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लुधियाना पहुंचने पर विकास ठाकुर व प्रदीप सिंह का ढोल नगाड़ो से किया स्वागत
Updated Sun, 15 Apr 2018 10:12 PM IST
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मेरा अगला टारगेट एशियन गेम्स : विकास
कॉमनवेल्थ गेम्स के विजेता विकास के घर शादी जैसा माहौल, परिवार और दोस्तों ने मनाया जश्न
लुधियाना पहुंचने पर विकास ठाकुर व प्रदीप सिंह का ढोल नगाड़ों से किया स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में भारत का नाम रोशन करने वाले लुधियाना के विकास ठाकुर व लुधियाना रेलवे स्टेशन में बतौर कार्यरत प्रदीप सिंह का आज लुधियाना पहुंचने पर उनके दोस्तों ने फूल मालाएं और ढोल नगाड़ों के साथ जमकर स्वागत किया गया। जीत की खुशी इतनी थी कि उनके दोस्तों व रिश्तेदारों ने उन्हें कंधों पर उठाकर खुशी जाहिर की। विकास के परिवार वालों ने विकास के जीत कर आने की खुशी में रेलवे कालोनी को दुल्हन की तरह सजाया। जहां उनके दोस्तों, रिश्तेदारों ने मिलकर समारोह में भाग लिया और विकास का हौसला बढ़ाते हुए बधाई दी।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में भाग लेने के बाद लुधियाना पहुंचे विकास ठाकुर ने अपने परिवार के साथ खुशी साझी की। विकास ने कहा कि वह बहुत खुश हैं। उनकी तैयारी गोल्ड की थी, लेकिन प्रतियोगिता काफी कड़ी थी। लेकिन वह अपने परफार्मेंस से खुश हैं। अगला टारगेट एशियन गेम्स, नेशनल गेम्स व वर्ल्ड चैंपियनशिप है। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए वह डेढ़ महीने पहले ही आस्ट्रेलिया चले गए थे जहां उन्होंने प्रैक्टिस की। उन्हें प्रैक्टिस के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार व खासकर पिता बृज लाल ठाकुर को दिया। उन्होंने कहा कि 9 साल की उम्र में जब स्पोर्ट्स शुरू में आए तो इसका मतलब नहीं पता था। बचपन में बहुत शरारती होता था, इसलिए पेरेंट्स ने स्पोर्ट्स में ज्वाइन करा दिया। गलती पर पापा मारते भी थे और प्यार भी बहुत करते थे। उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन से सफलता को हासिल किया जा सकता है। बस लक्ष्य को निर्धारित करना पड़ता है। विकास की बहन अभिलाषा का कहना था कि जीतने के बाद यहां पहुंचने पर खुशी और भी बढ़ गई है। इंतजार के बाद विकास आज घर पहुंचा है और वे इस अवसर को भंगड़ा डालकर व दोस्तों-मित्रों को लंच देकर मना रहे हैं।
प्रदीप सिंह ने वेटलिफ्टिंग में रजत जीता
गौर हो कि प्रदीप सिंह ने कामनवेल्थ गेम्ज में 105 किलोग्राम कैटेगरी में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया। जबकि विकास ठाकुर ने 94 किलोग्राम कैटेगिरी में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया। दोनों ही खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह इस परफार्मेंस से खुश है। लुधियाना रेलवे में कार्यरत प्रदीप ने बताया कि उन्होंने यह मेडल 105 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में जीता है। उनका अगला टारगेट 11वें माह में होने वाली वल्र्ड चैंपियनशिप में सोने का पदक हासिल करना है। हालांकि वह अच्छा प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन अब उससे संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार से किसी तरह की कोई उम्मीद नहीं है। वह देश के लिए मेडल लाए और खुश हैं। प्रदीप ने कहा कि स्पोर्ट्स में यूथ को आगे आना चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने पेरेंट्स और अपने इंट्रस्ट के मुताबिक ही खेल का चयन करना चाहिए। न कि सरकार से किसी उम्मीद को लेकर खेल को चुनना चाहिए। अब वह पटियाला में एनआईएस कैंप में भाग लेंगे ताकि वह आगामी मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश के लिए पदक ला सके।
