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नहर का पानी गंदा किया तो होगी सजा, नहरों में पशु नहलाने पर रोक-
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:34 PM IST
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नहर का पानी गंदा किया तो होगी सजा
सिंचाई नहरों में पशुओं के नहलाने पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर बठिंडा नहर मंडल गुरजिंदर सिंह बहिया ने बताया कि पंजाब में पानी, खेती की पैदावार के लिए महत्वपूर्ण स्त्रोत है। सिंचाई विभाग पानी की अहमियत को मुख्य रखते हुए पानी की बचत और संभाल करने संबंधी लोगों को जागरूक कर रहा है लेकिन कुछ अंजान लोग इसे प्रदूषित और चोरी करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने बताया कि बठिंडा ब्रांच सात जिलों में सिंचाई और पीने के लिए पानी मुहैया करती है। यह देखने में आ रहा है कि नहरों, माइनरों के साथ लगते गांवों के कुछ लोग पानी को प्रदूषित कर रहे हैं। किसानों की ओर से पाइपों के जरिए दरिया के पानी की चोरी की जाती है। यह गैर कानूनी है। नहरों, माइनरों में नहाना, कपड़े धोना और इनमें सीवरेज का गंदा पानी डालना गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति कोताही करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ उत्तरी भारत ड्रेनेज और कैनाल एक्ट 1873 की धारा 70 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जेल और जुर्माना भी हो सकता है या फिर दोनों ही हो सकता है। इसलिए म्यूनिसिपल कमेटी, नगर पंचायतों, ग्राम पंचायतों के मुख्य व समूह इलाका निवासियों को नहर महकमे की ओर से अपील की जाती है कि पानी को गंदा, चोरी से रोकने के लिए किए जा रहे यत्नों में सहयोग दें।
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सिंचाई नहरों में पशुओं के नहलाने पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। सिंचाई विभाग के कार्यकारी इंजीनियर बठिंडा नहर मंडल गुरजिंदर सिंह बहिया ने बताया कि पंजाब में पानी, खेती की पैदावार के लिए महत्वपूर्ण स्त्रोत है। सिंचाई विभाग पानी की अहमियत को मुख्य रखते हुए पानी की बचत और संभाल करने संबंधी लोगों को जागरूक कर रहा है लेकिन कुछ अंजान लोग इसे प्रदूषित और चोरी करने की कोशिश करते हैं।
उन्होंने बताया कि बठिंडा ब्रांच सात जिलों में सिंचाई और पीने के लिए पानी मुहैया करती है। यह देखने में आ रहा है कि नहरों, माइनरों के साथ लगते गांवों के कुछ लोग पानी को प्रदूषित कर रहे हैं। किसानों की ओर से पाइपों के जरिए दरिया के पानी की चोरी की जाती है। यह गैर कानूनी है। नहरों, माइनरों में नहाना, कपड़े धोना और इनमें सीवरेज का गंदा पानी डालना गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति कोताही करता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ उत्तरी भारत ड्रेनेज और कैनाल एक्ट 1873 की धारा 70 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जेल और जुर्माना भी हो सकता है या फिर दोनों ही हो सकता है। इसलिए म्यूनिसिपल कमेटी, नगर पंचायतों, ग्राम पंचायतों के मुख्य व समूह इलाका निवासियों को नहर महकमे की ओर से अपील की जाती है कि पानी को गंदा, चोरी से रोकने के लिए किए जा रहे यत्नों में सहयोग दें।
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