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मां-बेटा खुदकुशी कांड में नामजद आढ़तियों की जमानत रद्द
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला
Updated Sat, 04 Jun 2016 10:04 PM IST
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कोर्ट
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गांव जोधपुर में बहुचर्चित मां बेटा खुदकुशी कांड में दोनों को खुदकुशी के लिए मजबूर करने के केस में नामजद व जेल में बंद दोनों आढ़तियों की जमानत अर्जी जिला सेशन जज हरपाल सिंह ने पूर्व सांसद व सुप्रसिद्ध फौजदारी वकील राजदेव सिंह खालसा की दलीलों से सहमति होते हुए रद्द कर दी हैं।
जानकारी के अनुसार बीते 26 अप्रैल को कर्ज में दबे मरहूम किसान दर्शन सिंह के बेटे बलजीत सिंह बल्लू व बलजीत की मां बलवीर कौर ने उस समय पुलिस की मौजूदगी में कीटनाशक दवा पीकर खुदकुशी कर ली थी, जब आढ़ती तेजा सिंह और बलजीत सिंह कैरों कोर्ट के आदेशानुसार किसान परिवार की जमीन के कब्जा लेने उनके गांव जोधपुर पहुंच गए थे।
आरोप था कि आढ़ती तेजा सिंह व बलजीत सिंह पुलिस की मौजूदगी में कोर्ट का कब्जा वारंट लेकर किसान परिवार के घर पहुंच गए और उन्हें जमीन पर कब्जे करने के लिए डराने धमकाने लगे।
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उधर कोर्ट के आदेशानुसार आढ़ती को किसान परिवार की जमीन का कब्जा दिलवाने के लिए जिले के एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना, डीएसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा व थाना सदर के प्रभारी नवदीप सिंह भारी पुलिस फोर्स सहित पहुंचे हुए।
अपनी जमीन जाती देखकर किसान बलजीत सिंह बल्लू व उसकी मां बलवीर कौर ने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कीटनाशक दवा पीकर अपनी जान दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने आढ़ती तेजा सिंह व बलजीत सिंह कैंरों पर खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर उन्हें जेल में बंद कर दिया था।
तेजा सिंह व बलवीर सिंह ने जमानत के लिए अदालत में अर्जी लगाई हुई थी। इस पर बहस करते हुए पूर्व सांसद व एडवोकेट राजदेव सिंह खालसा ने कहा कि आढ़ती तेजा सिंह व बलवीर सिंह कैरों ने किसान परिवार से सदस्यों बलजीत सिंह बल्लू व बलवीर कौर को मरने के लिए मजबूर किया इसलिए उनकी जमानतें नहीं होनी चाहिए।
खालसा की दलीलों से सहमति होते हुए जिला सेशन जज हरपाल सिंह ने दोनों आढ़तियों की जमानत रद्द कर दी। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संबंधी अभी जांच चल रही है।
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जानकारी के अनुसार बीते 26 अप्रैल को कर्ज में दबे मरहूम किसान दर्शन सिंह के बेटे बलजीत सिंह बल्लू व बलजीत की मां बलवीर कौर ने उस समय पुलिस की मौजूदगी में कीटनाशक दवा पीकर खुदकुशी कर ली थी, जब आढ़ती तेजा सिंह और बलजीत सिंह कैरों कोर्ट के आदेशानुसार किसान परिवार की जमीन के कब्जा लेने उनके गांव जोधपुर पहुंच गए थे।
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आरोप था कि आढ़ती तेजा सिंह व बलजीत सिंह पुलिस की मौजूदगी में कोर्ट का कब्जा वारंट लेकर किसान परिवार के घर पहुंच गए और उन्हें जमीन पर कब्जे करने के लिए डराने धमकाने लगे।
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उधर कोर्ट के आदेशानुसार आढ़ती को किसान परिवार की जमीन का कब्जा दिलवाने के लिए जिले के एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना, डीएसपी सिटी पलविंदर सिंह चीमा व थाना सदर के प्रभारी नवदीप सिंह भारी पुलिस फोर्स सहित पहुंचे हुए।
अपनी जमीन जाती देखकर किसान बलजीत सिंह बल्लू व उसकी मां बलवीर कौर ने पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में कीटनाशक दवा पीकर अपनी जान दे दी थी। इसके बाद पुलिस ने आढ़ती तेजा सिंह व बलजीत सिंह कैंरों पर खुदकुशी के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर उन्हें जेल में बंद कर दिया था।
तेजा सिंह व बलवीर सिंह ने जमानत के लिए अदालत में अर्जी लगाई हुई थी। इस पर बहस करते हुए पूर्व सांसद व एडवोकेट राजदेव सिंह खालसा ने कहा कि आढ़ती तेजा सिंह व बलवीर सिंह कैरों ने किसान परिवार से सदस्यों बलजीत सिंह बल्लू व बलवीर कौर को मरने के लिए मजबूर किया इसलिए उनकी जमानतें नहीं होनी चाहिए।
खालसा की दलीलों से सहमति होते हुए जिला सेशन जज हरपाल सिंह ने दोनों आढ़तियों की जमानत रद्द कर दी। गौरतलब है कि इस मामले में पुलिस की भूमिका संबंधी अभी जांच चल रही है।