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किसान मंडियों में रातें गुजारने के मजबूर
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जिले के 98 केंद्रों में नहीं खरीदा जा रहा किसानों का गेहूं
बारदाना न मिलने और खरीद न होने पर मंडियों में निराश बैठे हैं किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। जिले के 98 केंद्रों में किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। किसान मंडियों में परेशान हैं। इस बार कैप्टन सरकार की खरीद एजेंसियों की ओर से पर्याप्त मात्रा में बारदाना मुहैया नहीं कराने व खरीद न होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान एक सप्ताह से अधिक समय से मंडियों में फसल की खरीद के इंतजार में हैं। बता दें कि किसानों के लिए सबसे नुकसानदायक साबित हुए सीजन में किसानों को दोहरी मार खेतों में जल रही फसल व मौसम की मार से पड़ रही है। वहीं मंडियों में खरीद नहीं होने से नई मुसीबत में फंस गए हैं। जिस कारण बारदाना व खरीद न होने को लेकर किसान मंडियों में निराश बैठे है। बता दें कि जिस तरह धान के सीजन में आने वाले त्योहार धनतेरस पर भगवान धनवंतरी की पूजा के महत्व को चलते हर व्यक्ति अपने घर में सोना चांदी बर्तनों से लेकर अन्य खरीददारी करता है, लेकिन मंडियों में धान की खरीद न होने व धान में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण किसानों को न तो धनतेरस पर खरीदारी का मौका मिला व न ही दीपावली पर अपने घरों में दिवाली मनाने का मौका। इस प्रकार अब गेहूं की खरीद में हो रही देरी उनकी अगली फसल की बिजाई व खेतों की तैयारी को देरी कर रही है। खरीद में देरी मौजूदा राज्य सरकार के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है। क्योंकि किसान हर तरफ से पड़ रही मार से दुखी हैं। किसान बलौर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरजीत सिंह, सुखदेव सिंह, जगरूप सिंह ने कहा कि वह 8 दिन से मंडी में फसल की खरीद के लिए बैठा है। परंतु रात के समय अज्ञात नशे के आदि व झुग्गी झोपड़ी वालों द्वारा चोरी के डर से उनको रात जागकर गुजारनी पड़ती है और सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले के 98 केंद्रों में खरीद नहीं हो रही और किसान मंडियों में रूल रहे हैं। आढ़ती एसोसिएशन के महासचिव जगन नाथ कांसल रंगिया वाले ने कहा कि प्रदेश सरकार का बुरा हाल है। मंडियों में न तो बारदाना, न खरीद व न ही अन्य प्रबंध हैं, जिस कारण किसान, आढ़तियां व लोग परेशान है। उन्होंने कहा कि पेमेंट का भी बुरा हाल है।
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बारदाना न मिलने और खरीद न होने पर मंडियों में निराश बैठे हैं किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। जिले के 98 केंद्रों में किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। किसान मंडियों में परेशान हैं। इस बार कैप्टन सरकार की खरीद एजेंसियों की ओर से पर्याप्त मात्रा में बारदाना मुहैया नहीं कराने व खरीद न होने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान एक सप्ताह से अधिक समय से मंडियों में फसल की खरीद के इंतजार में हैं। बता दें कि किसानों के लिए सबसे नुकसानदायक साबित हुए सीजन में किसानों को दोहरी मार खेतों में जल रही फसल व मौसम की मार से पड़ रही है। वहीं मंडियों में खरीद नहीं होने से नई मुसीबत में फंस गए हैं। जिस कारण बारदाना व खरीद न होने को लेकर किसान मंडियों में निराश बैठे है। बता दें कि जिस तरह धान के सीजन में आने वाले त्योहार धनतेरस पर भगवान धनवंतरी की पूजा के महत्व को चलते हर व्यक्ति अपने घर में सोना चांदी बर्तनों से लेकर अन्य खरीददारी करता है, लेकिन मंडियों में धान की खरीद न होने व धान में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण किसानों को न तो धनतेरस पर खरीदारी का मौका मिला व न ही दीपावली पर अपने घरों में दिवाली मनाने का मौका। इस प्रकार अब गेहूं की खरीद में हो रही देरी उनकी अगली फसल की बिजाई व खेतों की तैयारी को देरी कर रही है। खरीद में देरी मौजूदा राज्य सरकार के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो सकती है। क्योंकि किसान हर तरफ से पड़ रही मार से दुखी हैं। किसान बलौर सिंह, सुरजीत सिंह, गुरजीत सिंह, सुखदेव सिंह, जगरूप सिंह ने कहा कि वह 8 दिन से मंडी में फसल की खरीद के लिए बैठा है। परंतु रात के समय अज्ञात नशे के आदि व झुग्गी झोपड़ी वालों द्वारा चोरी के डर से उनको रात जागकर गुजारनी पड़ती है और सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि जिले के 98 केंद्रों में खरीद नहीं हो रही और किसान मंडियों में रूल रहे हैं। आढ़ती एसोसिएशन के महासचिव जगन नाथ कांसल रंगिया वाले ने कहा कि प्रदेश सरकार का बुरा हाल है। मंडियों में न तो बारदाना, न खरीद व न ही अन्य प्रबंध हैं, जिस कारण किसान, आढ़तियां व लोग परेशान है। उन्होंने कहा कि पेमेंट का भी बुरा हाल है।