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फीस कमेटी के आर्डर को इंप्लीमेंट करवाने के लिए पंजाब के पेरेंट्स हुए एकजुट
Updated Sun, 25 Jun 2017 09:39 PM IST
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निजी स्कूलों के खिलाफ अभिभावक एकजुट
लुधियाना। प्राइवेट स्कूलों की ओर से की जा रही मनमानी व धक्केशाही के खिलाफ पेरेंटस फॉर आल पंजाब के बैनर तले सर्किट हाउस में बैठक का आयोजन किया। बैठक में लुधियाना, खन्ना, राजपुरा, पटियाला, नाभा, भवानीगढ़, संगरूर, बठिंडा के करीब 70 पेरेंट्स ने शिरकत की।
इस दौरान फीस कमेटी के आर्डर को इंप्लीमेंट कराने, इसके लिए आ रही अड़चनों को दूर करने, पंजाब एजुकेशन एक्ट 2016 आदि के बारे में विचार विमर्श किया गया। करीब तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में पेरेंट्स ने अपनी अपनी राय दी। अहम मुद्दा फीस कमेटी के आर्डर को इंप्लीमेंट करना और डिविजन कमिश्नर की ओर से की गई कार्रवाई रहा। नितिन गोयल, गुरविंदर शर्मा, स्वरुप सिंह और स्वर्ण सिंह ने कहा कि फीस कमेटी की ओर से जो आर्डर दिए गए हैं, उसमें रिफंड के बारे में भी लिखा हुआ है। इसलिए जिन पेरेंट्स को यह आर्डर मिले हैं, वह इसे इंप्लीमेंट करवाने के लिए इसकी कापी संबंधित स्कूल, डीपीआई, डीईओ, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डिप्टी कमिश्नर को भेंजे। इसके साथ ही हाई कोर्ट में भी इसकी कापी जरूर लगाए। क्योंकि अगर स्कूल प्रशासन हाई कोर्ट में स्टे लेता है तो उससे पहले जवाब मांगा जाए। उन्होंने डिविजन कमिश्नर से भी मांग की कि वह इस कार्रवाई को किसी सरकारी प्रिंसिपल को सौंपने की बजाए फाइनेंशियल एक्सपर्ट के हाथों इसे आगे बढ़ाए। क्योंकि सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को इस संबंधी अधिक जानकारी नहीं होती।
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लुधियाना। प्राइवेट स्कूलों की ओर से की जा रही मनमानी व धक्केशाही के खिलाफ पेरेंटस फॉर आल पंजाब के बैनर तले सर्किट हाउस में बैठक का आयोजन किया। बैठक में लुधियाना, खन्ना, राजपुरा, पटियाला, नाभा, भवानीगढ़, संगरूर, बठिंडा के करीब 70 पेरेंट्स ने शिरकत की।
इस दौरान फीस कमेटी के आर्डर को इंप्लीमेंट कराने, इसके लिए आ रही अड़चनों को दूर करने, पंजाब एजुकेशन एक्ट 2016 आदि के बारे में विचार विमर्श किया गया। करीब तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में पेरेंट्स ने अपनी अपनी राय दी। अहम मुद्दा फीस कमेटी के आर्डर को इंप्लीमेंट करना और डिविजन कमिश्नर की ओर से की गई कार्रवाई रहा। नितिन गोयल, गुरविंदर शर्मा, स्वरुप सिंह और स्वर्ण सिंह ने कहा कि फीस कमेटी की ओर से जो आर्डर दिए गए हैं, उसमें रिफंड के बारे में भी लिखा हुआ है। इसलिए जिन पेरेंट्स को यह आर्डर मिले हैं, वह इसे इंप्लीमेंट करवाने के लिए इसकी कापी संबंधित स्कूल, डीपीआई, डीईओ, प्रिंसिपल सेक्रेटरी, डिप्टी कमिश्नर को भेंजे। इसके साथ ही हाई कोर्ट में भी इसकी कापी जरूर लगाए। क्योंकि अगर स्कूल प्रशासन हाई कोर्ट में स्टे लेता है तो उससे पहले जवाब मांगा जाए। उन्होंने डिविजन कमिश्नर से भी मांग की कि वह इस कार्रवाई को किसी सरकारी प्रिंसिपल को सौंपने की बजाए फाइनेंशियल एक्सपर्ट के हाथों इसे आगे बढ़ाए। क्योंकि सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को इस संबंधी अधिक जानकारी नहीं होती।
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