{"_id":"59fdf1b04f1c1b0d698b96db","slug":"41509814704-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैटनरी इंस्पेक्टर के बेटे की निर्मम हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वैटनरी इंस्पेक्टर के बेटे की निर्मम हत्या
Updated Sat, 04 Nov 2017 10:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जानलेवा हमले में घायल वेटरिनरी इंस्पेक्टर के बेटे की मौत
- बस्सी पठाना में हथियारबंद लुटेरों ने 22 अक्तूबर को किया था बुरी तरह घायल
- कातिलों का सुराग नहीं, पीजीआई में उपचार के दौरान तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब/बस्सी पठाना।
22 अक्तूबर को हुए जानलेवा हमले में बुरी तरह घायल बस्सी पठाना के गांव कलौड़ निवासी सरकारी वेटरिनरी इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह के बेटे जसप्रीत सिंह ने आखिरकार दम तोड़ दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। घटना के बाद 12 दिन तक वह मौत से लड़ता रहा। उसका पीजीआई (चंडीगढ़) में इलाज चल रहा था।
मामले में अहम बात यह है कि पुलिस अब तक हमलावरों का सुराग लगा पाने में पूरी तरह नाकाम रही है। इस घटना के पीछे क्या कारण रहा। हमलावरों ने घटना को क्यों अंजाम दिया इसका अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस की ओर से हत्या का केस दर्ज किया जा चुका है।
मृतक जसप्रीत सिंह के पिता गुरदेव सिंह ने बताया कि वह बतौर वेटरिनरी इंस्पेक्टर बल्ला कलां रोपड़ में तैनात हैं। उसके दोनों बेटे गांव कलौड़ में चंडीगढ़ स्वीट शॉप नामक दुकान चलाते हैं। 22 अक्तूबर की दोपहर 12 बजे जसप्रीत सिंह अपने दो अन्य कारीगरों के साथ बाइक पर बस्सी पठाना में दुकान का सामान लेने आए थे। वापसी के समय कलौड़ बसी-खरड़ चर्च के नजदीक पहुंचते ही हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और जानलेवा हमला किया। जसप्रीत सिंह का साथी जगरूप सिंह मौके से बच निकलने में कामयाब रहा। उसने फोन से घटना की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने घायल जसप्रीत सिंह को सिविल अस्पताल भर्ती कराया। बाद में उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां 12 दिन तक चले इलाज के बाद दो नवंबर को उसकी मौत हो गई। पिता गुरदेव सिंह ने बताया कि हमलावर जसप्रीत सिंह का एपल फोन भी साथ ले गए।
विज्ञापन
मौत के 24 घंटे बाद पत्नी ने दिया बेटे को जन्म
परिजनों के मुताबिक जसप्रीत सिंह शादीशुदा था, उसकी मौत के 24 घंटे बाद उसकी गर्भवती पत्नी ने बेटे को जन्द दिया। पुलिस का कहना है कि जसप्रीत सिंह की पत्नी ने बस्सी पठाना पुलिस को तीन मोबाइल नंबर दिए हैं, जिसकी जांच चल रही है। मामले की जांच कर रहे एएसआई अमर सिंह ने बताया कि परिवार की ओर से दिए गए नंबरों की जांच की जा रही है। उन्हें शक है कि हमले की घटना को लेन-देन के विवाद में अंजाम दिया गया।
फोटो कैप्शन :04जीबीजीपी03 : मृतक जसप्रीत सिंह की फाईल फोटो व गमगीन अवस्था में परिवार के लोग।
विज्ञापन
- बस्सी पठाना में हथियारबंद लुटेरों ने 22 अक्तूबर को किया था बुरी तरह घायल
- कातिलों का सुराग नहीं, पीजीआई में उपचार के दौरान तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब/बस्सी पठाना।
22 अक्तूबर को हुए जानलेवा हमले में बुरी तरह घायल बस्सी पठाना के गांव कलौड़ निवासी सरकारी वेटरिनरी इंस्पेक्टर गुरदेव सिंह के बेटे जसप्रीत सिंह ने आखिरकार दम तोड़ दिया। हमलावरों ने उसे घेरकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। घटना के बाद 12 दिन तक वह मौत से लड़ता रहा। उसका पीजीआई (चंडीगढ़) में इलाज चल रहा था।
मामले में अहम बात यह है कि पुलिस अब तक हमलावरों का सुराग लगा पाने में पूरी तरह नाकाम रही है। इस घटना के पीछे क्या कारण रहा। हमलावरों ने घटना को क्यों अंजाम दिया इसका अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है। हालांकि पुलिस की ओर से हत्या का केस दर्ज किया जा चुका है।
विज्ञापन
मृतक जसप्रीत सिंह के पिता गुरदेव सिंह ने बताया कि वह बतौर वेटरिनरी इंस्पेक्टर बल्ला कलां रोपड़ में तैनात हैं। उसके दोनों बेटे गांव कलौड़ में चंडीगढ़ स्वीट शॉप नामक दुकान चलाते हैं। 22 अक्तूबर की दोपहर 12 बजे जसप्रीत सिंह अपने दो अन्य कारीगरों के साथ बाइक पर बस्सी पठाना में दुकान का सामान लेने आए थे। वापसी के समय कलौड़ बसी-खरड़ चर्च के नजदीक पहुंचते ही हथियारबंद हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और जानलेवा हमला किया। जसप्रीत सिंह का साथी जगरूप सिंह मौके से बच निकलने में कामयाब रहा। उसने फोन से घटना की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचकर परिजनों ने घायल जसप्रीत सिंह को सिविल अस्पताल भर्ती कराया। बाद में उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया, जहां 12 दिन तक चले इलाज के बाद दो नवंबर को उसकी मौत हो गई। पिता गुरदेव सिंह ने बताया कि हमलावर जसप्रीत सिंह का एपल फोन भी साथ ले गए।
विज्ञापन
मौत के 24 घंटे बाद पत्नी ने दिया बेटे को जन्म
परिजनों के मुताबिक जसप्रीत सिंह शादीशुदा था, उसकी मौत के 24 घंटे बाद उसकी गर्भवती पत्नी ने बेटे को जन्द दिया। पुलिस का कहना है कि जसप्रीत सिंह की पत्नी ने बस्सी पठाना पुलिस को तीन मोबाइल नंबर दिए हैं, जिसकी जांच चल रही है। मामले की जांच कर रहे एएसआई अमर सिंह ने बताया कि परिवार की ओर से दिए गए नंबरों की जांच की जा रही है। उन्हें शक है कि हमले की घटना को लेन-देन के विवाद में अंजाम दिया गया।
फोटो कैप्शन :04जीबीजीपी03 : मृतक जसप्रीत सिंह की फाईल फोटो व गमगीन अवस्था में परिवार के लोग।