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बाल भिखारियों की संख्या रोकने को बनेगी टास्क फोर्स
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 01 Jul 2016 09:54 PM IST
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भिखारी
- फोटो : demo
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बाल अधिकार सुरक्षा आयोग पंजाब ने सूबे में सार्वजनिक जगहों पर बाल भिखारियों की बढ़ रही संख्या का गंभीर नोटिस लिया है। इस संबंध में एक्शन प्लान तैयार करके सभी जिलों के डीसी को टास्क फोर्स का गठन करने, बाल भिखारियों की गिनती के बारे में तिमाही रिपोर्ट भेजने और गोद में बच्चे उठा कर भीख मांगने वाली महिलाओं की वेरिफिकेशन कराने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में डीसी को जारी पत्र का हवाला देते हुए आयोग के चेयरमैन सुकेश कालिया ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों पर भीख मांगने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। यह गंभीर मुद्दा है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 76 के तहत बच्चों से भीख मंगवाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
आयोग ने सूबे में बाल भीख प्रथा को खत्म करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। इसे लागू करने के लिए सभी डीसी को निर्देश दिए गए हैं। टास्क फोर्स बनाने, तीन माह में रिपोर्ट देने के अलावा यह हिदायत भी की गई है कि बच्चों को भीख मंगवाने वाले गिरोह का परदाफाश करके उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। गोद में बच्चा उठा कर भीख मांगने वाली महिलाओं की पड़ताल की जाए कि उक्त बच्चे उनके अपने हैं या भीख मांगने के लिए बच्चों का शोषण किया जा रहा है।
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इस संबंध में डीसी को जारी पत्र का हवाला देते हुए आयोग के चेयरमैन सुकेश कालिया ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्रों पर भीख मांगने वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है। यह गंभीर मुद्दा है। जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 की धारा 76 के तहत बच्चों से भीख मंगवाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।
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आयोग ने सूबे में बाल भीख प्रथा को खत्म करने के लिए एक्शन प्लान तैयार किया है। इसे लागू करने के लिए सभी डीसी को निर्देश दिए गए हैं। टास्क फोर्स बनाने, तीन माह में रिपोर्ट देने के अलावा यह हिदायत भी की गई है कि बच्चों को भीख मंगवाने वाले गिरोह का परदाफाश करके उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। गोद में बच्चा उठा कर भीख मांगने वाली महिलाओं की पड़ताल की जाए कि उक्त बच्चे उनके अपने हैं या भीख मांगने के लिए बच्चों का शोषण किया जा रहा है।
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