Punjab Jails : बड़े गैंगस्टरों का सुरक्षित ठिकाना बना केंद्रीय जेल, अंदर से ही कर रहे हैं सारा गैंग ऑपरेट, चल रहे हैं धड़ल्ले से फोन
गैंगस्टरों के लिए केंद्रीय जेल सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही हैं। जेलों में इकट्ठा हो सारे गैंगस्टर अगली बड़ी वारदातों की प्लानिंग करते हैं। बड़े गैंग लीडर जेल के अंदर से ही सारा गैंग ऑपरेट कर रहे हैं। जेलों के अंदर धड़ल्ले से फोन चल रहे हैं।
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वारदात के बाद पुलिस को सुराग तो मिलते हैं कि जेल से गैंग आपरेट हो रहा था, लेकिन पुलिस कुछ भी नहीं कर पाती। पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के तार भी अंत में जाकर जेल से ही जुड़ रहे हैं, इसके बावजूद भी पंजाब पुलिस के हाथ अभी तक पूरी तरह से खाली हैं। पंजाब सरकार दावा करती है कि जेलों को सही तरीके में सुधार घर बनाया जा रहा है, लेकिन यह सुधार घर असल में एक बार अंदर जाने वाले किसी भी अपराधी को पूरी तरह से बिगाड़ रही है।
जेलों में धड़ल्ले से मोबाइल फोन चल रहे हैं और पूरा कारोबार चल रहा है। इतना ही नहीं कई अधिकारी कह चुके हैं कि जेलों में जो भी आपत्तिजनक चीज मिलती है तो उसमें मुलाजिमों की मिलीभगत होती है, लेकिन आज तक किसी भी मुलाजिम का नाम सामने नहीं आया। हर बार मामला आने के कुछ समय बाद ठंडे बस्ते में चला जाता है। अगर किसी गैंगस्टर को बाहर किसी से ज्यादा खतरा हो जाता है तो उसका आका उसे आत्मसमर्पण करने या फिर पुलिस के हाथ लगने की सलाह देकर जेल में पहुंचने का आदेश जारी कर देता है। फिर वहां से दूसरे गुट के सदस्यों को ठिकाने लगाने की पूरी प्लानिंग शुरू हो जाती है।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या की कहानी भी तिहाड़ जेल से ही लिखी गई
पंजाब में कई ऐसी जेल हैं जो हाई सिक्योरिटी जेल कही जाती हैं। इन जेलों में कई बड़े अपराधी बंद हैं, वे अंदर अपनी ही दुनिया चला रहे हैं। दिल्ली की तिहाड़ जेल भी पूरी तरह से हाई सिक्योरिटी जेल है। मगर क्राइम की दुनिया के बेताज बादशाह कहे जाने वाले गैंगस्टर तिहाड़ जेल में बैठकर कई बड़ी कहानियां लिख रहे हैं कि बाहर किस वारदात को कैसे अंजाम देना है। अगर बात की जाए पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की तो उसकी मौत की कहानी भी दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही बैठकर लिखी गई है।
यह कहानी किसी और ने नहीं बल्कि इस समय के सबसे ताकतवर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथियों ने लिखी थी। दिल्ली की तिहाड़ जेल में लॉरेंस बिश्नोई के साथ जग्गू भगवानपुरिया भी वहीं बंद है और उन दोनों में भी काफी अच्छी दोस्ती है। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के तुरंत बाद ही लॉरेंस बिश्नोई के पेज से इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ले ली गई थी। इसके अलावा अगर बात की जाए तो उसके भांजे सचिन बिश्नोई ने भी इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। कई ऐसे नामी गैंगस्टर हैं जो जेल के अंदर से सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लगातार एक दूसरे को धमका रहे हैं।
धड़ल्ले से चल रहे हैं पंजाब की जेलों में मोबाइल फोन
केंद्रीय सुधार घर कहे जाने वाली पंजाब की जेलों में धड़ल्ले से हर गैर कानूनी काम हो रहे हैं। बड़े नामी गैंगस्टर और नामी तस्कर जेल में ही बैठ कर अपना कारोबार चला रहे हैं। गैंगस्टर अपने गुर्गों को आदेश जारी कर रहे हैं कि किससे रंगदारी लानी है और किससे कब वसूली करनी है। इसके अलावा किसे कब दुनिया से चलता करना है सब जेल में ही प्लानिंग होती है। इसके अलावा नशे का सबसे बड़ा कारोबार जेलों से चल रहा है। कई बार पंजाब पुलिस ने नशा तस्करों को पकड़ा और बाद में पता चलता है कि उसका आका जेल में है और वहीं से उसे आदेश जारी हो रहे हैं।