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अवैध माइनिंग मामला : थाना मेहरबान के एसएचओ नौकरी से बर्खास्त
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:20 PM IST
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थाना मेहरबान के एसएचओ बर्खास्त
अवैध माइनिंग की शिकायत मिलने के बाद भी नहीं की थी कार्रवाई
प्लाट कब्जा कराने के मामले में दो दिन पहले ही हुआ था निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
गांव मेहरबान इलाके में प्लाट पर कब्जा करने वाले आरोपियों की मदद करने के मामले में दो दिन पहले सस्पेंड किए गए थाना मेहरबान के एसएचओ इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को पुलिस कमिश्नर ने बर्खास्त कर दिया है। इंस्पेक्टर जरनैल सिंह पर आरोप है कि गांव बूथगढ़ में अवैध माइनिंग हो रही थी। गांव के सरपंच ने इसकी शिकायत उसके पास की थी, लेकिन उसने कार्रवाई करने की बजाए उल्टा उसे ही मामला दर्ज करने की धमकियां दे कर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जब मामला अधिकारियों के ध्यान में आया तो उन्होंने उसे बर्खास्त कर दिया।
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने बताया कि मेहरबान के इलाके गांव बूथगढ़ में अवैध माइनिंग हो रही थी। गांव के सरपंच ने इसकी शिकायत इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को फोन पर दी। इसके बाद उसने सरपंच को ही धमकियां देनी शुरू कर दी और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जरनैल सिंह ने उसे मामला दर्ज कर घर से उठवा लेने की भी धमकियां दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए थी, लेकिन वह नहीं गया। जब इसकी शिकायत उनके पास आई तो उन्होंने मामले की जांच की। जांच में सारे आरोप सही पाए गए। उन्होंने बताया इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने अपने कर्तव्यों का सही से पालन नहीं किया। जिस कारण उन्होंने सेक्शन 7 पुलिस एक्ट 1861 के तहत उसे बर्खास्त कर दिया।
उल्लेखनीय है कि गांव बूथगढ़ के सरपंच सोनी ने दो दिन पहले इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को अवैध माइनिंग की सूचना दी थी, लेकिन कार्रवाई करने की बजाए सरपंच सोनी को ही मामला दर्ज करने की धमकियां दी। सरपंच सोनी ने अपने और इंस्पेक्टर के बीच हुई बातचीत की सारी रिकार्डिंग कर ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
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अवैध माइनिंग की शिकायत मिलने के बाद भी नहीं की थी कार्रवाई
प्लाट कब्जा कराने के मामले में दो दिन पहले ही हुआ था निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
गांव मेहरबान इलाके में प्लाट पर कब्जा करने वाले आरोपियों की मदद करने के मामले में दो दिन पहले सस्पेंड किए गए थाना मेहरबान के एसएचओ इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को पुलिस कमिश्नर ने बर्खास्त कर दिया है। इंस्पेक्टर जरनैल सिंह पर आरोप है कि गांव बूथगढ़ में अवैध माइनिंग हो रही थी। गांव के सरपंच ने इसकी शिकायत उसके पास की थी, लेकिन उसने कार्रवाई करने की बजाए उल्टा उसे ही मामला दर्ज करने की धमकियां दे कर उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जब मामला अधिकारियों के ध्यान में आया तो उन्होंने उसे बर्खास्त कर दिया।
पुलिस कमिश्नर आरएन ढोके ने बताया कि मेहरबान के इलाके गांव बूथगढ़ में अवैध माइनिंग हो रही थी। गांव के सरपंच ने इसकी शिकायत इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को फोन पर दी। इसके बाद उसने सरपंच को ही धमकियां देनी शुरू कर दी और उसके साथ दुर्व्यवहार किया। जरनैल सिंह ने उसे मामला दर्ज कर घर से उठवा लेने की भी धमकियां दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को मौके पर जाकर जांच करनी चाहिए थी, लेकिन वह नहीं गया। जब इसकी शिकायत उनके पास आई तो उन्होंने मामले की जांच की। जांच में सारे आरोप सही पाए गए। उन्होंने बताया इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने अपने कर्तव्यों का सही से पालन नहीं किया। जिस कारण उन्होंने सेक्शन 7 पुलिस एक्ट 1861 के तहत उसे बर्खास्त कर दिया।
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उल्लेखनीय है कि गांव बूथगढ़ के सरपंच सोनी ने दो दिन पहले इंस्पेक्टर जरनैल सिंह को अवैध माइनिंग की सूचना दी थी, लेकिन कार्रवाई करने की बजाए सरपंच सोनी को ही मामला दर्ज करने की धमकियां दी। सरपंच सोनी ने अपने और इंस्पेक्टर के बीच हुई बातचीत की सारी रिकार्डिंग कर ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।
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