फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   भ्रष्टाचार मामले में अदालत की ओर से सह आरोपी बनाए गए

भ्रष्टाचार मामले में अदालत की ओर से सह आरोपी बनाए गए

Mon, 26 Mar 2018 10:44 PM IST
Updated Mon, 26 Mar 2018 10:44 PM IST
विज्ञापन
भ्रष्टाचार मामले में अदालत की ओर से सह आरोपी बनाए गए
भ्रष्टाचार मामले में अदालत की ओर से सह आरोपी बनाए गए
विज्ञापन

पूर्व डीएसपी व इंस्पेक्टर एवं दोनों हवलदार नही हुए अदालत में पेश
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
करीब चार वर्ष पुराने भ्रष्टाचार के मामले में स्थानीय अदालत की ओर से बतौर सह आरोपी बनाए गए विजीलेंस के पूर्व डीएसपी जनक सिंह, ई ओ विंग के इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला, हवलदार राजवंत सिंह और हरजिंदर सिंह सोमवार को अदालत में पेश नही हुए । जिस के बाद अदालत ने एक बार फिर से चारों सह आरोपियों के नान बेलेबल वारंट जारी कर उक्त मामले की सुनवाई 12 अप्रैल निश्चित कर दी ।
इस संबंधी बातचीत करते हुए पीड़ित वकील पुजा उर्फ ईशा मिग्लानी ने बताया कि छह मार्च को स्थानीय अदालत ने उक्त चारों सह आरोपियों के नान बेलेबल वारंट जारी किए थे। वकील पूजा ने आरोप लगाया कि नान बेलेबल वारंट जारी होने के बावजूद भी जिला पुलिस अधिकारियों ने उक्त चारों सह आरोपियों को गिरफ्तार करना मुनासिब नही समझा। उन्होंने बताया कि ई ओ विंग का इंस्पेक्टर गुरदेव भल्ला 18 मार्च तक एसएसपी कार्यालय के साथ बने अपने ई ओ विंग के कार्यालय में डयूटी पर आता रहा लेकिन साहब की उस पर नजर नहीं पड़ी। वकील ने बताया इसी हवलदार राजवंत सिंह व हरजिंदर सिंह भी अपनी ड्यूटी पर आते रहे लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें भी गिरफ्तार नहीं किया। महिला वकील ने कहा कि पुलिस के बडे अधिकारियों की ओर से अदालत की ओर से सह आरोपी ठहराए गए चारों सह आरोपियों को गिरफ्तार न कर जिला पुलिस अधिकारियों ने अदालत की अवहेलना की है।
विज्ञापन

वकील ने आरोप लगाया एसएसपी नवीन सिंगला के ध्यान में उक्त मामला होने के बावजूद भी पुलिस अधिकारी मौजूदा समय में डयूटी पर तैनात तीनों सह आरोपियों छुट्टी दी। जिस से साफ जाहिर होता है कि पुलिस अधिकारी अपनों को बचाने के लिए अदालत की अवहेलना करने से भी गुरेज नही कर रहे । वकील ने बताया कि अदालत ने उक्त चारों सह आरोपियों को 26 मार्च को अदालत में पेश होने के लिए वारंट जारी किए थे लेकिन चारों आरोपी अदालत में पेश नही हुए । जिस के चलते अदालत ने 12 अप्रैल सुनवाई के लिए निश्चित कर दी है ।गौर हो कि वर्ष 2013 में विजीलेंस बठिंडा के उस समय के डीएसपी जनक सिंह और इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह भल्ला ने एक शैलर मालिक देव राज को एक केस में गिरफ्तार किया था ।जिस में उक्त अधिकारियों ने देवराज का रिमांड न लेने की एवज में उसके परिजनों से पचास हजार रुपये की रिश्वत लेने के लिए अपने कांस्टेबल किक्कर सिंह को शैलर मालिक के घर भेज दिया था। शैलर मालिक के परिजनों ने सबूतों के आधार पर रिशवत की रकम लेने आए हवलदार किक्कर सिंह के खिलाफ सितंबर 2013 में ही केस दर्ज करवा दिया था। चार वर्ष तक चली लंबी लड़ाई के बाद स्थानीय अदालत ने पीडित पक्ष की वकील की दलीलों से सहमत होते हुए उक्त चारों पुलिस वालों को सह आरोपी ठहराया। डीएसपी जनक सिंह अब मौजूदा समय में पुलिस विभाग से रिटायर्ड हो चुके है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed