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एन आर आई ने थाना केनाल प्रभारी पर लगाया झुठा केस दर्ज करने का आरोप
Updated Mon, 09 Apr 2018 10:32 PM IST
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एनआरआई ने लगाया झूठा केस दर्ज करने का आरोप
थाना प्रभारी पर बच्चें की थर्ड डिग्री का भी लग चुका आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
थाना केनाल प्रभारी पर एक एनआरआई ने झूठा केस दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। इस थाना प्रभारी पर पहले भी एक नाबालिग बच्चे को थर्ड डिग्री टार्चर करने के आरोप लग चुके हैं। जिसके तहत थाना कोतवाली प्रभारी से बदलकर पीएपी के इंस्पेक्टर दविंदर सिंह को थाना केनाल का प्रभारी लगाया गया था।
शहर के लाइनपार क्षेत्र गोपाल नगर में रहने वाले एनआरआई बलजीत सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि वह किराएदारों से किराया लेने गया तो उस पर झूठे आरोप लगाए गए और थाना केनाल पुलिस ने उस पर झूठा मामला दर्ज कर लिया। उसने एसएसपी बठिंडा को शिकायत देकर इंसाफ मांगते हुए मामला रद्द करने की गुहार लगाई और बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से किराएदार ने किराया नहीं दिया, जब मांगा तो मारपीट पर उतर आए।
एनआरआई ने बताया कि यही नहीं किराए पर रहने वाली महिला ने उस पर छेड़छाड़ के आरोप लगाकर थाने में मामला भी दर्ज करवा दिया। पुलिस ने बिना जांच के झूठा मामला दर्ज कर लिया। यहां तक कि 25 फरवरी को वह किराया लेने गया तो उससे मारपीट की और उसने स्वयं को कमरे में बंद कर जान बचाई। 100 नंबर पर फोन भी किया लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। 17 मार्च को महिला किराएदार ने उसके खिलाफ पुलिस से सांठगांठ कर मामला दर्ज करा दिया। जिस कारण वह लगभग 15 दिन जेल में रहा व 5 अप्रैल को जमानत पर रिहा होकर बाहर आया। उसने उच्च अधिकारियों से मांग की उसके खिलाफ दर्ज झूठे मामले को रद्द किया जाए, ताकि उसे इंसाफ मिले।
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थाना केना प्रभारी दविंदर सिंह पर लगाए गए आरोपों संबंधी जब थाना प्रभारी के मोबाइल पर फोन किया गया तो एएसआई मेजर सिंह ने फोन उठाते हुए कहा कि थाना प्रभारी चंडीगढ़ हुए है। इन आरोपों संबंधी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
पुलिस पर लगाए आरोप बेबुनियाद : एएसआई
थाना कैनाल में तैनात एएसआई प्रकाश सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह पर राजकुमारी ने किराया मांगने के बहाने अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था। जांच के बाद मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले बलजीत सिंह ने उक्त महिला से एक लाख रुपये लिए थे और कहा कि वह इसे तीन वर्ष में दोगुने कर देगा, लेकिन उसने पैसे वापस नहीं किए। बलजीत ने यह पैसा क्राउन कंपनी में निवेश किया था जो अब फरार हो चुकी है। जांच अधिकारी ने बताया कि बलजीत सिंह पर कनाडा में भी अपनी पत्नी से मारपीट का मामला दर्ज हुआ था और वह 6 महीने जेल में रहा। वह अब पुलिस पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।
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थाना प्रभारी पर बच्चें की थर्ड डिग्री का भी लग चुका आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
थाना केनाल प्रभारी पर एक एनआरआई ने झूठा केस दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। इस थाना प्रभारी पर पहले भी एक नाबालिग बच्चे को थर्ड डिग्री टार्चर करने के आरोप लग चुके हैं। जिसके तहत थाना कोतवाली प्रभारी से बदलकर पीएपी के इंस्पेक्टर दविंदर सिंह को थाना केनाल का प्रभारी लगाया गया था।
शहर के लाइनपार क्षेत्र गोपाल नगर में रहने वाले एनआरआई बलजीत सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि वह किराएदारों से किराया लेने गया तो उस पर झूठे आरोप लगाए गए और थाना केनाल पुलिस ने उस पर झूठा मामला दर्ज कर लिया। उसने एसएसपी बठिंडा को शिकायत देकर इंसाफ मांगते हुए मामला रद्द करने की गुहार लगाई और बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष से किराएदार ने किराया नहीं दिया, जब मांगा तो मारपीट पर उतर आए।
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एनआरआई ने बताया कि यही नहीं किराए पर रहने वाली महिला ने उस पर छेड़छाड़ के आरोप लगाकर थाने में मामला भी दर्ज करवा दिया। पुलिस ने बिना जांच के झूठा मामला दर्ज कर लिया। यहां तक कि 25 फरवरी को वह किराया लेने गया तो उससे मारपीट की और उसने स्वयं को कमरे में बंद कर जान बचाई। 100 नंबर पर फोन भी किया लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। 17 मार्च को महिला किराएदार ने उसके खिलाफ पुलिस से सांठगांठ कर मामला दर्ज करा दिया। जिस कारण वह लगभग 15 दिन जेल में रहा व 5 अप्रैल को जमानत पर रिहा होकर बाहर आया। उसने उच्च अधिकारियों से मांग की उसके खिलाफ दर्ज झूठे मामले को रद्द किया जाए, ताकि उसे इंसाफ मिले।
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थाना केना प्रभारी दविंदर सिंह पर लगाए गए आरोपों संबंधी जब थाना प्रभारी के मोबाइल पर फोन किया गया तो एएसआई मेजर सिंह ने फोन उठाते हुए कहा कि थाना प्रभारी चंडीगढ़ हुए है। इन आरोपों संबंधी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
पुलिस पर लगाए आरोप बेबुनियाद : एएसआई
थाना कैनाल में तैनात एएसआई प्रकाश सिंह ने बताया कि बलजीत सिंह पर राजकुमारी ने किराया मांगने के बहाने अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया था। जांच के बाद मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष पहले बलजीत सिंह ने उक्त महिला से एक लाख रुपये लिए थे और कहा कि वह इसे तीन वर्ष में दोगुने कर देगा, लेकिन उसने पैसे वापस नहीं किए। बलजीत ने यह पैसा क्राउन कंपनी में निवेश किया था जो अब फरार हो चुकी है। जांच अधिकारी ने बताया कि बलजीत सिंह पर कनाडा में भी अपनी पत्नी से मारपीट का मामला दर्ज हुआ था और वह 6 महीने जेल में रहा। वह अब पुलिस पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है।