{"_id":"57d92a924f1c1bbf24d47afa","slug":"arrest-drug-smugglers-crime-punjab-news-ludhiana","type":"story","status":"publish","title_hn":"शार्टकट तरीके से पैसा कमाने के लिए बन गए नशा तस्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शार्टकट तरीके से पैसा कमाने के लिए बन गए नशा तस्कर
ब्यूरो,अमर उजाला/लुधियाना
Updated Wed, 14 Sep 2016 04:16 PM IST
विज्ञापन
Arrest
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के बीएससी, एमएससी, एग्रीकल्चर एवं पीएचडी की शिक्षा हासिल कर रहे विद्यार्थियों ने मंगलवार को भी अपना संघर्ष जारी रखा।
पीएयू से रोष मार्च निकालकर फिरोजपुर रोड पर कुछ देर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने तहसीलदार पूर्वी मनदीप ढिल्लों व कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल के हेड एनएस धालीवाल को ज्ञापन सौंपा।
अकाली भाजपा सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी उनको रेगुलर आधार पर नौकरी नहीं मिलती तो इस तरह की शिक्षा प्राप्त करने का क्या फायदा। सरकार को चाहिए कि इस तरह के कोर्स व डिग्री कॉलेज व यूनिवर्सिटियों को बंद कर देना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब के खेतीबाड़ी, बागवानी व भूमि रक्षा विभाग में सैकड़ों की संख्या में पद खाली पड़े हुए हैं। इन पदों को रेगुलर आधार पर भरने के लिए बीएससी, एमएससी एग्रीकल्चरल व पीएचडी विद्यार्थी को ही पहल दी जाए न कि ठेकेदारी सिस्टम को प्रमोट कर उनके अधिकारों पर डाका डाला जाए। विद्यार्थियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर अमल नहीं किया जाता, संघर्ष जारी रहेगा।
विज्ञापन
पीएयू से रोष मार्च निकालकर फिरोजपुर रोड पर कुछ देर जाम लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। आंदोलनकारी विद्यार्थियों ने तहसीलदार पूर्वी मनदीप ढिल्लों व कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल के हेड एनएस धालीवाल को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
अकाली भाजपा सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी उनको रेगुलर आधार पर नौकरी नहीं मिलती तो इस तरह की शिक्षा प्राप्त करने का क्या फायदा। सरकार को चाहिए कि इस तरह के कोर्स व डिग्री कॉलेज व यूनिवर्सिटियों को बंद कर देना चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस समय पंजाब के खेतीबाड़ी, बागवानी व भूमि रक्षा विभाग में सैकड़ों की संख्या में पद खाली पड़े हुए हैं। इन पदों को रेगुलर आधार पर भरने के लिए बीएससी, एमएससी एग्रीकल्चरल व पीएचडी विद्यार्थी को ही पहल दी जाए न कि ठेकेदारी सिस्टम को प्रमोट कर उनके अधिकारों पर डाका डाला जाए। विद्यार्थियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर अमल नहीं किया जाता, संघर्ष जारी रहेगा।