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रेगूलर होने को संघर्ष तीखा करेंगे कांट्रेक्ट अध्यापक
Updated Thu, 26 Apr 2018 10:36 PM IST
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रेगुलर होने के लिए संघर्ष तेज करेंगे कांट्रैक्ट अध्यापक
डीसी दफ्तर के बाहर दिया रोष धरना, एडीसी को मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
1925 कांट्रैक्ट कॉलेज अध्यापकों ने अपनी सेवाओं जल्द रेगुलर करने की मांग पर डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया। अध्यापकों ने प्रदेश सरकार की ढीली कारगुजारी पर सवाल खड़े करते कहा कि उनको रेगुलर करने को टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है, जिसे वह पक चुके हैं और अब संघर्ष शुरू करेंगे।
कॉलेज अध्यापकों ने एडीसी जेके जैन को मांग पत्र भी सौंपा। अध्यापकों ने बताया कि पंजाब सरकार कांट्रैक्ट अध्यापकों से धक्का कर रही है, लेकिन हम अपने हकों को हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेंगे। वक्ताओं ने कहा कि भर्ती के समय उनको पहले तीन साल के कांट्रैक्ट पर प्राथमिक वेतन और उसके बाद रेगुलर कर पूरा वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह लोकतांत्रिक ढंग से बीते कई महीनों से प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों के बारे में बताते आ रहे हैं।
अध्यापकों ने बताया कि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों के अंतर्गत करीब दस सालों से एडेड कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती पर लगी रोक तो 2014 में हटा ली, लेकिन रेगुलर भर्ती करने के बजाए तीन साल के कांट्रैक्ट के अंतर्गत बेसिक वेतन पर भर्ती कर पीएचडी जैसी उच्च डिग्री होल्डर युवाओं से भद्दा मजाक किया है। न्यू ग्रांट इन एड स्कीम के अंतर्गत भर्ती हुए पहले बैच के कॉलेज अध्यापकों के अब तीन साल अगले महीने पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उक्त अध्यापकों को पक्का करने संबंधी अभी तक कोई नीतिगत फैसला ना लेकर मुलाजिम विरोधी चेहरा सामने ला दिया है।
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धरने को पीसीसीटीयू के स्थानीय अध्यक्ष प्रो. बिक्रम जीत सिंह, डॉ. राशिद रशीद, डॉ. हरमिंदर सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग कॉलेजों के ठेके पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर जोगा सिंह, डॉ. नवजीत कौर, प्रो. हरभिंदर सिंह, डॉ. मनिंदर कौर, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. विजय, डॉ. नैना खुल्लर, डॉ. इंद्रजीत सिंह और प्रो. गुरप्रवेश सिंह ने संबोधित किया।
फोटो कैप्शन:26जीबीजीपी06 फतेहगढ़ साहिब में कांट्रेक्ट अध्यापक ए.डी.सी. को माँग पत्र सौंपते हुए।
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डीसी दफ्तर के बाहर दिया रोष धरना, एडीसी को मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब।
1925 कांट्रैक्ट कॉलेज अध्यापकों ने अपनी सेवाओं जल्द रेगुलर करने की मांग पर डीसी दफ्तर के बाहर धरना दिया। अध्यापकों ने प्रदेश सरकार की ढीली कारगुजारी पर सवाल खड़े करते कहा कि उनको रेगुलर करने को टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है, जिसे वह पक चुके हैं और अब संघर्ष शुरू करेंगे।
कॉलेज अध्यापकों ने एडीसी जेके जैन को मांग पत्र भी सौंपा। अध्यापकों ने बताया कि पंजाब सरकार कांट्रैक्ट अध्यापकों से धक्का कर रही है, लेकिन हम अपने हकों को हासिल किए बिना पीछे नहीं हटेंगे। वक्ताओं ने कहा कि भर्ती के समय उनको पहले तीन साल के कांट्रैक्ट पर प्राथमिक वेतन और उसके बाद रेगुलर कर पूरा वेतन देने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह लोकतांत्रिक ढंग से बीते कई महीनों से प्रशासनिक अधिकारियों को अपनी मांगों के बारे में बताते आ रहे हैं।
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अध्यापकों ने बताया कि पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों के अंतर्गत करीब दस सालों से एडेड कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती पर लगी रोक तो 2014 में हटा ली, लेकिन रेगुलर भर्ती करने के बजाए तीन साल के कांट्रैक्ट के अंतर्गत बेसिक वेतन पर भर्ती कर पीएचडी जैसी उच्च डिग्री होल्डर युवाओं से भद्दा मजाक किया है। न्यू ग्रांट इन एड स्कीम के अंतर्गत भर्ती हुए पहले बैच के कॉलेज अध्यापकों के अब तीन साल अगले महीने पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने उक्त अध्यापकों को पक्का करने संबंधी अभी तक कोई नीतिगत फैसला ना लेकर मुलाजिम विरोधी चेहरा सामने ला दिया है।
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धरने को पीसीसीटीयू के स्थानीय अध्यक्ष प्रो. बिक्रम जीत सिंह, डॉ. राशिद रशीद, डॉ. हरमिंदर सिंह के नेतृत्व में अलग-अलग कॉलेजों के ठेके पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर जोगा सिंह, डॉ. नवजीत कौर, प्रो. हरभिंदर सिंह, डॉ. मनिंदर कौर, डॉ. गुरप्रीत कौर, डॉ. विजय, डॉ. नैना खुल्लर, डॉ. इंद्रजीत सिंह और प्रो. गुरप्रवेश सिंह ने संबोधित किया।
फोटो कैप्शन:26जीबीजीपी06 फतेहगढ़ साहिब में कांट्रेक्ट अध्यापक ए.डी.सी. को माँग पत्र सौंपते हुए।