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पीएयू में जम्मू एंड कश्मीर के किसानों ने किया दौरा
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:19 PM IST
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जम्मू-कश्मीर के किसानों का पीएयू का दौरा
लुधियाना। जम्मू-कश्मीर से 50 किसानों का वफद शुक्रवार को पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पहुंचा। इस दौरान किसानों कोे प्लांट ब्रिडिंग म्यूजियम, मधुमक्खी पालन, खुंब यूनिट, सब्जियों के तजुर्बे, फार्म मशीनरी और पावर इंजीनियरिंग स्थित रिसर्च इंजीनियरिंग हाल का दौरा करवाया गया। खेती माहिरों ने किसानों को पीएयू की ओर से विकसित की फसलों की लैंड मार्क किस्मों, खेती टेक्नोलॉजी, सब्जियों की पैदावार और खेती मशीनीकरण की जानकारी दी। प्रोग्राम कोआर्डिनेटर डा. टीएस रियाड़ ने खेती विकास में पीएयू की भूमिका के बारे में बताया। साथ ही बीज उत्पाद और नर्सरी उगाने वालो की एसोसिएशन की ओर से एक सिखलाई कैंप भी लगाया गया। इसमें सब्जी विज्ञान के माहिर डॉ. दिलबाग सिंह ने गेहूं के बीज पैदा करने और प्लांट ब्रिडिंग के माहिर डॉ. मावी ने सब्जियों के बीज उत्पाद की आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. तरसेम सिंह ढिल्लों ने शिक्षार्थियों के साथ चर्चा की।
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लुधियाना। जम्मू-कश्मीर से 50 किसानों का वफद शुक्रवार को पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पहुंचा। इस दौरान किसानों कोे प्लांट ब्रिडिंग म्यूजियम, मधुमक्खी पालन, खुंब यूनिट, सब्जियों के तजुर्बे, फार्म मशीनरी और पावर इंजीनियरिंग स्थित रिसर्च इंजीनियरिंग हाल का दौरा करवाया गया। खेती माहिरों ने किसानों को पीएयू की ओर से विकसित की फसलों की लैंड मार्क किस्मों, खेती टेक्नोलॉजी, सब्जियों की पैदावार और खेती मशीनीकरण की जानकारी दी। प्रोग्राम कोआर्डिनेटर डा. टीएस रियाड़ ने खेती विकास में पीएयू की भूमिका के बारे में बताया। साथ ही बीज उत्पाद और नर्सरी उगाने वालो की एसोसिएशन की ओर से एक सिखलाई कैंप भी लगाया गया। इसमें सब्जी विज्ञान के माहिर डॉ. दिलबाग सिंह ने गेहूं के बीज पैदा करने और प्लांट ब्रिडिंग के माहिर डॉ. मावी ने सब्जियों के बीज उत्पाद की आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान डॉ. तरसेम सिंह ढिल्लों ने शिक्षार्थियों के साथ चर्चा की।