विधवा मां के सामने मुसीबत: नशे की लत से पागल हो गया इकलौता बेटा, इलाज के पैसे नहीं, अब पेड़ से बांधना पड़ा
पंजाब के लुधियाना में एक विधवा मां के सामने संकट का पहाड़ खड़ा हो गया। नशे ने विधवा मां का सुकून तक छीन लिया। पति की मौत के बाद नशे की लत की वजह से इकलौता बेटा मानसिक संतुलन खो बैठा। विधवा मां के पास इलाज तक के पैसे नहीं हैं। गांव में बेटा लोगों को मारने लगा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद मजबूरन बेटे को जंजीर के सहारे पेड़ से बांधना पड़ा।
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नशे के कारण मानसिक संतुलन खो चुके इकलौते 28 वर्षीय बेटे को गांव सियाला निवासी एक मां उसे घर में लगे पेड़ से बांधने के लिए मजबूर है। नशे के कारण बेटा घर का सारा सामान तक बेच चुका है, अब नशा न मिलने के कारण मानसिक संतुलन खो बैठा है। इसलिए ग्रामीणों पर हमला कर देता है। बेटे से परेशान मां ने आखिरकार उसे जंजीर से घर में लगे पेड़ से बांध दिया।
मामला सोशल मीडिया पर चलने के बाद रविवार को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वह युवक को अपने साथ ले गई, उसे समराला के नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती कराया गया है। जहां अब उसका मुफ्त में उपचार होगा। गांव सिहाला निवासी चरणजीत कौर बताती हैं कि उनके पति की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है। इकलौता बेटा भाग सिंह करीब दो साल पहले गांव के कुछ नशेड़ियों के साथ गलत संगत में पड़ गया और नशे का इतना आदी हो गया कि घर से पैसा चोरी कर नशा खरीदने लगा। इसके बाद घर में रखे सामान को बेचना शुरू कर दिया।
अब कुछ समय से नशा करने के लिए पैसा नहीं मिल रहा था तो वह अजीब हरकतें करने लगा। नशा न मिलने के कारण वह गांव के लोगों पर हमला करने लगा था। उसके इलाज के लिए उनके पास पैसा नहीं था। ऐसे में गांव वाले बार-बार उसकी शिकायत करते थे। उसने इस मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए बेटे को जंजीर के जरिये पेड़ से बांध दिया। ताकी वह हर समय उनकी नजर में रहे। बेटा धीरे धीरे मौत के मुंह में जा रहा है लेकिन वह इसके लिए कुछ नहीं कर पा रही हैं।
सरकार के दावे खोखले
गांव के पूर्व सरपंच रमेश कुमार का कहना है सत्ता में आने से पहले सरकार ने नशा खत्म करने के बड़े दावे किए थे। हालात ये हैं कि तीन हजार आबादी वाले उनके गांव में हर चौथे घर में एक नशा करने वाला मिल जाएगा। गांव में नशा लगातार बढ़ रहा है। न तो पुलिस प्रशासन और न ही सरकार इस तरफ ध्यान दे रही है। 2 दिन पहले ही एक युवक की नशे के कारण मौत हो गई। यहां ऐसे कई घर हैं, जहां नशे के कारण लोग दम तोड़ चुके हैं। इस पर लगाम लगाने के लिए वह लगातार आवाज उठा रहे हैं।
हमें भाग सिंह के बारे में आज ही पता चला है, उसे घर से लेने के लिए एक टीम को भेजा गया है। भाग सिंह को समराला स्थित नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती करवाकर उपचार किया जाएगा। वह कोशिश कर रहे हैं कि उसके उपचार पर होने वाला खर्च सरकार की तरफ से किया जाए, ताकी परिवार पर बोझ न पड़े। -डॉ. तारकजोत सिंह, एसएमओ समराला।