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Ludhiana News: आम आदमी क्लीनिक स्टाफ ने मांगी नौकरी की गारंटी
Fri, 02 Oct 2026 05:36 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Fri, 02 Oct 2026 05:36 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बठिंडा। आम आदमी क्लीनिकों में कार्यरत स्टाफ ने शुक्रवार को नौकरी की गारंटी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान की कोठी का घेराव किया जाएगा। यह घोषणा आम आदमी क्लीनिक साझा फ्रंट पंजाब के बैनर तले की गई।
स्टाफ में मेडिकल ऑफिसर, क्लीनिकल असिस्टेंट और फार्मासिस्ट शामिल हैं। फ्रंट ने कहा कि वे दिहाड़ी मजदूरों की तरह काम कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें ठेके पर लाया जाए और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इससे सरकार बदलने पर भी उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी। कर्मचारियों ने वेतन और इंसेंटिव में बढ़ोतरी की भी मांग की। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से महंगाई बढ़ने के बावजूद वेतन नहीं बढ़ा है। रविवार और सरकारी छुट्टियों का वेतन काटे जाने पर भी रोष व्यक्त किया गया। उन्होंने पूरे 365 दिनों का वेतन देने की मांग की। यात्रा भत्ता भी मांगा गया है।
साझा फ्रंट नेताओं ने सरकार पर पक्की नौकरी के वादे से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इम्पैनलमेंट शब्द से नौकरी की अनिश्चितता बढ़ी है। दिल्ली में सरकार बदलने के बाद स्टाफ हटाए जाने का उदाहरण देते हुए, पंजाब के 4,300 से अधिक कर्मचारियों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। फ्रंट ने चेतावनी दी कि यदि 12 अक्तूबर तक मसला हल नहीं हुआ, तो संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने सुनवाई न होने पर आम आदमी क्लीनिकों की सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप करने की भी चेतावनी दी।
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बठिंडा। आम आदमी क्लीनिकों में कार्यरत स्टाफ ने शुक्रवार को नौकरी की गारंटी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 12 अक्तूबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान की कोठी का घेराव किया जाएगा। यह घोषणा आम आदमी क्लीनिक साझा फ्रंट पंजाब के बैनर तले की गई।
स्टाफ में मेडिकल ऑफिसर, क्लीनिकल असिस्टेंट और फार्मासिस्ट शामिल हैं। फ्रंट ने कहा कि वे दिहाड़ी मजदूरों की तरह काम कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि उन्हें ठेके पर लाया जाए और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इससे सरकार बदलने पर भी उनकी नौकरी सुरक्षित रहेगी। कर्मचारियों ने वेतन और इंसेंटिव में बढ़ोतरी की भी मांग की। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से महंगाई बढ़ने के बावजूद वेतन नहीं बढ़ा है। रविवार और सरकारी छुट्टियों का वेतन काटे जाने पर भी रोष व्यक्त किया गया। उन्होंने पूरे 365 दिनों का वेतन देने की मांग की। यात्रा भत्ता भी मांगा गया है।
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साझा फ्रंट नेताओं ने सरकार पर पक्की नौकरी के वादे से मुकरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इम्पैनलमेंट शब्द से नौकरी की अनिश्चितता बढ़ी है। दिल्ली में सरकार बदलने के बाद स्टाफ हटाए जाने का उदाहरण देते हुए, पंजाब के 4,300 से अधिक कर्मचारियों ने अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। फ्रंट ने चेतावनी दी कि यदि 12 अक्तूबर तक मसला हल नहीं हुआ, तो संगरूर में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने सुनवाई न होने पर आम आदमी क्लीनिकों की सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए ठप करने की भी चेतावनी दी।
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