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बहन के प्रेमी ने ही मारी थी मनप्रीत को गोलियां

Sat, 14 Jul 2018 10:24 PM IST
Updated Sat, 14 Jul 2018 10:24 PM IST
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बहन के प्रेमी ने ही मारी थी मनप्रीत को गोलियां
बहन के प्रेमी ने ही मारी थी मनप्रीत को गोलियां
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पीड़ित के पिता का ड्राइवर है आरोपी सतनाम सिंह बाबा, जायदाद के लिए बहन मरवाना चाहती थी भाई को
संबंधों के बीच भी मनप्रीत बन रहा था रुकावट, वारदात के लिए एक दोस्त लाइसेंसी रिवाल्वर और दूसरे से ली बाइक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। हैबोवाल के चूहड़पुर रोड पर दुकानदार मनप्रीत सिंह को गोलियां किसी और ने नहीं बल्कि उसके पिता के ड्राइवर और बहन के प्रेमी सतनाम सिंह बाबा ने अपने साथी के साथ मिलकर मारी थी। मनप्रीत आरोपी सतनाम सिंह और बहन एनीप्रीत के संबंधों के बीच रुकावट बन रहा था। इसी कारण आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के लिए अपने एक दोस्त से 32 बोर का लाइसेंसी रिवाल्वर और एक दोस्त से बाइक ली। मौका देखकर आरोपी ने वारदात को अंजाम दे डाला। अच्छी खबर यह है कि आरोपी अपने मनसूबे में कामयाब नहीं हो सके और मनप्रीत को डॉक्टरों ने बचा लिया। पुलिस ने इस मामले में गुरदासपुर के गांव घुमाण निवासी आरोपी सतनाम सिंह और उसके दोस्त अमृतसर के गांव सदोके निवासी जसबीर सिंह उर्फ जस्सी, लाइसेंसी रिवाल्वर देने वाले अमृतसर के गांव कोट महताब निवासी सुखदेव सिंह और बाइक देने वाले जश्नजोत सिंह को गिरफ्तार किया है। सतनाम सिंह बाबा के साथ वारदात की प्लानिंग में शामिल उसकी प्रेमिका और पीड़ित मनप्रीत की बहन एनीप्रीत को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी को अलग अलग जगहों से गिरफ्तार किया है। शनिवार इन्हें अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पति की मौत के बाद आई थी मायके, इस बीच बने प्रेम संबंध
पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि मनप्रीत और एनीप्रीत दोनों भाई बहन थे। एनीप्रीत की कुछ समय पहले शादी हुई थी। शादी के बाद मनप्रीत ही अपने पिता नौरंग सिंह की करोड़ों की जायदाद का मालिक था। एनीप्रीत के पति की बीमारी के कारण मौत हो गई। पति की मौत के कुछ समय बाद ही वह अपने पिता के घर रहने के लिए आ गई। सतनाम सिंह बाबा नौरंग सिंह का ड्राइवर था। जनवरी में बाबा और एनीप्रीत के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों को मालूम था कि मनप्रीत सिंह उनके संबंधों को स्वीकार नहीं करेगा। इसके बाद उन्होंने उसे साइड करने की प्लानिंग बनाई।
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भाई की मौत के बाद खुद बनना चाहती थी मालिक
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि एनीप्रीत अपने पिता की जायदाद हड़पना चाहती थी। मनप्रीत अकेला पिता की जायदाद का मालिक था। एनीप्रीत ने संबंधों के आड़े आने पर और जायदाद हड़पने के लिए भाई मनप्रीत को साइड करने की प्लानिंग बनाई। ताकि मनप्रीत को मौत के घाट उतारकर करोड़ों की जायदाद का मालिक बना जा सके।
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एक दोस्त का लाइसेंसी रिवाल्वर तो दूसरे की ली बाइक
मनप्रीत को मौत के घाट उतारने के लिए आरोपी बाबा ने अपने दोस्त जसवीर जस्सी को साथ मिलाया। उसने जस्सी की सहायता से अपने दोस्त सुखदेव सिंह को लाइसेंसी रिवाल्वर .32 बोर हासिल किया। उसके बाद उन्होंने जश्नजोत से उसकी बाइक ली और कहा कि वह उसे अगले दिन लौटा देगा। हथियार और बाइक लेकर आरोपी वारदात वाले दिन रात नौ बजे दुकान के पास पहुंच गए। मनप्रीत ने दुकान बंद की और गाड़ी में सामान रखा। जब वह घर जाने के लिए गाड़ी में बैठने लगा तो आरोपियों ने उस पर तीन गोलियां चलाई। एक गोली छू कर निकल गई तो दूसरी खाली गई। तीसरी गोली मनप्रीत के पेट में जाकर लगी। आरोपी उसे मृत समझ कर वहां से चले गए। गोलियों की आवाज सुन लोग पहुंचे और मनप्रीत को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मनप्रीत को बचा लिया और अब उसकी हालत खतरे से बाहर है।

ऐसे हत्थे चढ़े आरोपी
वारदात के बाद पुलिस ने जांच के लिए टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मनप्रीत की बहन एनीप्रीत पति की मौत के बाद यहां रह रही है। पुलिस को उस पर शक हुआ तो उससे पूछताछ की गई। पहले तो उसने पुलिस को कुछ बताया नहीं जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारी कहानी सामने रख दी। जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को अलग अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया।
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