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मेरा अगला टारगेट एशियन गेम्स : विकास
कॉमनवेल्थ गेम्स के विजेता विकास के घर शादी जैसा माहौल, परिवार और दोस्तों ने मनाया जश्न
लुधियाना पहुंचने पर विकास ठाकुर व प्रदीप सिंह का ढोल नगाड़ों से किया स्वागत
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में भारत का नाम रोशन करने वाले लुधियाना के विकास ठाकुर व लुधियाना रेलवे स्टेशन में बतौर कार्यरत प्रदीप सिंह का आज लुधियाना पहुंचने पर उनके दोस्तों ने फूल मालाएं और ढोल नगाड़ों के साथ जमकर स्वागत किया गया। जीत की खुशी इतनी थी कि उनके दोस्तों व रिश्तेदारों ने उन्हें कंधों पर उठाकर खुशी जाहिर की। विकास के परिवार वालों ने विकास के जीत कर आने की खुशी में रेलवे कालोनी को दुल्हन की तरह सजाया। जहां उनके दोस्तों, रिश्तेदारों ने मिलकर समारोह में भाग लिया और विकास का हौसला बढ़ाते हुए बधाई दी।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2018 में भाग लेने के बाद लुधियाना पहुंचे विकास ठाकुर ने अपने परिवार के साथ खुशी साझी की। विकास ने कहा कि वह बहुत खुश हैं। उनकी तैयारी गोल्ड की थी, लेकिन प्रतियोगिता काफी कड़ी थी। लेकिन वह अपने परफार्मेंस से खुश हैं। अगला टारगेट एशियन गेम्स, नेशनल गेम्स व वर्ल्ड चैंपियनशिप है। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए वह डेढ़ महीने पहले ही आस्ट्रेलिया चले गए थे जहां उन्होंने प्रैक्टिस की। उन्हें प्रैक्टिस के दौरान काफी कुछ सीखने को मिला। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार व खासकर पिता बृज लाल ठाकुर को दिया। उन्होंने कहा कि 9 साल की उम्र में जब स्पोर्ट्स शुरू में आए तो इसका मतलब नहीं पता था। बचपन में बहुत शरारती होता था, इसलिए पेरेंट्स ने स्पोर्ट्स में ज्वाइन करा दिया। गलती पर पापा मारते भी थे और प्यार भी बहुत करते थे। उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन से सफलता को हासिल किया जा सकता है। बस लक्ष्य को निर्धारित करना पड़ता है। विकास की बहन अभिलाषा का कहना था कि जीतने के बाद यहां पहुंचने पर खुशी और भी बढ़ गई है। इंतजार के बाद विकास आज घर पहुंचा है और वे इस अवसर को भंगड़ा डालकर व दोस्तों-मित्रों को लंच देकर मना रहे हैं।
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प्रदीप सिंह ने वेटलिफ्टिंग में रजत जीता
गौर हो कि प्रदीप सिंह ने कामनवेल्थ गेम्ज में 105 किलोग्राम कैटेगरी में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया। जबकि विकास ठाकुर ने 94 किलोग्राम कैटेगिरी में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीत कर देश का मान बढ़ाया। दोनों ही खिलाड़ियों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वह इस परफार्मेंस से खुश है। लुधियाना रेलवे में कार्यरत प्रदीप ने बताया कि उन्होंने यह मेडल 105 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग कैटेगरी में जीता है। उनका अगला टारगेट 11वें माह में होने वाली वल्र्ड चैंपियनशिप में सोने का पदक हासिल करना है। हालांकि वह अच्छा प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन अब उससे संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार से किसी तरह की कोई उम्मीद नहीं है। वह देश के लिए मेडल लाए और खुश हैं। प्रदीप ने कहा कि स्पोर्ट्स में यूथ को आगे आना चाहिए। इसके लिए उन्हें अपने पेरेंट्स और अपने इंट्रस्ट के मुताबिक ही खेल का चयन करना चाहिए। न कि सरकार से किसी उम्मीद को लेकर खेल को चुनना चाहिए। अब वह पटियाला में एनआईएस कैंप में भाग लेंगे ताकि वह आगामी मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन कर देश के लिए पदक ला सके।
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