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बादल ने बयां किया दर्द
अमर उजाला, गिद्दड़बाहा (मुक्तसर)।
Updated Thu, 10 Oct 2013 11:38 PM IST
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गिद्दड़बाहा में वीरवार को गिद्दड़बाहा हलके में संगत दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के चेहरे पर पीजीआईएमईआर सेटेलाइट सेंटर संगरूर के नींव पत्थर समारोह में न्योता न दिए जाने की तल्खी साफ नजर आई।
बेशक मुख्यमंत्री बादल ने इस दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा नींव पत्थर समारोह में उन्हें न बुलाए जाने पर कोई फर्क न पड़ने की बात कही, मगर मुख्यमंत्री के शब्द दिल में छिपी पीड़ा को स्पष्ट जाहिर कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर तो नहीं, मगर गोल-मोल तरीके से राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद के समारोह में न बुलाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री केंद्र पर ऐसे केंद्रीय समारोह में राज्यों को न्योता न भेजने के आरोप लगाते रहे।
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संगत दर्शन कार्यक्रम के तहत गांव लूंडेवाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार का विपक्षी पार्टियों वाली राज्य सरकारों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार केंद्र और राज्यों के संबंधों को बिगाड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेता विकास प्रोजेक्टों के नींव पत्थर रखने के मौके पर राज्य सरकारों को अनदेखा कर देते हैं। ऐसा कर केंद्रीय नेता मुल्क के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाना चाह रहे हैं।
चाहे उत्तर प्रदेश हो या पंजाब, दोनों ही राज्यों के कांग्रेस नेता केंद्रीय समागमों में राज्य सरकारों की अनदेखी करके सियासी मनोरथ सिद्ध करना चाह रहे हैं।
ऐसा सिर्फ लोक सभा चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं को लुभाने के लिए किया जा रहा है। संगरूर में आयोजित समारोह में न बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें समारोह में न बुलाए जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता और न ही उन्हें इस बात की कोई परवाह है।
बादल ने कांग्रेसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेसियों को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि ऐसे प्रोजेक्टों पर खर्चा जाने वाला रुपया राज्यों से ही करों के रूप में वसूला जाता है। इस पर राज्यों का अधिकार है।
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बेशक मुख्यमंत्री बादल ने इस दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा नींव पत्थर समारोह में उन्हें न बुलाए जाने पर कोई फर्क न पड़ने की बात कही, मगर मुख्यमंत्री के शब्द दिल में छिपी पीड़ा को स्पष्ट जाहिर कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट तौर पर तो नहीं, मगर गोल-मोल तरीके से राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद के समारोह में न बुलाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। मुख्यमंत्री केंद्र पर ऐसे केंद्रीय समारोह में राज्यों को न्योता न भेजने के आरोप लगाते रहे।
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संगत दर्शन कार्यक्रम के तहत गांव लूंडेवाला में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार का विपक्षी पार्टियों वाली राज्य सरकारों के साथ दुश्मनों जैसा व्यवहार केंद्र और राज्यों के संबंधों को बिगाड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय नेता विकास प्रोजेक्टों के नींव पत्थर रखने के मौके पर राज्य सरकारों को अनदेखा कर देते हैं। ऐसा कर केंद्रीय नेता मुल्क के संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाना चाह रहे हैं।
चाहे उत्तर प्रदेश हो या पंजाब, दोनों ही राज्यों के कांग्रेस नेता केंद्रीय समागमों में राज्य सरकारों की अनदेखी करके सियासी मनोरथ सिद्ध करना चाह रहे हैं।
ऐसा सिर्फ लोक सभा चुनाव के मद्देनजर मतदाताओं को लुभाने के लिए किया जा रहा है। संगरूर में आयोजित समारोह में न बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें समारोह में न बुलाए जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता और न ही उन्हें इस बात की कोई परवाह है।
बादल ने कांग्रेसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेसियों को यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि ऐसे प्रोजेक्टों पर खर्चा जाने वाला रुपया राज्यों से ही करों के रूप में वसूला जाता है। इस पर राज्यों का अधिकार है।