{"_id":"5b2e6e1a4f1c1bb06e8b96f3","slug":"81529769498-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संगरूर के अस्पताल में एनथीसीया का इंजेक्शन है, डाक्टर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संगरूर के अस्पताल में एनथीसीया का इंजेक्शन है, डाक्टर नहीं
Updated Sat, 23 Jun 2018 09:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आपरेशन से पहले बेहोश करने के एवज में वसूल दो हजार
संगरूर के अस्पताल में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन है, डाक्टर नहीं
जसवीर सिंह भट्टी
संगरूर। स्थानीय सिविल अस्पताल में एनेस्थीसिया (बेहोशी) का इंजेक्शन तो है लेकिन उसे लगाने वाला डाक्टर नहीं। ऐसे में आपरेशन से पहले बेहोश करने के बदले लोगों से 2 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पर स्थित इस सिविल अस्पताल में शहर के ही नहीं बल्कि जिले से बड़ी तदाद में लोग इलाज कराने आते हैं। इलाज के बदले उन्हें आर्थिक लूट का शिकार होना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया का डाक्टर ही नहीं है, ऐसे में ऑपरेशन से पहले बेहोशी का टीका लगाने के लिए बाहर से डाक्टर बुलाना पड़ता है और मरीजों से 1500 से 2000 रुपये तक लिए जाते हैं।
सर्जिकल वार्ड में भर्ती संगरूर निवासी दीपक जिसकी टांग का आपरेशन हुआ है, ने बताया कि आपरेशन से पहले उससे 1500 रुपये यह कहकर ले लिए गए कि बेहोशी का टीका लगाने के लिए डाक्टर नहीं है। जो डाक्टर बाहर से आएगा उसे 1500 रुपये देने हैं। उसने बताया कि वह गरीब परिवार से है और हलवाई की दुकान पर काम करता था। लेकिन एक हादसे के बाद वह काम भी नहीं कर पा रहा है। आर्थिक तौर पर कमजोर होने के कारण वह प्राइवेट इलाज कराने में असमर्थ था। इसलिए सिविल अस्पताल में आया किंतु यहां भी प्राइवेट जितना खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इसी वार्ड में भर्ती एक लड़की की बजुर्ग मां ने बताया कि उनकी बेटी का रसौली का आपरेशन हुआ है। आपरेशन से पहले बेहोश करने के बदले डाक्टरों ने उससे 2000 रुपये लिए। सर्जिकल वार्ड में मौजूद भर्ती अन्य मरीजों ने भी उनसे यह इंजेक्शन लगाने के बदले पैसे लेने की बात कहकर अपना दुखड़ा रोया।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. कृपाल सिंह ने कहा कि अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया का डाक्टर नहीं है। हालांकि समय समय पर वे यहां डाक्टर तैनात करने के लिए विभाग के अधिकारियों को लिखकर भेजते रहे हैं।
सिविल सर्जन मनजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लगने वाले इस टीके की अदायगी अस्पताल की तरफ से की जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में यह टीका तो है किंतु इसे लगाने वाला डाक्टर नहीं है। उन्होंने भरोसा देते कहा कि वह इस बारे में उच्च अधिकारियों को लिखकर भेजेंगे।
फोटो:23एसजीआरपी01:संगरूर के सिविल अस्पताल में स्थित ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे लोग।
विज्ञापन
संगरूर के अस्पताल में एनेस्थीसिया का इंजेक्शन है, डाक्टर नहीं
जसवीर सिंह भट्टी
संगरूर। स्थानीय सिविल अस्पताल में एनेस्थीसिया (बेहोशी) का इंजेक्शन तो है लेकिन उसे लगाने वाला डाक्टर नहीं। ऐसे में आपरेशन से पहले बेहोश करने के बदले लोगों से 2 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला मुख्यालय पर स्थित इस सिविल अस्पताल में शहर के ही नहीं बल्कि जिले से बड़ी तदाद में लोग इलाज कराने आते हैं। इलाज के बदले उन्हें आर्थिक लूट का शिकार होना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया का डाक्टर ही नहीं है, ऐसे में ऑपरेशन से पहले बेहोशी का टीका लगाने के लिए बाहर से डाक्टर बुलाना पड़ता है और मरीजों से 1500 से 2000 रुपये तक लिए जाते हैं।
विज्ञापन
सर्जिकल वार्ड में भर्ती संगरूर निवासी दीपक जिसकी टांग का आपरेशन हुआ है, ने बताया कि आपरेशन से पहले उससे 1500 रुपये यह कहकर ले लिए गए कि बेहोशी का टीका लगाने के लिए डाक्टर नहीं है। जो डाक्टर बाहर से आएगा उसे 1500 रुपये देने हैं। उसने बताया कि वह गरीब परिवार से है और हलवाई की दुकान पर काम करता था। लेकिन एक हादसे के बाद वह काम भी नहीं कर पा रहा है। आर्थिक तौर पर कमजोर होने के कारण वह प्राइवेट इलाज कराने में असमर्थ था। इसलिए सिविल अस्पताल में आया किंतु यहां भी प्राइवेट जितना खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
इसी वार्ड में भर्ती एक लड़की की बजुर्ग मां ने बताया कि उनकी बेटी का रसौली का आपरेशन हुआ है। आपरेशन से पहले बेहोश करने के बदले डाक्टरों ने उससे 2000 रुपये लिए। सर्जिकल वार्ड में मौजूद भर्ती अन्य मरीजों ने भी उनसे यह इंजेक्शन लगाने के बदले पैसे लेने की बात कहकर अपना दुखड़ा रोया।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. कृपाल सिंह ने कहा कि अस्पताल में लंबे समय से एनेस्थीसिया का डाक्टर नहीं है। हालांकि समय समय पर वे यहां डाक्टर तैनात करने के लिए विभाग के अधिकारियों को लिखकर भेजते रहे हैं।
सिविल सर्जन मनजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के लगने वाले इस टीके की अदायगी अस्पताल की तरफ से की जा रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में यह टीका तो है किंतु इसे लगाने वाला डाक्टर नहीं है। उन्होंने भरोसा देते कहा कि वह इस बारे में उच्च अधिकारियों को लिखकर भेजेंगे।
फोटो:23एसजीआरपी01:संगरूर के सिविल अस्पताल में स्थित ऑपरेशन थिएटर के बाहर बैठे लोग।