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Ludhiana News: खन्ना के ट्राॅमा सेंटर में बने बर्न वार्ड, फिर भी मरीज हो रहे रेफर

Sat, 13 Jul 2024 09:04 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jul 2024 09:04 PM IST
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Burn ward built in Khanna's trauma center
खन्ना। कुछ साल पहले अकाली-भाजपा की सरकार के दौरान सरकार की मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांत चावला दोबारा खन्ना सरकारी अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर का उद्घाटन 2010 में किया गया था। इस ट्रॉमा सेंटर में एक बर्न वार्ड भी बनाया गया था। खन्ना में केस ज्यादा होने के कारण ट्राॅमा सेंटर में बर्न वार्ड ऱखा गया था, ताकि मरीज को रेफर करने के वजह उसका इलाज यहीं पर हो सके, क्योंकि बर्निंग मरीज के पास ज्यादा समय नहीं होता। उस वार्ड में खन्ना के मौजूदा एसएमओ डॉक्टर वसीन का दफ्तर बना हुआ है। हैरान करने वाली बात है कि अगर ट्राॅमा सेंटर में बर्न वार्ड बनाया गया था, तो उसका उपयोग क्यों नही किया गया। उसे चालू क्यों नहीं किया गया। जानकारों की कहना है बर्न वार्ड चालू करने के लिए सिर्फ तीन से चार एसी लगाने होते हैं। बाकी इलाज के लिए सर्जन डॉक्टर की जरूरत होती है। सरकारी अस्पताल में चार से पांच सर्जन डाॅक्टर मौजूद रहते हैं। यह सब उस समय ट्रॉमा सेंटर को दिए गए थे, उन्होंने कहा यह सरकारी अस्पताल खन्ना की बहुत बड़ी लापरवाही है, सरकार को इन से जवाब मांगना चाहिए कि जब आपके यहां बर्न वार्ड बनाया गया था तो आपने उसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया। क्यों लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
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वहीं, दूसरी और खन्ना सरकारी अस्पताल में बेड की कमी के कारण कुछ समय पहले ही एक नई बिल्डिंग बनाई भी गई थी। उस बिल्डिंग में एसएमओ के दो ऑफिस बनाए गए थे। सूत्रों का कहना है अगर नई बिल्डिंग में एसएमओ के दो ऑफिस बने हुए हैं।
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कुछ माह पहले ही खन्ना के नजदीकी गांव में एक हादसे के दौरान दो बच्चे आग में झुलस गए थे। पहले उन बच्चों को फतेहगढ़ साहिब के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। इलाज न मिलने वह बच्चे को मंडी गोबिंदगढ़ के सरकारी अस्पताल लाया गया। वहां भी इलाज नहीं मिला। बच्चों को लेकर जब खन्ना के सरकारी अस्पताल पहुंचे तो सही समय पर इलाज न मिलने के कारण एक बच्चे की मौत हो गई थी, जबकि दूसरे बच्चे को खन्ना सरकारी अस्पताल से रेफर करना पड़ा, जिसकी हालत भी बहुत ज्यादा गंभीर थी। जिस परिवार के बच्चे थे, वह बहुत गरीब परिवार था।
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ट्राॅमा में बना बर्न वार्ड चालू होता, बच सकती थी जान
अगर खन्ना सरकारी अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बनाए गए बर्न वार्ड को चालू कर दिया जाता तो आज बच्चे जिंदा होते। इस लापरवाही पर पंजाब सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि आगे से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ ना करें। एसएमओ डॉक्टर मनिंदर सिंह वसीन ने कहा कि बर्न वार्ड इसीलिए शुरू नहीं किया गया था, क्योंकि यहां पर प्लास्टिक सर्जन डॉक्टर नहीं है।
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