फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   kidnapping case, accused threaten victim, ludhiana kidnapping case

बच्चे को अगवा न कर पाए तो सात दिन तक दी धमकियां

Sat, 18 Jun 2016 09:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sat, 18 Jun 2016 09:43 PM IST
विज्ञापन
सिविल लाइन इलाके में रहने वाली एक दिव्यांग महिला के पांच वर्षीय बच्चे को सात दिन पहले अगवा करने की कोशिश की गई। जब आरोपी अपहरण में विफल रहे तो सात दिन तक वह महिला को फोन पर उसके बेटे को अगवा करने की धमकियां देते रहे। 
विज्ञापन

शनिवार सुबह आरोपी पैसे लेने के लिए आए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी सीया राम (23), दिनेश कुमार (28) और आशीष कुमार (18) के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के चौथे साथी का नाम नहीं बताया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। 
विज्ञापन


डीसीपी ध्रुमन निंबले ने कहा कि मोनिका बत्ता की घर के बाहर ही डांस अकादमी है। उनके पति मुकेश कुमार का रेडीमेड गारमेंट का काम है। उनका साढ़े पांच साल का बेटा इलाके में ही स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है। गर्मी की छुट्टियां होने के कारण वह घर पर ही रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


11 जून की दोपहर को एक व्यक्ति घर में घुसा और सीधे मोनिका के कमरे में चला गया। उसने कहा कि वह अपनी ढाई साल की बच्ची को डांस सिखाना चाहता है। फिर वह उसके बेटे को ले जाने लगा तो मोनिका ने शोर मचा दिया। इस पर आरोपी उसके बेटे को छोड़कर फरार हो गए। मोनिका ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। 

इसके बाद आरोपी मोनिका के फोन पर उसे धमकियां देते थे कि वह उसे पांच लाख रुपये दे नहीं तो उसके बेटे को अगवा कर लिया जाएगा। इसके बाद पुलिस ने एसीपी नार्थ रमनीश चौधरी और एसीपी सेंट्रल अमनदीप सिंह बराड़ की अगवाई में दो जांच टीमें तैयार की। आरोपी जिस जगह पीड़ित परिवार को बुलाते, पुलिस उस इलाके को घेर लेती। आरोपी छह दिन तक सभी को घुमाते रहे।

शनिवार सुबह 11 बजे आरोपियों ने मोनिका को पैसे देने के लिए बुलाया था। वह आरोपियों की बताई जगह पर पैसे लेकर पहुंच गई। जब सीया राम और दिनेश पैसे लेने आए तो पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से बाइक भी बरामद कर ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर आरोपी आशीष को भी गिरफ्तार कर लिया। 

आशीष को सारे घर के बारे में था मालूम
डीसीपी ने कहा कि आरोपी आशीष मोनिका की पुरानी नौकरानी नीलम का बेटा था। नीलम ने करीब पांच साल पहले मोनिका के घर से काम छोड़ दिया था। आशीष उनके घर के बारे में सब कुछ जानता था। उसे मालूम था कि घर में कौन कौन है। कौन कब आता है और कब जाता है। उसी ने आरोपियों को बताया था कि मोनिका के घर का दरवाजा हर समय खुला रहता है और आसानी से बच्चे को अगवा कर पैसे ऐंठे जा सकते हैं। 

नशा तस्करी में पैर नहीं जमे तो की अपहरण की कोशिश
डीसीपी ने कहा कि आशीष शार्टकट तरीके से पैसा कमाना चाहता था। वह पढ़ाई करता था, लेकिन पैसा कमाने के चक्कर में उसने पढ़ाई भी छोड़ दी। उसने पहले आरोपियों के साथ मिलकर नशीला पदार्थ सप्लाई करने का धंधा शुरू किया, लेकिन पुलिस की सख्ती देख आरोपियों ने धंधा नहीं किया। आरोपियों ने उसके बाद किडनैपिंग की प्लानिंग बनाई।


आशीष ने ही आरोपियों को मोनिका बत्ता के बच्चे को अगवा करने की सलाह दी। डीसीपी ने कहा कि पूरे मामले की प्लानिंग फरार चल रहे चौथे आरोपी ने की थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed