{"_id":"5ae1e2694f1c1bc03d8b5259","slug":"11524753001-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैस लीक होने के बाद ब्लास्ट हुआ सिलेंडर, 34 लोग झुलसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैस लीक होने के बाद ब्लास्ट हुआ सिलेंडर, 34 लोग झुलसे
Updated Thu, 26 Apr 2018 08:00 PM IST
विज्ञापन
सभी केंद्र
गैस लीकेज से सिलेंडर में ब्लास्ट, 34 झुलसे, 15 की हालत नाजुक
घर में लगने के बाद एकत्रित हुए थे आसपास के लोग, सभी आए चपेट में
सिविल अस्पताल, सीएमसी और ईएसआई अस्पताल में चल रहा इलाज
ब्लास्ट में घायल सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
ग्यासपुरा के इलाके सम्राट कालोनी की गली नंबर दो में वीरवार सुबह घरेलू सिलेंडर से गैस लीक होने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर ब्लास्ट होने के बाद वहां खड़े करीब 34 लोग इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। धमाका इतना जोरदार था कि घर के परखचे उड़ गए और वहां मौजूद सभी लोग चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही आसपास की गलियों के लोग वहां पहुंचे। जिस व्यक्ति को जो व्हीकल नजर आया, वह घायल को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। इस हादसे में दस महिलाएं सहित 34 लोग घायल हो गए, वहीं कुछ बच्चे भी हैं। 15 लोग ऐसे है जो चालीस फीसदी से अधिक झुलसे हैं, इनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण भी दिक्कतें आ रही हैं। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को सिविल अस्पताल से सीएमसी अस्पताल भेजा हैै। घर की मालकिन सुनीता और सुरिंदर नाम का युवक सौ प्रतिशत जल चुके हैं। सूचना मिलते ही एसीपी धर्मपाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद घायलों को किसी न किसी तरह गाड़ियों में अस्पताल पहुंचाया। बता दें कि यह पूरा इलाका प्रवासी लोगों का हैं, जो विभिन्न प्रदेशों से आकर रोजगार के मकसद से रह रहे हैं।
खाना बनाते समय लगी आग, लाइट आई तो हुआ ब्लास्ट
सम्राट कालोनी की गली नंबर दो में रहने वाले अशोक यादव के भाई धमेंद्र ने बताया कि वह मूल उत्तरप्रदेश के जिला प्रतापगढ़ के गांव ऊगापुर के रहने वाले हैं। उनके भाई काफी समय से यहां रह रहे हैं। रोजाना की तरह सभी सुबह छह बजे जागे थे। भाभी सुनीता यादव (40) खाना बनाने के लिए रसोई घर में चली गई। इसी दौरान लाइट चली गई तो उसने सिलेंडर को देखने के लिए थोड़ा खींच कर रोशनी की तरफ किया। वह खुद दूध लेने चला गया, जबकि बाकी के सदस्य वहीं थे। खाना बनाते समय सिलेंडर में से गैस लीक होने लगी। गैस लीकेज के तुरंत बाद आग लग गई और आग ने भाभी सुनीता को चपेट में ले लिया। उसके चिल्लाने की आवाज सुन कर पारिवारिक सदस्य उठे और आग पर काबू पाने की कोशिश में लग गए। लेकिन वह कामयाब नहीं हो रहे थे। आग ज्यादा बढ़ गई तो उसने घर के सामान को भी चपेट में लेना शुरू कर दिया। जिसे देख कर आसपास गलियों के लोग भी वहां आ पहुंचे। लोगों ने भी आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसी दौरान एक दम से लाइट आ गई और सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि घर का सामान इधर उधर गिर गया और आसपास के घरों में भी नुकसान हुआ। धमाके की चपेट में वहां मौजूद सभी लोग झुलस गए। झुलसे लोगों की चीख पुकार से इलाके में कोहराम मच गया।
दो गाड़ियों ने एक घंटे में आग पर पाया काबू
आग लगने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने तुरंत आग पर काबू पाना शुरू किया। साथ ही उन्होंने घायलों को घर से बाहर निकालने में लोगों की मदद की। आग लगने से आसपास के घरों को भी काफी नुकसान हुआ है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से जहां लोग बुरी तरह से घायल हो गए वहीं घर का सारा सामान जल गया।
