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पी आर टी सी डराईवर के साथ मारपीट करने वाले एस आई व गलत मेडिकल करने वाले डाक्टर पर चौबीस घंटे
Updated Fri, 29 Jun 2018 10:32 PM IST
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कोर्ट ने दिए एसआई और डॉक्टर पर केस दर्ज करने के आदेश
एसआई पर पीआरटीसी ड्राइवर को पीटने और डाक्टर पर उसका गलत मेडिकल करने का है आरोप
अदालत ने पुलिस को जारी किए आदेश, एसएसपी बोले-अदालत के ऑर्डर पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। गांव दौलतपुरा निवासी पीआरटीसी ड्राइवर कुलविंदर सिंह को एक रात अवैध हिरासत में रख उसकी पिटाई करने पर कोर्ट ने सीआईए स्टाफ-2 के प्रभारी एसआई तरजिंदर सिंह और पीड़ित का गलत मेडिकल करने के आरोप में सिविल अस्पताल के डॉक्टर हरमीत सिंह पर पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा अदालत ने आर्डर में सिविल सर्जन बठिंडा को डॉक्टर हरमीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं एसएसपी नवीन सिंगला का कहना है कि मजिस्ट्रेट के ऑर्डर पर एडिशनल सेशन जज ने रोक लगा दी है। इसलिए अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं बनती है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
अदालत ने एसएसपी को दिए आदेश में कहा है कि पूरी कार्रवाई के बाद एफआईआर के साथ पूरी रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। गौर हो कि 26 जून को पीड़ित ड्राइवर कुलविंदर सिंह को एक मामले में अदालत में पेश करने के बाद थाना बालियांवाली पुलिस सीआईए स्टाफ टू बठिंडा में छोड़ गई थी। जहां सीआईए स्टाफ-2 के प्रभारी लोकल रैंक प्राप्त एसआई तरजिंदर सिंह ने साथियों के साथ ड्राइवर को बुरी तरह पीटा था। जानकारी के अनुसार जिले के गांव दौलतपुरा में रविवार को पुलिस व गांव वालों के बीच झड़प हुई थी। जिसकी वीडियो ड्राइवर कुलविंदर सिंह बना रहा था तो मौके पर पहुंची थाना बालियांवाली पुलिस के साथ ड्राइवर की बहस हो गई। इसके बाद 25 जून को शाम जब कुलविंदर सिंह ड्यूटी से वापस घर पहुंचा तो थाना बालियांवाली पुलिस ने उसे हत्या के प्रयास के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया और 26 जून को ड्राइवर कुलविंदर सिंह को जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत में एएसआई बलवंत सिंह ने आरोपी के पुलिस रिमांड मांगा तो जज ने आदेश दिए कि उसे अगले दिन 27 जून को अदालत में पेश किया जाए और पुलिस हिरासत में उसे एक खरोंच तक न आए।
पुलिस ने की आदेशों की अवहेलना
कोर्ट के आदेश के बाद थाना बालियांवाली पुलिस आरोपी को थाने ले जाने के बजाय सीआईए स्टाफ टू बठिंडा में छोड़ गई। जहां सीआईए स्टाफ टू के प्रभारी एसआई तरजिंदर सिंह ने साथियों के साथ ड्राइवर को जमकर पीटा। बुधवार को जब पुलिस ड्राइवर को अदालत में पेश करने ले जा रही थी तो उससे पहले सिविल अस्पताल बठिंडा के डाक्टर हरमीत सिंह से मेडिकल करवाया। जहां पर डाक्टर ने नियमों को तक पर रखकर सही मेडिकल के बजाय पुलिस के साथ मिलकर गलत रिपोर्ट तैयार कर दी। जब ड्राइवर को अदालत में पेश किया गया तो ड्राइवर ने पिटाई के बारे में जज को बता दिया।
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कोर्ट ने दोबारा कराया मेडिकल, फिर दिए कार्रवाई के आदेश
पुलिस करतूत के बाद जज ने फिर से पुलिस को कुलविंदर सिंह का मेडिकल कराने के आदेश दिए। इसके बाद सिविल अस्पताल बठिंडा के तीन डाक्टरों गुरमेल सिंह, विरेश्वर चावला, धीरज गोयल ने कुलविंदर का मेडिकल कराया तो सामने आया कि सीआईए स्टाफ टू की पुलिस ने ड्राइवर को पीटा है। मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही जज ने एसआई तरजिंदर सिंह और डाक्टर हरमीत सिंह पर पुलिस को 24 घंटे में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
दोनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
बठिंडा के सिविल सर्जन डाक्टर हरि नारायण से अदालत के आदेशों संबंधी बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत के आदेश मिल चुके हैं। इसी आधार पर डाक्टर हरमीत सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
