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लाखों संगतें खालसे की जन्म स्थलि पर हुई नतमस्तक
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लाखों संगत खालसे की जन्मस्थली पर हुई नतमस्तक
अमर उजाला ब्यूरो
आनंदपुर साहिब। खालसा पंथ के स्थापना दिवस और बैसाखी के पावन त्योहार के मौके तीन दिन में लाखों की संख्या में तख्त श्री केसगढ़ साहिब में संगत नतमस्तक हुई। इस दौरान पूरी गुरु नगरी खालसाई रंग में रंगी हुई नजर आ रही थी। रविवार सुबह के समय तख्त श्री केसगढ़ साहिब में खालसा स्थापना दिवस और बैसाखी के मौैके पर 12 अप्रैल को रखे श्री अखंड साहिब पाठ के भोग डाले गए। इस अवसर पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी फूला सिंह ने अरदास की। इसके उपरांत तख्त श्री केसगढ़ साहिब में धार्मिक दीवान सजाए गए। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघवीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने इस पावन स्थान पर खालसा पंथ की स्थापना की। इस मौके पर तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी फूला सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मेंबर भाई अमरजीत सिंह चावला, मेंबर सुरिंदर सिंह ने भी संगत के साथ अपने विचार साझा किए।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब समेत किला आनंदगढ़ साहिब, किला फतेहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब, किला लोहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा भोरा साहिब, गुरुद्वारा शहीदी बाग साहिब में सुबह के समय ही भारी संख्या में संगत तख्त श्री केसगढ़ साहिब के सरोवर में स्नान कर माथा टेकने लाइनों में लगे हुए देखे गए। शनिवार देर शाम और रविवार पूरा दिन जो बोले सो निहाल सत् श्री अकाल के जयकारे गूंजते रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
आनंदपुर साहिब। खालसा पंथ के स्थापना दिवस और बैसाखी के पावन त्योहार के मौके तीन दिन में लाखों की संख्या में तख्त श्री केसगढ़ साहिब में संगत नतमस्तक हुई। इस दौरान पूरी गुरु नगरी खालसाई रंग में रंगी हुई नजर आ रही थी। रविवार सुबह के समय तख्त श्री केसगढ़ साहिब में खालसा स्थापना दिवस और बैसाखी के मौैके पर 12 अप्रैल को रखे श्री अखंड साहिब पाठ के भोग डाले गए। इस अवसर पर तख्त श्री केसगढ़ साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी फूला सिंह ने अरदास की। इसके उपरांत तख्त श्री केसगढ़ साहिब में धार्मिक दीवान सजाए गए। तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी रघवीर सिंह ने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने इस पावन स्थान पर खालसा पंथ की स्थापना की। इस मौके पर तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी फूला सिंह, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मेंबर भाई अमरजीत सिंह चावला, मेंबर सुरिंदर सिंह ने भी संगत के साथ अपने विचार साझा किए।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब समेत किला आनंदगढ़ साहिब, किला फतेहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा सीसगंज साहिब, किला लोहगढ़ साहिब, गुरुद्वारा भोरा साहिब, गुरुद्वारा शहीदी बाग साहिब में सुबह के समय ही भारी संख्या में संगत तख्त श्री केसगढ़ साहिब के सरोवर में स्नान कर माथा टेकने लाइनों में लगे हुए देखे गए। शनिवार देर शाम और रविवार पूरा दिन जो बोले सो निहाल सत् श्री अकाल के जयकारे गूंजते रहे।
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