विज्ञापन
एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही लोग लेकर पहुंचे अस्पताल
हादसे के तुरंत बाद पहुंचे आसपास की गलियों के लोगों ने फोन घुमा कर कंट्रोल रूम और 108 एंबुलेंस को इसकी सूचना दी, लेकिन जब तक वह पहुंच पाते काफी नुकसान हो जाता। तब तक लोगों को जो भी वाहन मिला, उन्होंने आग से झुलसे लोगों को उसी में बिठाकर अस्पताल पहुंचाया, ताकि इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके। घायलों के अस्पताल पहुंचने से पहले ही सिविल अस्पताल और सीएमसी अस्पताल में इसकी सूचना पहुंच चुकी थी। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधकों ने पहले ही टीमें तैयार कर दी। घायलों के अस्पताल पहुंचते ही घायलों का इलाज शुरू हो गया। अस्पताल प्रशासन की तरफ से घायलों को ही अंदर रख उनके साथ आए लोगों को बाहर निकाल दिया ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर घायलों का हाल जानने पहुंचे अस्पताल
ग्यासपुरा इलाके में सिलेंडर ब्लास्ट की खबर पूरे शहर में फैल गई। सूचना मिलने के बाद मेयर बलकार सिंह संधू और सीनियर डिप्टी मेयर श्याम सुंदर मल्होत्रा को पता चला तो वह सिविल अस्पताल में पहुंच गए। सिविल अस्पताल पहुंचने के बाद बलकार सिंह संधू ने घायलों का हाल जाना और वहां मौजूद डाक्टरों की टीम से बात की और इलाज के बारे में पूछताछ की। मेयर बलकार संधू ने घायलों के परिजनों से बात की और उन्हें अच्छा इलाज कराने के लिए आश्वासन दिया। मेयर बलकार सिंह संधू ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने सभी घायलों का इलाज मुफ्त में कराने की बात कही है। अगर सिविल अस्पताल में पूरा इलाज नहीं है तो घायलों का सीएमसी अस्पताल और ईएसआई अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मेयर ने कहा कि इस घटना में सरकार व शहरवासी बराबर के शरीक हैं। फायर ब्रिगेड देर पहुंचने की शिकायत पर उन्होंने कहा कि वह इसकी जांच करवाएंगे। किसी भी तरह की कमी के लिए जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद मेयर बलकार सिंह संधू और सीनियर डिप्टी मेयर श्याम सुंदर मल्होत्रा विधायक सुरिंदर डावर के साथ सीएमसी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों का हाल जाना और डाक्टरों से बात की। इस दौरान मेयर बलकार संधू ने डाक्टरों से अपील की कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न रहे। हर व्यक्ति का अच्छे से इलाज हो सके।
अस्पतालों में उपचाराधीन अधिकतर की हालत गंभीर
नाम और उम्र प्रतिशत जले अस्पताल
सुनीता (40) (100) सीएमसी
सुरिंदर (28) (100) सीएमसी
राज यादव (13) (80) सीएमसी
एगानिया यादव (50) (80) सीएमसी
अशोक यादव (58) (70) सीएमसी
शिवम (14) (70) सीएमसी
गोबिंद (40) (60) ईएसआई
काजल (19 ) (60) सीएमसी
शशि सिंह (36) (57) ओसवाल अस्पताल
राम नरेश (42) (56) ईएसआई
यशवंत सिंह (43) (50) ईएसआई
कमलेश गिरी (35) (50) ईएसआई
पूजा यादव (20) (45) सीएमसी
अशोक कुमार (36) (45) पीजीआई चंडीगढ़
लक्ष्मण (53) (45) सीएमसी
अनुपन कुमार (30) (35) ईएसआई
कमलेश (35) (40) सिविल अस्पताल
बिट्टू (11) (40) सिविल अस्पताल
राजन (23) (40) सिविल अस्पताल
उत्तम (18) (40) सिविल अस्पताल
अमित (18) (40) सिविल अस्पताल
राकेश (43) (40) सिविल अस्पताल
अंजुन देवी (24) (40) सिविल अस्पताल
वरिंदर कुमा (34) (40) सिविल अस्पताल
अमरनाथ व (40) (40) सिविल अस्पताल
ममता (28) (40) सिविल अस्पताल
शुभम (13) (40) सिविल अस्पताल
मीना देवी (27) (40) सिविल अस्पताल
प्रमोद प्रसाद (29) (40) सिविल अस्पताल
मोहम्मद अलि (32) (40) सिविल अस्पताल
पवन कुमार (30) (40) सिविल अस्पताल
