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तीन माह से पैनशन की आस में दिव्यांग भाई बहन
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:20 PM IST
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दिव्यांग भाई-बहन तीन माह से पेंशन के इंतजार में
मां-बाप की मौत के बाद दोनों पड़ोसियों पर हैं निर्भर
सरकार और प्रशासन दोनों की सहायता करने के बजाय चुुप्पी साधे
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव बालियांवाली निवासी दिव्यांग भाई-बहन बीते तीन माह से पेंशन के इंतजार में हैं। वहीं सरकार और प्रशासन दोनों की सहायता करने के बजाय चुुप्पी साधे हुए है। इसके अलावा दोनों पड़ोसियों पर निर्भर हैं, वहीं उनको खाना खिलाते हैं। क्योंकि दोनों के मां की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है।
पूर्व सरपंच राज कुमार ने बताया कि इंदरजीत सिंह (39) और हरबंस कौर (45) जन्म से ही दिव्यांग हैं। उनके माता पिता ही उनको संभालते थे, लेकिन जब से उनके माता पिता की मौत हुई है तब से वह अपने पड़ोसियों पर निर्भर करते थे। जो दिव्यांग पेंशन प्रति माह मिलती थी, उससे दोनों भाई बहन अपना समान खरीद करते थे। उन्होंने कहा कि अब बीते तीन माह से दोनों की पेंशन बंद हो चुकी है। इस वजह से वह आर्थिक मंदहाली से जूझ रहे हैं। क्योंकि उनके पास कमाई का कोई भी साधन नहीं है।
पूर्व सरपंच ने बताया कि उन्होंने खुद इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार बात की, लेकिन किसी ने उनकी पेंशन संबंधी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। यह कहते हुए बात को टाल दिया कि आप इस मामले संबंधी डिप्टी कमिश्नर दीप्रवा लाकरा से मिलें। गांव वालों ने जल्द से जल्द दोनों भाई बहन की पेंशन चालू करने की मांग की है। इस बारे में डिप्टी कमिश्नर दीप्रवा लाकरा ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है। वह जांच करवाकर तुरंत दिव्यांग भाई-बहन की बंद हुई पेंशन को चालू करवाने संबंधी संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी कर रहे हैं।
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मां-बाप की मौत के बाद दोनों पड़ोसियों पर हैं निर्भर
सरकार और प्रशासन दोनों की सहायता करने के बजाय चुुप्पी साधे
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव बालियांवाली निवासी दिव्यांग भाई-बहन बीते तीन माह से पेंशन के इंतजार में हैं। वहीं सरकार और प्रशासन दोनों की सहायता करने के बजाय चुुप्पी साधे हुए है। इसके अलावा दोनों पड़ोसियों पर निर्भर हैं, वहीं उनको खाना खिलाते हैं। क्योंकि दोनों के मां की कुछ समय पहले मौत हो चुकी है।
पूर्व सरपंच राज कुमार ने बताया कि इंदरजीत सिंह (39) और हरबंस कौर (45) जन्म से ही दिव्यांग हैं। उनके माता पिता ही उनको संभालते थे, लेकिन जब से उनके माता पिता की मौत हुई है तब से वह अपने पड़ोसियों पर निर्भर करते थे। जो दिव्यांग पेंशन प्रति माह मिलती थी, उससे दोनों भाई बहन अपना समान खरीद करते थे। उन्होंने कहा कि अब बीते तीन माह से दोनों की पेंशन बंद हो चुकी है। इस वजह से वह आर्थिक मंदहाली से जूझ रहे हैं। क्योंकि उनके पास कमाई का कोई भी साधन नहीं है।
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पूर्व सरपंच ने बताया कि उन्होंने खुद इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार बात की, लेकिन किसी ने उनकी पेंशन संबंधी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। यह कहते हुए बात को टाल दिया कि आप इस मामले संबंधी डिप्टी कमिश्नर दीप्रवा लाकरा से मिलें। गांव वालों ने जल्द से जल्द दोनों भाई बहन की पेंशन चालू करने की मांग की है। इस बारे में डिप्टी कमिश्नर दीप्रवा लाकरा ने कहा कि मामला उनके ध्यान में आ चुका है। वह जांच करवाकर तुरंत दिव्यांग भाई-बहन की बंद हुई पेंशन को चालू करवाने संबंधी संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश जारी कर रहे हैं।
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