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Ludhiana News: जागरूकता व सख्ती से बाजारों में चीनी डोर के विक्रेताओं पर कसा शिकंजा
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संवाद न्यूज़ एजेंसी
अमृतसर । राज्य में चीनी डोर पर लगे प्रतिबंध के बाद अब चीनी डोर के विक्रेताओं पर शिकंजा कसने लगा है। लोहड़ी को लेकर अब पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है, इसलिए दुकानदारों का भी मानना है कि बाजारों में बरेली, ब्लैक पैंथर कॉटन, 12 तार पांडा स्पेशल मांझा 500 से 1000 में बिक रही है। झब्बाल रोड में मांझे वाली डोर बनाने वाले लाल चंद ने कहा कि यह चीनी डोर नहीं है। इस प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल मछली पकड़ने वाला जाल बनाने में होता है। अगर पुरानी बात करें तो चीन से भी आती थी, लेकिन अब लुधियाना में बनने लगी है। इसका इस्तेमाल पतंगबाजी में किया जाने लगा है, लेकिन फिर भी प्रशासन की सख़्ती के चलते इस बार उनकी सामान्य डोर की बिक्री 25 फीसदी हुई है, उन्हें पूरी उम्मीद है कि पुलिस और प्रशासन अगर जून-जुलाई में ही इसको लेकर सख्त कदम उठाए तो आने वाले कुछ सालों में चाइनीज डोर पूरी तरह से मार्केट से खत्म हो जाएगी।
प्रशासन के काउंटर पर सिर्फ 4 लोगों ने ही बदली डोर
चीनी डोर पर सख्ती को लेकर जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल के तहत चाइना डोर बदलकर धागे की डोर मुफ्त ले जाने का विशेष काउंटर खोला था। हालांकि, इस काउंटर पर सिर्फ 4 लोग ही डोर को बदलने के लिए पहुंचे। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि चीनी डोर लोगों के लिए घातक है। जो लोग चाइना डोर बेच रहे हैं या उपयोग कर रहे हैं उनके बारे में बताने वाले को 25,000 रुपये तक का इनाम भी दिया जाएगा और उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। इस संबंध में टोल फ्री नंबर 1800-180-2810 जारी किया गया है।
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अमृतसर । राज्य में चीनी डोर पर लगे प्रतिबंध के बाद अब चीनी डोर के विक्रेताओं पर शिकंजा कसने लगा है। लोहड़ी को लेकर अब पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है, इसलिए दुकानदारों का भी मानना है कि बाजारों में बरेली, ब्लैक पैंथर कॉटन, 12 तार पांडा स्पेशल मांझा 500 से 1000 में बिक रही है। झब्बाल रोड में मांझे वाली डोर बनाने वाले लाल चंद ने कहा कि यह चीनी डोर नहीं है। इस प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल मछली पकड़ने वाला जाल बनाने में होता है। अगर पुरानी बात करें तो चीन से भी आती थी, लेकिन अब लुधियाना में बनने लगी है। इसका इस्तेमाल पतंगबाजी में किया जाने लगा है, लेकिन फिर भी प्रशासन की सख़्ती के चलते इस बार उनकी सामान्य डोर की बिक्री 25 फीसदी हुई है, उन्हें पूरी उम्मीद है कि पुलिस और प्रशासन अगर जून-जुलाई में ही इसको लेकर सख्त कदम उठाए तो आने वाले कुछ सालों में चाइनीज डोर पूरी तरह से मार्केट से खत्म हो जाएगी।
प्रशासन के काउंटर पर सिर्फ 4 लोगों ने ही बदली डोर
चीनी डोर पर सख्ती को लेकर जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल के तहत चाइना डोर बदलकर धागे की डोर मुफ्त ले जाने का विशेष काउंटर खोला था। हालांकि, इस काउंटर पर सिर्फ 4 लोग ही डोर को बदलने के लिए पहुंचे। डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी ने कहा कि चीनी डोर लोगों के लिए घातक है। जो लोग चाइना डोर बेच रहे हैं या उपयोग कर रहे हैं उनके बारे में बताने वाले को 25,000 रुपये तक का इनाम भी दिया जाएगा और उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। इस संबंध में टोल फ्री नंबर 1800-180-2810 जारी किया गया है।
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