प्रिंस कुमार (7) (40) सिविल अस्पताल
धमेंद्र (28) (40) पीजीआई चंडीगढ़
शशि कांत पांडे (25) (27) ईएसआई
विज्ञापन
गैस लीकेज से सिलेंडर में ब्लास्ट, 34 झुलसे, 15 की हालत नाजुक
घर में लगने के बाद एकत्रित हुए थे आसपास के लोग, सभी आए चपेट में
सिविल अस्पताल, सीएमसी और ईएसआई अस्पताल में चल रहा इलाज
ब्लास्ट में घायल सभी लोगों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
ग्यासपुरा के इलाके सम्राट कालोनी की गली नंबर दो में वीरवार सुबह घरेलू सिलेंडर से गैस लीक होने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। सिलेंडर ब्लास्ट होने के बाद वहां खड़े करीब 34 लोग इसकी चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। धमाका इतना जोरदार था कि घर के परखचे उड़ गए और वहां मौजूद सभी लोग चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही आसपास की गलियों के लोग वहां पहुंचे। जिस व्यक्ति को जो व्हीकल नजर आया, वह घायल को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे। इस हादसे में दस महिलाएं सहित 34 लोग घायल हो गए, वहीं कुछ बच्चे भी हैं। 15 लोग ऐसे है जो चालीस फीसदी से अधिक झुलसे हैं, इनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर बचाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण भी दिक्कतें आ रही हैं। गंभीर रूप से झुलसे लोगों को सिविल अस्पताल से सीएमसी अस्पताल भेजा हैै। घर की मालकिन सुनीता और सुरिंदर नाम का युवक सौ प्रतिशत जल चुके हैं। सूचना मिलते ही एसीपी धर्मपाल पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां मौजूद घायलों को किसी न किसी तरह गाड़ियों में अस्पताल पहुंचाया। बता दें कि यह पूरा इलाका प्रवासी लोगों का हैं, जो विभिन्न प्रदेशों से आकर रोजगार के मकसद से रह रहे हैं।
खाना बनाते समय लगी आग, लाइट आई तो हुआ ब्लास्ट
सम्राट कालोनी की गली नंबर दो में रहने वाले अशोक यादव के भाई धमेंद्र ने बताया कि वह मूल उत्तरप्रदेश के जिला प्रतापगढ़ के गांव ऊगापुर के रहने वाले हैं। उनके भाई काफी समय से यहां रह रहे हैं। रोजाना की तरह सभी सुबह छह बजे जागे थे। भाभी सुनीता यादव (40) खाना बनाने के लिए रसोई घर में चली गई। इसी दौरान लाइट चली गई तो उसने सिलेंडर को देखने के लिए थोड़ा खींच कर रोशनी की तरफ किया। वह खुद दूध लेने चला गया, जबकि बाकी के सदस्य वहीं थे। खाना बनाते समय सिलेंडर में से गैस लीक होने लगी। गैस लीकेज के तुरंत बाद आग लग गई और आग ने भाभी सुनीता को चपेट में ले लिया। उसके चिल्लाने की आवाज सुन कर पारिवारिक सदस्य उठे और आग पर काबू पाने की कोशिश में लग गए। लेकिन वह कामयाब नहीं हो रहे थे। आग ज्यादा बढ़ गई तो उसने घर के सामान को भी चपेट में लेना शुरू कर दिया। जिसे देख कर आसपास गलियों के लोग भी वहां आ पहुंचे। लोगों ने भी आग पर काबू पाने की कोशिश की। इसी दौरान एक दम से लाइट आ गई और सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि घर का सामान इधर उधर गिर गया और आसपास के घरों में भी नुकसान हुआ। धमाके की चपेट में वहां मौजूद सभी लोग झुलस गए। झुलसे लोगों की चीख पुकार से इलाके में कोहराम मच गया।
विज्ञापन
दो गाड़ियों ने एक घंटे में आग पर पाया काबू
आग लगने के बाद सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने तुरंत आग पर काबू पाना शुरू किया। साथ ही उन्होंने घायलों को घर से बाहर निकालने में लोगों की मदद की। आग लगने से आसपास के घरों को भी काफी नुकसान हुआ है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से जहां लोग बुरी तरह से घायल हो गए वहीं घर का सारा सामान जल गया।
विज्ञापन
एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही लोग लेकर पहुंचे अस्पताल
