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65 प्रतिशत तनख्वाह में कटौती पर फूंकी पंजाब सरकार की अर्थी
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:25 PM IST
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तनख्वाह में कटौती पर फूंकी सरकार की अर्थी
डीसी आफिस के बाहर विधायक सुरिंदर डाबर का किया घेराव
रेगुलर के नाम पर 65 प्रतिशत तनख्वाह कटौती अति निंदनीय
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एसएसए/रमसा/ माडल/आदर्श स्कूल अध्यापकों की पंजाब सरकार की ओर से रेगुलर के नाम पर 65 प्रतिशत की तनख्वाह कटौती के फैसले के विरोध में शिक्षक बुधवार को सड़क पर उतर आए। शिक्षकों ने सांझा अध्यापक मोर्चा की अगुवाई भारत नगर चौक में जाम लगाकर पंजाब सरकार की अर्थी फूंकी।
नेताओं ने बताया कि एसएसए/रमसा/ माडल/आदर्श सोसायटी अधीन लगभग 9000 अध्यापक लगभग पिछले 10 सालों से सूबे के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं निभा रहे है। जत्थेबंदी के पास उपलब्ध लगभग आधा दर्जन दस्तावेज, अध्यापकों का अलग कार्ड बनाने की मनाही के साथ साथ समूह अध्यापकों के लिए समान सेवा शर्ते तथा एक जैसी सहूलियतों की गवाही भरते है। परंतु पंजाब सरकार ने इन दस्तावेजों को एक तरफ कर इन अध्यापकों की तनख्वाह में 65 प्रतिशत तक कटौती का फैसला लिया है। नेताओं ने कहा कि अध्यापकों अध्यापकों के बच्चों के मुंह से निवाला छीनने वाली सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्री, तनख्वाह कटौती का विरोध सहने के लिए तैयार रहे। सांझे अध्यापक मोर्चे की ओर से पटियाला में अक्तूबर को पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। साथ ही एसएसए/रमसा/ माडल/आदर्श स्कूल अध्यापकों के पहले जत्थे की ओर से 7 अक्तूबर से पटियाला में 65 प्रतिशत तनख्वाह कटौती के साथ ही मर जाएंगे, सरकार के सिर चढ़ मरके सारा देश जगाएंगे का नारा बुलंद करते हुए समूह मरण व्रत किया जाएगा।
अध्यापकों ने विधायक सुरिंद डाबर को भी डीसी आफिस के बाहर घेरा। विधायक को भी मानना पड़ा कि अध्यापकों की मांगे जायज है ौर 2-3 दिनों में उन्होंने मुख्यमंत्री से मीटिंग करके इस रोष को दर्ज करवाने की बात कही। अध्यापकों ने शिक्षा विभाग में 10 साल निभाई सेवाओं का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपने 65 प्रतिशत कटौती के तानाशाही फैसले को तुरंत करके अध्यापकों को पूरी तनख्वाह तथा सहूलतों समेत शिक्षा विभाग में रेगुलर करे। इस मौके पर नमिता, जसप्रीत कौर, पूनम खन्न्ना, जगदीश, मीनू, रजिंदर कौर, दलजीत सिंह, जगदीप सिंह, प्रवीण कुमार, बिक्रमजीत सिंह, हरदेव सिंह, गुप्रीत सिंह, जगजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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डीसी आफिस के बाहर विधायक सुरिंदर डाबर का किया घेराव
रेगुलर के नाम पर 65 प्रतिशत तनख्वाह कटौती अति निंदनीय
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। एसएसए/रमसा/ माडल/आदर्श स्कूल अध्यापकों की पंजाब सरकार की ओर से रेगुलर के नाम पर 65 प्रतिशत की तनख्वाह कटौती के फैसले के विरोध में शिक्षक बुधवार को सड़क पर उतर आए। शिक्षकों ने सांझा अध्यापक मोर्चा की अगुवाई भारत नगर चौक में जाम लगाकर पंजाब सरकार की अर्थी फूंकी।
नेताओं ने बताया कि एसएसए/रमसा/ माडल/आदर्श सोसायटी अधीन लगभग 9000 अध्यापक लगभग पिछले 10 सालों से सूबे के विभिन्न स्कूलों में सेवाएं निभा रहे है। जत्थेबंदी के पास उपलब्ध लगभग आधा दर्जन दस्तावेज, अध्यापकों का अलग कार्ड बनाने की मनाही के साथ साथ समूह अध्यापकों के लिए समान सेवा शर्ते तथा एक जैसी सहूलियतों की गवाही भरते है। परंतु पंजाब सरकार ने इन दस्तावेजों को एक तरफ कर इन अध्यापकों की तनख्वाह में 65 प्रतिशत तक कटौती का फैसला लिया है। नेताओं ने कहा कि अध्यापकों अध्यापकों के बच्चों के मुंह से निवाला छीनने वाली सरकार, मुख्यमंत्री और मंत्री, तनख्वाह कटौती का विरोध सहने के लिए तैयार रहे। सांझे अध्यापक मोर्चे की ओर से पटियाला में अक्तूबर को पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। साथ ही एसएसए/रमसा/ माडल/आदर्श स्कूल अध्यापकों के पहले जत्थे की ओर से 7 अक्तूबर से पटियाला में 65 प्रतिशत तनख्वाह कटौती के साथ ही मर जाएंगे, सरकार के सिर चढ़ मरके सारा देश जगाएंगे का नारा बुलंद करते हुए समूह मरण व्रत किया जाएगा।
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अध्यापकों ने विधायक सुरिंद डाबर को भी डीसी आफिस के बाहर घेरा। विधायक को भी मानना पड़ा कि अध्यापकों की मांगे जायज है ौर 2-3 दिनों में उन्होंने मुख्यमंत्री से मीटिंग करके इस रोष को दर्ज करवाने की बात कही। अध्यापकों ने शिक्षा विभाग में 10 साल निभाई सेवाओं का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपने 65 प्रतिशत कटौती के तानाशाही फैसले को तुरंत करके अध्यापकों को पूरी तनख्वाह तथा सहूलतों समेत शिक्षा विभाग में रेगुलर करे। इस मौके पर नमिता, जसप्रीत कौर, पूनम खन्न्ना, जगदीश, मीनू, रजिंदर कौर, दलजीत सिंह, जगदीप सिंह, प्रवीण कुमार, बिक्रमजीत सिंह, हरदेव सिंह, गुप्रीत सिंह, जगजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
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