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एसआई पर पीआरटीसी ड्राइवर को पीटने और डाक्टर पर उसका गलत मेडिकल करने का है आरोप
अदालत ने पुलिस को जारी किए आदेश, एसएसपी बोले-अदालत के ऑर्डर पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। गांव दौलतपुरा निवासी पीआरटीसी ड्राइवर कुलविंदर सिंह को एक रात अवैध हिरासत में रख उसकी पिटाई करने पर कोर्ट ने सीआईए स्टाफ-2 के प्रभारी एसआई तरजिंदर सिंह और पीड़ित का गलत मेडिकल करने के आरोप में सिविल अस्पताल के डॉक्टर हरमीत सिंह पर पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा अदालत ने आर्डर में सिविल सर्जन बठिंडा को डॉक्टर हरमीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। वहीं एसएसपी नवीन सिंगला का कहना है कि मजिस्ट्रेट के ऑर्डर पर एडिशनल सेशन जज ने रोक लगा दी है। इसलिए अब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं बनती है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
अदालत ने एसएसपी को दिए आदेश में कहा है कि पूरी कार्रवाई के बाद एफआईआर के साथ पूरी रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। गौर हो कि 26 जून को पीड़ित ड्राइवर कुलविंदर सिंह को एक मामले में अदालत में पेश करने के बाद थाना बालियांवाली पुलिस सीआईए स्टाफ टू बठिंडा में छोड़ गई थी। जहां सीआईए स्टाफ-2 के प्रभारी लोकल रैंक प्राप्त एसआई तरजिंदर सिंह ने साथियों के साथ ड्राइवर को बुरी तरह पीटा था। जानकारी के अनुसार जिले के गांव दौलतपुरा में रविवार को पुलिस व गांव वालों के बीच झड़प हुई थी। जिसकी वीडियो ड्राइवर कुलविंदर सिंह बना रहा था तो मौके पर पहुंची थाना बालियांवाली पुलिस के साथ ड्राइवर की बहस हो गई। इसके बाद 25 जून को शाम जब कुलविंदर सिंह ड्यूटी से वापस घर पहुंचा तो थाना बालियांवाली पुलिस ने उसे हत्या के प्रयास के आरोपों में गिरफ्तार कर लिया और 26 जून को ड्राइवर कुलविंदर सिंह को जिला मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत में एएसआई बलवंत सिंह ने आरोपी के पुलिस रिमांड मांगा तो जज ने आदेश दिए कि उसे अगले दिन 27 जून को अदालत में पेश किया जाए और पुलिस हिरासत में उसे एक खरोंच तक न आए।
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पुलिस ने की आदेशों की अवहेलना
कोर्ट के आदेश के बाद थाना बालियांवाली पुलिस आरोपी को थाने ले जाने के बजाय सीआईए स्टाफ टू बठिंडा में छोड़ गई। जहां सीआईए स्टाफ टू के प्रभारी एसआई तरजिंदर सिंह ने साथियों के साथ ड्राइवर को जमकर पीटा। बुधवार को जब पुलिस ड्राइवर को अदालत में पेश करने ले जा रही थी तो उससे पहले सिविल अस्पताल बठिंडा के डाक्टर हरमीत सिंह से मेडिकल करवाया। जहां पर डाक्टर ने नियमों को तक पर रखकर सही मेडिकल के बजाय पुलिस के साथ मिलकर गलत रिपोर्ट तैयार कर दी। जब ड्राइवर को अदालत में पेश किया गया तो ड्राइवर ने पिटाई के बारे में जज को बता दिया।
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कोर्ट ने दोबारा कराया मेडिकल, फिर दिए कार्रवाई के आदेश
पुलिस करतूत के बाद जज ने फिर से पुलिस को कुलविंदर सिंह का मेडिकल कराने के आदेश दिए। इसके बाद सिविल अस्पताल बठिंडा के तीन डाक्टरों गुरमेल सिंह, विरेश्वर चावला, धीरज गोयल ने कुलविंदर का मेडिकल कराया तो सामने आया कि सीआईए स्टाफ टू की पुलिस ने ड्राइवर को पीटा है। मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही जज ने एसआई तरजिंदर सिंह और डाक्टर हरमीत सिंह पर पुलिस को 24 घंटे में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
दोनों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
बठिंडा के सिविल सर्जन डाक्टर हरि नारायण से अदालत के आदेशों संबंधी बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अदालत के आदेश मिल चुके हैं। इसी आधार पर डाक्टर हरमीत सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।