हादसे के तुरंत बाद पहुंचे आसपास की गलियों के लोगों ने फोन घुमा कर कंट्रोल रूम और 108 एंबुलेंस को इसकी सूचना दी, लेकिन जब तक वह पहुंच पाते काफी नुकसान हो जाता। तब तक लोगों को जो भी वाहन मिला, उन्होंने आग से झुलसे लोगों को उसी में बिठाकर अस्पताल पहुंचाया, ताकि इलाज जल्द से जल्द शुरू हो सके। घायलों के अस्पताल पहुंचने से पहले ही सिविल अस्पताल और सीएमसी अस्पताल में इसकी सूचना पहुंच चुकी थी। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधकों ने पहले ही टीमें तैयार कर दी। घायलों के अस्पताल पहुंचते ही घायलों का इलाज शुरू हो गया। अस्पताल प्रशासन की तरफ से घायलों को ही अंदर रख उनके साथ आए लोगों को बाहर निकाल दिया ताकि किसी को कोई परेशानी न हो।
मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर घायलों का हाल जानने पहुंचे अस्पताल
ग्यासपुरा इलाके में सिलेंडर ब्लास्ट की खबर पूरे शहर में फैल गई। सूचना मिलने के बाद मेयर बलकार सिंह संधू और सीनियर डिप्टी मेयर श्याम सुंदर मल्होत्रा को पता चला तो वह सिविल अस्पताल में पहुंच गए। सिविल अस्पताल पहुंचने के बाद बलकार सिंह संधू ने घायलों का हाल जाना और वहां मौजूद डाक्टरों की टीम से बात की और इलाज के बारे में पूछताछ की। मेयर बलकार संधू ने घायलों के परिजनों से बात की और उन्हें अच्छा इलाज कराने के लिए आश्वासन दिया। मेयर बलकार सिंह संधू ने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री के साथ बातचीत हुई है, जिसके बाद उन्होंने सभी घायलों का इलाज मुफ्त में कराने की बात कही है। अगर सिविल अस्पताल में पूरा इलाज नहीं है तो घायलों का सीएमसी अस्पताल और ईएसआई अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मेयर ने कहा कि इस घटना में सरकार व शहरवासी बराबर के शरीक हैं। फायर ब्रिगेड देर पहुंचने की शिकायत पर उन्होंने कहा कि वह इसकी जांच करवाएंगे। किसी भी तरह की कमी के लिए जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद मेयर बलकार सिंह संधू और सीनियर डिप्टी मेयर श्याम सुंदर मल्होत्रा विधायक सुरिंदर डावर के साथ सीएमसी अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने घायलों का हाल जाना और डाक्टरों से बात की। इस दौरान मेयर बलकार संधू ने डाक्टरों से अपील की कि घायलों के इलाज में किसी तरह की कोई कमी न रहे। हर व्यक्ति का अच्छे से इलाज हो सके।
अस्पतालों में उपचाराधीन अधिकतर की हालत गंभीर
नाम और उम्र प्रतिशत जले अस्पताल
सुनीता (40) (100) सीएमसी
सुरिंदर (28) (100) सीएमसी
राज यादव (13) (80) सीएमसी
एगानिया यादव (50) (80) सीएमसी
अशोक यादव (58) (70) सीएमसी
शिवम (14) (70) सीएमसी
गोबिंद (40) (60) ईएसआई
काजल (19 ) (60) सीएमसी
शशि सिंह (36) (57) ओसवाल अस्पताल
राम नरेश (42) (56) ईएसआई
यशवंत सिंह (43) (50) ईएसआई
कमलेश गिरी (35) (50) ईएसआई
पूजा यादव (20) (45) सीएमसी
अशोक कुमार (36) (45) पीजीआई चंडीगढ़
लक्ष्मण (53) (45) सीएमसी
अनुपन कुमार (30) (35) ईएसआई
कमलेश (35) (40) सिविल अस्पताल
बिट्टू (11) (40) सिविल अस्पताल
राजन (23) (40) सिविल अस्पताल
उत्तम (18) (40) सिविल अस्पताल
अमित (18) (40) सिविल अस्पताल
राकेश (43) (40) सिविल अस्पताल
अंजुन देवी (24) (40) सिविल अस्पताल
वरिंदर कुमा (34) (40) सिविल अस्पताल
अमरनाथ व (40) (40) सिविल अस्पताल
ममता (28) (40) सिविल अस्पताल
शुभम (13) (40) सिविल अस्पताल
मीना देवी (27) (40) सिविल अस्पताल
प्रमोद प्रसाद (29) (40) सिविल अस्पताल
मोहम्मद अलि (32) (40) सिविल अस्पताल
पवन कुमार (30) (40) सिविल अस्पताल
प्रिंस कुमार (7) (40) सिविल अस्पताल
धमेंद्र (28) (40) पीजीआई चंडीगढ़
शशि कांत पांडे (25) (27) ईएसआई