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सात किसान यूनियनों और सरकार में नहीं बनी सहमति
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सरकार से वार्ता टूटी, किसान यूनियन ने लगाया जाम
फिरोजपुर रोड पर चार घंटे डटे रहे किसान, पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। बैंक द्वारा किसानों को कर्ज देते समय लिए जाने वाले खाली चेक को लेकर बुधवार देर शाम किसान यूनियन और सरकार के बीच शुरू वार्ता बिना फैसले के ही टूट गई। सरकार द्वारा किसानों का पक्ष नहीं लेने पर वीरवार को सात किसान यूनियनों ने शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले फिरोजपुर रोड पर जाम लगा दिया। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रोड पर ट्रैफिक जाम किया गया। नतीजतन पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। लोगों को एक किलोमीटर का सफर तय करने में 30 मिनट से ज्यादा का समय लगा। सात किसान यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर लुधियाना में पक्के तौर पर मोरचा लगा रखा है।
भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के महासचिव जगमोहन सिंह के अनुसार बुधवार शाम को सरकार की तरफ से सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधवाना ने बातचीत के लिए उन्हें चंडीगढ़ बुलाया गया था। बैठक में किसान यूनियन नेताओं ने यह बात रखी कि कर्ज देते समय बैंक खाली चेक लेते हैं, वह सरासर गैरकानूनी है। इस पर सरकार भी सहमत थी। किसान नेताओं ने कहा कि बैंकों से किसानों के खाली चेक वापस करवाए जाएं। इस बात पर मंत्री बैंकों का पक्ष ले रहे थे। आखिरकार मंत्री रंधावा ने कहा कि पांच एकड़ और दस लाख रुपये कर्ज वाले किसानों के चेक वापस करवा दिए जाएंगे। यूनियन नेताओं का कहना था कि 10 एकड़ और 10 लाख रुपये तक सीमा की जाए। इस बात पर किसी ने सहमति नहीं दी। इसके बाद किसान नेता बैठक छोड़कर वापस आ गए थे। वीरवार को फैसला लिया गया कि 12 से लेकर शाम 4 बजे तक फिरोजपुर रोड पर चक्का जाम किया जाएगा। शुक्रवार को यूनियन क्या करेगी, इसका फैसला देर शाम को सभी नेता बैठक कर लेंगे।
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फिरोजपुर रोड पर चार घंटे डटे रहे किसान, पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। बैंक द्वारा किसानों को कर्ज देते समय लिए जाने वाले खाली चेक को लेकर बुधवार देर शाम किसान यूनियन और सरकार के बीच शुरू वार्ता बिना फैसले के ही टूट गई। सरकार द्वारा किसानों का पक्ष नहीं लेने पर वीरवार को सात किसान यूनियनों ने शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले फिरोजपुर रोड पर जाम लगा दिया। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक रोड पर ट्रैफिक जाम किया गया। नतीजतन पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। लोगों को एक किलोमीटर का सफर तय करने में 30 मिनट से ज्यादा का समय लगा। सात किसान यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर लुधियाना में पक्के तौर पर मोरचा लगा रखा है।
भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के महासचिव जगमोहन सिंह के अनुसार बुधवार शाम को सरकार की तरफ से सहकारिता मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधवाना ने बातचीत के लिए उन्हें चंडीगढ़ बुलाया गया था। बैठक में किसान यूनियन नेताओं ने यह बात रखी कि कर्ज देते समय बैंक खाली चेक लेते हैं, वह सरासर गैरकानूनी है। इस पर सरकार भी सहमत थी। किसान नेताओं ने कहा कि बैंकों से किसानों के खाली चेक वापस करवाए जाएं। इस बात पर मंत्री बैंकों का पक्ष ले रहे थे। आखिरकार मंत्री रंधावा ने कहा कि पांच एकड़ और दस लाख रुपये कर्ज वाले किसानों के चेक वापस करवा दिए जाएंगे। यूनियन नेताओं का कहना था कि 10 एकड़ और 10 लाख रुपये तक सीमा की जाए। इस बात पर किसी ने सहमति नहीं दी। इसके बाद किसान नेता बैठक छोड़कर वापस आ गए थे। वीरवार को फैसला लिया गया कि 12 से लेकर शाम 4 बजे तक फिरोजपुर रोड पर चक्का जाम किया जाएगा। शुक्रवार को यूनियन क्या करेगी, इसका फैसला देर शाम को सभी नेता बैठक कर लेंगे।
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