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थर्मल कर्मीयों का मोर्चा जारी
Updated Sat, 06 Jan 2018 10:29 PM IST
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नाटकों का मंचन कर रोष जता रहे थर्मल कर्मी
बठिंडा।
थर्मल प्लांट बंद किए जाने के विरोध में थर्मल कर्मियों की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ लगाया गया मोर्चा सातवें दिन भी जारी रहा। इन सात दिनों के मोर्चे के दौरान थर्मल कर्मियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला फूंका। इसके अलावा अब थर्मल कर्मी विभिन्न तरह के नाटकों का मंचन कर सरकार के खिलाफ रोष जता रहे हैं।
शनिवार को मोर्चा स्थल से चलकर थर्मल कर्मियों ने चिल्ड्रन पार्क के आगे धरना लगाते हुए एक नाटक का मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि सरकार ने किस तरह लोगों को बेवकूफ बनाकर पहले उनके वोट बटोरे और सरकार में आते ही किस तरह लोगों को बेरोजगार किया। थर्मल यूनियन के नेता रजिंदर ढिल्लों ने कहा कि सरकार न तो उनकी आवाज सुन रही है और न ही उनके बच्चों की। सरकार को नींद से जगाने के लिए आने वाले दिनों में बडे़ स्तर पर संघर्ष को तेज किया जाएगा। अगर सरकार लोगों के बारे में सोचती तो शायद लोग विरोधी निर्णय न लेकर लोक पक्षीय निर्णय लेती।
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बठिंडा।
थर्मल प्लांट बंद किए जाने के विरोध में थर्मल कर्मियों की ओर से प्रदेश सरकार के खिलाफ लगाया गया मोर्चा सातवें दिन भी जारी रहा। इन सात दिनों के मोर्चे के दौरान थर्मल कर्मियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर पुतला फूंका। इसके अलावा अब थर्मल कर्मी विभिन्न तरह के नाटकों का मंचन कर सरकार के खिलाफ रोष जता रहे हैं।
शनिवार को मोर्चा स्थल से चलकर थर्मल कर्मियों ने चिल्ड्रन पार्क के आगे धरना लगाते हुए एक नाटक का मंचन किया। इसमें दिखाया गया कि सरकार ने किस तरह लोगों को बेवकूफ बनाकर पहले उनके वोट बटोरे और सरकार में आते ही किस तरह लोगों को बेरोजगार किया। थर्मल यूनियन के नेता रजिंदर ढिल्लों ने कहा कि सरकार न तो उनकी आवाज सुन रही है और न ही उनके बच्चों की। सरकार को नींद से जगाने के लिए आने वाले दिनों में बडे़ स्तर पर संघर्ष को तेज किया जाएगा। अगर सरकार लोगों के बारे में सोचती तो शायद लोग विरोधी निर्णय न लेकर लोक पक्षीय निर्णय लेती।
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