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आने वाले समय में सिख हॉकी खिलाडिय़ों का होगा बोल-बाला
Updated Fri, 19 Oct 2018 10:29 PM IST
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आने वाले समय में सिख हॉकी खिलाड़ियों का होगा बोल-बाला
कीनिया के पूर्व हॉकी ओलंपियन अवतार सिंह जरखड़ पहुंचे जरखड़ स्टेडियम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एक समय था जब विभिन्न मुलकों की हाकी टीमों में सिख खिलाड़ी बड़ी गिनती में अगुवाई करते थे। जिस तरह 1972 ओलंपिक में 30 सिख खिलाड़ी, 1973 में विश्व कप हॉकी में 32 सिख खिलाड़ियों ने अगुवाई की थी। कीनिया की सभी टीम सिख खिलाड़ियों से सजी हुई थी। लेकिन वर्तमान में कनाडा और भारत की टीमों में ही सिख खिलाड़ी खेलते हैं। आने वाले समय में सिख खिलाड़ियों का विभिन्न मुल्कों की टीमों में बोलबाला होगा। यह विचार तीन ओलंपिक्स में कीनिया हॉकी टीम की कप्तानी करने वाले पूर्व सिख ओलंपियन अवतार सिंह कीनिया ने शुक्रवार को जरखड़ हॉकी अकादमी के दौरे के दौरान जरखड़ स्टेडियम में साझे किए। कीनिया में चार ओलंपिक और एक विश्व कप खेलने वाले अवतार सिंह कीनिया विशेष तौर पर जरखड़ हॉकी अकादमी को देखने आए। अकादमी के खिलाड़ियों को हॉकी टिप्स देते हुए बताया कि अनुशासन, सख्त मेहनत, ईमानदारी और समर्पित भावना से ही अच्छा खिलाड़ी बना जा सकता है। जिस तरह की सहूलियतें आज हॉकी खिलाड़ियों को मिलती हैं, हमारे समय नहीं मिलती थीं। उन्होंने पैनल्टी कार्नर के किंग ओलंपियन पृथिपाल सिंह की यादों को साझा करते हुए कहा कि वह एक बहुत ही हुनरमंद खिलाड़ी थे। आने वाले समय में जरखड़ हाकी अकादमी में ओलंपियन पृथिपाल सिंह, सुरजीत सिंह रंधावा, हाकी के जादूगर ध्यानचंद जैसे खिलाड़ी जरूर पैदा होंगे। अकादमी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों के सहयोग से निरोबी कीनिया में नई एस्ट्रोटर्फ लगा रहे हैं। इस एस्ट्रोटर्फ के लगने से कीनिया की हॉकी टीम में सिख खिलाड़ियों की तादात बढ़ेगी। नई एस्ट्रोटर्फ के उद्घाटन के समय हालैंड, स्पेन, जर्मन की टीमों के प्रदर्शनी मुकाबले होंगे। उन्होंने जरखड़ हॉकी अकादमी को कीनिया आने का निमंत्रण दिया।
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कीनिया के पूर्व हॉकी ओलंपियन अवतार सिंह जरखड़ पहुंचे जरखड़ स्टेडियम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एक समय था जब विभिन्न मुलकों की हाकी टीमों में सिख खिलाड़ी बड़ी गिनती में अगुवाई करते थे। जिस तरह 1972 ओलंपिक में 30 सिख खिलाड़ी, 1973 में विश्व कप हॉकी में 32 सिख खिलाड़ियों ने अगुवाई की थी। कीनिया की सभी टीम सिख खिलाड़ियों से सजी हुई थी। लेकिन वर्तमान में कनाडा और भारत की टीमों में ही सिख खिलाड़ी खेलते हैं। आने वाले समय में सिख खिलाड़ियों का विभिन्न मुल्कों की टीमों में बोलबाला होगा। यह विचार तीन ओलंपिक्स में कीनिया हॉकी टीम की कप्तानी करने वाले पूर्व सिख ओलंपियन अवतार सिंह कीनिया ने शुक्रवार को जरखड़ हॉकी अकादमी के दौरे के दौरान जरखड़ स्टेडियम में साझे किए। कीनिया में चार ओलंपिक और एक विश्व कप खेलने वाले अवतार सिंह कीनिया विशेष तौर पर जरखड़ हॉकी अकादमी को देखने आए। अकादमी के खिलाड़ियों को हॉकी टिप्स देते हुए बताया कि अनुशासन, सख्त मेहनत, ईमानदारी और समर्पित भावना से ही अच्छा खिलाड़ी बना जा सकता है। जिस तरह की सहूलियतें आज हॉकी खिलाड़ियों को मिलती हैं, हमारे समय नहीं मिलती थीं। उन्होंने पैनल्टी कार्नर के किंग ओलंपियन पृथिपाल सिंह की यादों को साझा करते हुए कहा कि वह एक बहुत ही हुनरमंद खिलाड़ी थे। आने वाले समय में जरखड़ हाकी अकादमी में ओलंपियन पृथिपाल सिंह, सुरजीत सिंह रंधावा, हाकी के जादूगर ध्यानचंद जैसे खिलाड़ी जरूर पैदा होंगे। अकादमी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने साथियों के सहयोग से निरोबी कीनिया में नई एस्ट्रोटर्फ लगा रहे हैं। इस एस्ट्रोटर्फ के लगने से कीनिया की हॉकी टीम में सिख खिलाड़ियों की तादात बढ़ेगी। नई एस्ट्रोटर्फ के उद्घाटन के समय हालैंड, स्पेन, जर्मन की टीमों के प्रदर्शनी मुकाबले होंगे। उन्होंने जरखड़ हॉकी अकादमी को कीनिया आने का निमंत्रण दिया।