवाद की वजह बताया था। यह काम काउंसिल के बजाय अन्य एजेंसी से कराने की मांग की है। इस बारे में प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
एक सप्ताह पहले नगर काउंसिल मानसा के अकाली प्रधान बलविंदर सिंह काका, सीनियर उप प्रधान गुरमेल सिंह ठेकेदार, उप प्रधान गीता रानी, अकाली पार्षद गुरजंट सिंह, जगवीर कौर, गुरदीप सिंह सेखों, महिंदर कौर, गुरदीप सिंह दीपा, किरना रानी, मनजीत सिंह मिता, बख्शीश सिंह, सुरिंदर कुमार, जुगराज सिंह, रामेश राजी, मनदीप सिंह गोरा, आयुषी शर्मा व सौरव जिंदल ने अविश्वास प्रस्ताव डाला था।
विज्ञापन
इसको लेकर प्रधान खेमे व विरोधी पार्षदों के बीच क्लेश बढ़ गया है। कुछ समय पहले पंजाब सरकार ने मानसा में विकास कामों के लिए करीब 19 करोड़ की ग्रांट राशि भेजी है। प्रधान बलविंदर सिंह काका का कहना है कि पार्षदों की ओर से उनके विरुद्ध किया जा रहा प्रचार व प्रयास वास्तव में ग्रांट को हड़पने की कोशिश है। इसे वह किसी भी तरह सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने खुद उप मुख्यमंत्री से मांग की है कि उक्त ग्रांट से सभी विकास काम नगर काउंसिल के बजाय किसी अन्य एजेंसी या विभाग से करवाए जाएं।विपक्षी पार्षदों गुरमेल सिंह ठेकेदार, मनदीप सिंह गोरा ने प्रधान के उक्त आरोपों को नकारा है। उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा ने कहा कि नगर काउंसिल में पार्षदों की चल रही खींचतान के कारण शहर के विकास काम किसी अन्य एजेंसी से करवाने के बारे में विचार किया जा रहा है, जिस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।