अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाला: पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को भेजा जेल, विजिलेंस ने मांगी थी और रिमांड
विजिलेंस ने अदालत के सामने अब तक की जांच के संबंध में बताया और तीन दिन की पुलिस रिमांड बढ़ाने की बात की। इसके बाद अदालत ने याचिका स्वीकार नहीं की और पूर्व मंत्री को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला किया।
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अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में गिरफ्तार पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु की विजिलेंस पुलिस रिमांड बुधवार को खत्म हो गई, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बुधवार को पूर्व मंत्री का आठ दिन का रिमांड खत्म होने के बाद चौथी बार अदालत में पेश किया गया। विजिलेंस की टीम ने भारत भूषण आशु को दोपहर साढ़े तीन बजे के बजाय ढाई बजे ही अदालत में पेश कर दिया।
विजिलेंस ने अदालत के सामने अब तक की जांच के संबंध में बताया और तीन दिन की पुलिस रिमांड बढ़ाने की बात की। इसके बाद अदालत ने याचिका स्वीकार नहीं की और पूर्व मंत्री को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला किया। विजिलेंस की टीम उन्हें कड़ी सुरक्षा में सिविल अस्पताल लेकर पहुंची, जहां से उन्हें सेंट्रल जेल लुधियाना भेज दिया गया। मगर वहां सुरक्षा की दृष्टि के साथ-साथ जगह न होने का तर्क दिया और उन्हें नाभा जेल भेज दिया गया। अब भारत भूषण आशु का ठिकाना नाभा जेल बना है।
पहले कयास लगाए जा रहे थे कि पूर्व मंत्री को करीब साढ़े तीन बजे अदालत में पेश किया जाएगा, लेकिन विजिलेंस की टीम करीब ढाई बजे ही पूर्व मंत्री को लेकर अदालत में पहुंच गई। उन्हें अंदर ले जाया गया और पांच मिनट बाद उनके केस की बारी आई। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने सारे केस के बारे में बताया और तीन दिन की पुलिस रिमांड बढ़ाने की बात की। इसके बाद विजिलेंस ने तर्क दिया कि अभी प्रापर्टियों की जांच होनी बाकी है। मगर अदालत ने अधिकारियों से कागजात के बारे में पूछा तो वह कोई जवाब नहीं दे सके तो अदालत की तरफ से आशु को ज्युडिशियल रिमांड पर भेजने के आदेश जारी कर दिए गए।
बर्खास्त डीएसपी सेखों ने फिर किया आशु के खिलाफ प्रदर्शन
भारत भूषण आशु के कट्टर विरोधी बर्खास्त डीएसपी बलविंदर सेखों बुधवार को फिर अदालत परिसर के बाहर पहुंच गए। उन्होंने अपने साथियों के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री आशु के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सभी ने आशु के खिलाफ आपत्तिजनक बोल बोले। इस बीच विजिलेंस टीम आशु को लेकर बाहर पहुंची और सीधे गाड़ी में बिठाकर वहां से ले गई।
पार्षद सन्नी भल्ला और कारोबारी हेमंत सूद फिर पहुंचे विजिलेंस दफ्तर
विजिलेंस अधिकारियों की तरफ से बुलावे पर कांग्रेसी पार्षद और पूर्व मंत्री के सबसे नजदीकी साथी सन्नी भल्ला फिर से विजिलेंस दफ्तर पहुंचे। उनसे पहले कारोबारी हेमंत सूद भी विजिलेंस दफ्तर पहुंचे थे, जहां वह अधिकारियों से मिले और उनके सवालों के जवाब दिए। इस दौरान उन्होंने कागजात जो विजिलेंस की तरफ से मांगे गए थे वह जमा करवा दिए।
पार्षद सन्नी भल्ला ने कहा कि उनसे जो-जो कागजात प्रापर्टी संबंधी या उनके परिवार संबंधी मंगवाए गए थे उन्होंने जमा करवा दिया है। वह अब तक छह बार विजिलेंस दफ्तर में आ चुके हैं और विजिलेंस अधिकारियों की तरफ से जो सवाल उनसे पूछे गए थे, उनके जवाब दे दिए हैं। अब जांच चल रही है बाकी वह कुछ नहीं बता सकते कि क्या पूछा और उन्होंने क्या जवाब दिया।