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भाखड़ा नहर में गिरी कार, तैरकर फौजी ने बचाई जान, पिता और बुआ को नहीं बचा पाया

Sun, 16 Feb 2020 09:46 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ ( पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, रोपड़ ( पंजाब) Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 16 Feb 2020 09:46 AM IST
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Brother and sister died in accident in Ropar
नहर से कार को बाहर निकालते हुए गोताखोर व लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

जिला के गांव आलोवाल के पास भाखड़ा नहर में कार गिरने से भाई-बहन की मौत हो गई। वहीं कार चालक फौजी ने तैरकर जान बचाई। हादसा शनिवार को दोपहर ढाई बजे के करीब कार का संतुलन बिगड़ने से हुआ। नहर से बाहर निकले फौजी सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह अपने पिता हरबंस सिंह और बुआ गीता देवी को कार में बैठाकर घनौली से गांव आलोवाल जा रहा था।

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नहर के किनारे कार का संतुलन बिगड़ गया। इससे कार नहर में जा गिरी। जलंधर में तैनात 8 सिखली रेजीमेंट के हवलदार सुखविंदर सिंह निवासी दशमेश कालोनी घनौली ने बताया कि उसके पिता हरबंस सिंह पथरी की बीमारी से पीड़त थे और वह उसके घर आये हुए थे। उन्हें दर्द होने लगा, जिस वजह से वह आराम करने लगे।
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इतने में उसकी बुआ गीता देवी पत्नी राम दयाल निवासी बद्दी (हिमाचल प्रदेश) भी उसके घर आ गईं। वह दोनों को इंडिगो कार में बैठाकर गांव आलोवाल लेकर जा रहा था। इसी दौरान उसका भाई प्रदीप सिंह भी बाइक पर आगे जा रहा था।

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भाखड़ा नहर के किनारे कार का संतुलन बिगड़ गया और बेकाबू कार नहर में गिर गई। सुखविंदर सिंह ने बताया कि कार का ड्राइवर साइड का शीशा खुला था। इससे वह कार नहर में गिरते ही बाहर निकल गया और साथ वाली सीट पर बैठी उसकी बुआ गीता देवी भी गिर गई। उसने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया।

बुआ गीता देवी ने पहले अपने भाई हरबंस सिंह को बाहर निकालने की जिद की। वह दोनो को बाहर नहीं निकाल पाया। सुखविंदर सिंह ने बताया कि कार पानी के तेज बहाव में बह रही थी तो वह तैरकर नहर से बाहर निकल आया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की सहायता से दोनोें की की तलाश शुरू कर दी। देर शाम दोनों के शव और कार को भी नहर में से बाहर निकाल लिया गया। हरबंस सिंह थर्मल प्लांट में काम करते थे।

नहर किनारे रेलिंग न होने से पहले भी हुए हादसे
नहर के किनारे रैलिंग न होने के कारण पहले भी कई हादसे हो चुके है। कई वाहन नहर में गिर चुके है। गांववासियों ने कहा कि वह सरकार और जिला प्रशासन से कई बार नहर के किनारे रेलिंग लगाने की मांग कर चुके हैं। उनकी मांग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। नहर सड़क के बिलकुल बराबर है। इससे वाहन नहर में गिर रहे हैं।

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