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सियासत छोड़ वकालत कर रहे पूर्व विधायक ढांडा फिर उतरे मैदान में
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पूर्व विधायक ढांडा फिर उतरे राजनीति में
सुखबीर बादल ने सिरोपा देकर अकाली दल में शामिल किया
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। छह साल पहले सियासत को अलविदा कहने वाले पूर्व विधायक हरीश ढांडा एक बार फिर से राजनीति के मैदान में उतर गए हैं। शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने सोमवार देर शाम लुधियाना में सिरोपा देकर ढांडा को अकाली दल में शामिल कर लिया। ढांडा 2007 में हलका पश्चिमी से अकाली दल की टिकट पर विधायक बने थे। अकाली सरकार ने उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बनाया था लेकिन 2012 के बाद ढांडा सियासत के मैदान से हट गए थे। तब से वे वकालत में जुटे हुए थे।
अकाली दल में शामिल होने वाले पूर्व विधायक ढांडा ने कहा कि उनका अकाली दल के साथ कोई मतभेद नहीं रहा है। वह खुद प्रकाश सिंह बादल से छुट्टी लेकर सियासत से दूर हुए थे। वह वकालत करना चाह रहे थे। कुछ दिन पहले पार्टी प्रधान का मैसेज आया कि संगठन को उनकी जरूरत है। उनके आदेश पर वह संगठन को मजबूत करने के लिए मैदान में उतरे हैं। उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वह काम करने के लिए तैयार है। लोकसभा टिकट के लिए दावेदारी के सवाल पर ढांडा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।
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सुखबीर बादल ने सिरोपा देकर अकाली दल में शामिल किया
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। छह साल पहले सियासत को अलविदा कहने वाले पूर्व विधायक हरीश ढांडा एक बार फिर से राजनीति के मैदान में उतर गए हैं। शिरोमणि अकाली दल प्रधान सुखबीर बादल ने सोमवार देर शाम लुधियाना में सिरोपा देकर ढांडा को अकाली दल में शामिल कर लिया। ढांडा 2007 में हलका पश्चिमी से अकाली दल की टिकट पर विधायक बने थे। अकाली सरकार ने उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बनाया था लेकिन 2012 के बाद ढांडा सियासत के मैदान से हट गए थे। तब से वे वकालत में जुटे हुए थे।
अकाली दल में शामिल होने वाले पूर्व विधायक ढांडा ने कहा कि उनका अकाली दल के साथ कोई मतभेद नहीं रहा है। वह खुद प्रकाश सिंह बादल से छुट्टी लेकर सियासत से दूर हुए थे। वह वकालत करना चाह रहे थे। कुछ दिन पहले पार्टी प्रधान का मैसेज आया कि संगठन को उनकी जरूरत है। उनके आदेश पर वह संगठन को मजबूत करने के लिए मैदान में उतरे हैं। उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वह काम करने के लिए तैयार है। लोकसभा टिकट के लिए दावेदारी के सवाल पर ढांडा ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है।
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