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नगर कौंसिल के कथित घपलों का मामला
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:28 PM IST
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जांच टीम को नहीं मिला रिकार्ड
नगर काउंसिल के कथित घपलों का मामला, 10 दिन बाद फिर होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी गोबिंदगढ़।
नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ की ओर से पिछले समय दौरान शुरु किए गए विकास कार्यों में कथित धांधली को लेकर समय समय पर स्थानीय सरकार का चौकसी विभाग रिकार्ड खंगालता रहा आ रहा है। बुधवार को भी डिप्टी डायरेक्टर अर्बन स्थानीय सरकार लुधियाना के आदेश पर नगर सुधार ट्रस्ट लुधियाना से आए तीन अधिकारियों ने नगर काउंसिल के 2012 से लेकर दिसंबर 2017तक का रिकार्ड जांचने के लिए दौरा किया। करीब तीन घंटे तक काउंसिल से कोई रिकार्ड न मिलने पर जांच टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
जांच टीम का नेतृत्व ट्रस्ट इंजीनियर नवीन मलहोत्रा, बूटा राम, जूनियर इंजीनियर परमंदिर सिंह कर रहे थे। जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि आज का दौरा खासकर वर्ष 2012 में 10 लाख रुपये से अधिक के 66 विकास कार्यों और 10 लाख से नीचे 113 अन्य विकास कार्यों, 26 सितंबर 2017 को लगाए गए टेंडर, 26 सितंब 2017 के प्रस्ताव नंबर 20 में पक्की सड़कों को तोड़कर बनाई गई इंटरलाकिंग रोड, और 22 नए विकास कार्यों की जांच करने करनी थी। पहले से निर्मित सीसी सड़कों को तोड़कर इंटरलाकिंग टाइल लगाने के नए टेंडर किए गए हैं। इन कार्यों पर सरकारी फंड का दुरुपयोग करने के आरोप हैं। हमने काउंसिल अधिकारियों से रिकार्ड मांगा है। तीन घंटे तक इंतजार के बाद भी रिकार्ड नहीं दिया गया। काउंसिल अधिकारियों अगले दस दिन में पूरा रिकार्ड जांच टीम को सौंपने की बात कही है।
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नगर काउंसिल के कथित घपलों का मामला, 10 दिन बाद फिर होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मंडी गोबिंदगढ़।
नगर काउंसिल मंडी गोबिंदगढ़ की ओर से पिछले समय दौरान शुरु किए गए विकास कार्यों में कथित धांधली को लेकर समय समय पर स्थानीय सरकार का चौकसी विभाग रिकार्ड खंगालता रहा आ रहा है। बुधवार को भी डिप्टी डायरेक्टर अर्बन स्थानीय सरकार लुधियाना के आदेश पर नगर सुधार ट्रस्ट लुधियाना से आए तीन अधिकारियों ने नगर काउंसिल के 2012 से लेकर दिसंबर 2017तक का रिकार्ड जांचने के लिए दौरा किया। करीब तीन घंटे तक काउंसिल से कोई रिकार्ड न मिलने पर जांच टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
जांच टीम का नेतृत्व ट्रस्ट इंजीनियर नवीन मलहोत्रा, बूटा राम, जूनियर इंजीनियर परमंदिर सिंह कर रहे थे। जांच टीम के सदस्यों ने बताया कि आज का दौरा खासकर वर्ष 2012 में 10 लाख रुपये से अधिक के 66 विकास कार्यों और 10 लाख से नीचे 113 अन्य विकास कार्यों, 26 सितंबर 2017 को लगाए गए टेंडर, 26 सितंब 2017 के प्रस्ताव नंबर 20 में पक्की सड़कों को तोड़कर बनाई गई इंटरलाकिंग रोड, और 22 नए विकास कार्यों की जांच करने करनी थी। पहले से निर्मित सीसी सड़कों को तोड़कर इंटरलाकिंग टाइल लगाने के नए टेंडर किए गए हैं। इन कार्यों पर सरकारी फंड का दुरुपयोग करने के आरोप हैं। हमने काउंसिल अधिकारियों से रिकार्ड मांगा है। तीन घंटे तक इंतजार के बाद भी रिकार्ड नहीं दिया गया। काउंसिल अधिकारियों अगले दस दिन में पूरा रिकार्ड जांच टीम को सौंपने की बात कही है।
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