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अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में जुटेंगे हदिं-पंजाबी के साहित्यकार
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:13 PM IST
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जुटेंगे हिंदी-पंजाबी के साहित्यकार
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में दोनो भाषाओं के संकट पर होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सतीशचंद्र धवन राजकीय महाविद्यालय लुधियाना और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ के तत्वाधान में दो दिवसीय अंतर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। 15 और 16 फरवरी को आयोजित इस संगोष्ठी में हिंदी-पंजाबी के महारथी भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी शामिल होंगे। जो दोनो भाषाओं के संकट पर विचार चर्चा करेंगे। यह जानकारी महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष एवं संगोष्ठी संयोजक प्रो. डा. मुकेश अरोड़ा, प्राचार्य एवं संगोष्ठी संरक्षक डा. धर्म सिंह संधू, संगोष्ठी सचिव एवं हिंदी प्राध्यापक डा. सौरभ कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि पहली बार कालेज में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी में पंजाबी और हिंदी के महारथी शामिल होंगे। जिसमें पंजाबी हिंदी साहित्य का सांस्कृतिक आधार, हिंदी साहित्य में पंजाबियत के संस्कार अभिलक्षण, पंजाबी साहित्य और हिंदी साहित्य में आदान-प्रदान, भारतीय संस्कृति के निर्माण में पंजाब के रचनाकारों का योगदान, विभाजन और पंजाबी हिंदी साहित्य, पंजाब संकट और पंजाबी हिंदी साहित्य, पंजाब से प्रवास और पंजाब में प्रवास, भाषाई संकट पर विचार पेश किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आनलाइन फार्म भरे जा रहे है। पूरे भारत से अब तक 30 से अधिक आनलाइन फार्म भरे जा चुके है। बाकि मौके पर भी फार्म भरे जाने की भी व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि पहले दिन मुख्य वक्ताओं में शायर पद्दम श्री डा. सुरजीत पातर, साहित्यकार डा. मनमोहन सहगल, डा. जय प्रकाश, इंकम टेक्स चीफ कमिश्नर बिनय कुमार झा, डा. सदानंद प्रसाद गुप्ता, जीएनडीयू से डा. सुधा जीतेंद्र, इंग्लैंड से पंजाबी के नोबलकार दर्शन सिंह धीर, दिल्ली यूनिवर्सिटी से पंजाबी के साहित्यकार डा. रविंदर सिंह, डा. विनोद बब्बर, खन्ना से हिंदी-पंजाबी-उर्दू अनुवादक डा. रजिंदर सिंह टोकी, पटियाला से डा. रजिंदर कौर, कैनेडा से पंजाबी कवि ंगा सिंह बासी, कुरुक्षेत्र से डा. पुष्पा रानी, फगवाड़ा से वीके रत्न, आल इंडिया डीएवी कालेज से डा. सतीष शर्मा शामिल होंगे।
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दूसरे दिन जीसीजी लुधियाना से डा. राकेश कुमार, साहित्यकार डा. फूल चंद मानव, जीएनडीयू पंजाबी विभाग से डा. मनजिंदर सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी से पंजाबी प्रोफेसर डा. दीपक मनमोहन सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी से डा. योजना रावत, माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से डा. अरुण कुमार भगत, डीएवी कालेज जालंधर से डा. बलवेंद्र सिंह, दिल्ली यूनिवर्सिटी से अनुवादक डा. पूरन चंद टंडन, नार्वे से हिंदी अनुवादक सुरेश चंद्र शुक्ल, दिल्ली यूनिवर्सिटी से पंजाबी विभाग से रविंदर कुमार, आईआरएस हर कृपाल सिंह, इगनो से हिंदी के प्रोफेसर डा. जितेंद्र श्रीवास्तव शिरकत करेंगे।
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दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में दोनो भाषाओं के संकट पर होगी चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
सतीशचंद्र धवन राजकीय महाविद्यालय लुधियाना और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ के तत्वाधान में दो दिवसीय अंतर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। 15 और 16 फरवरी को आयोजित इस संगोष्ठी में हिंदी-पंजाबी के महारथी भारत ही नहीं बल्कि विदेशों से भी शामिल होंगे। जो दोनो भाषाओं के संकट पर विचार चर्चा करेंगे। यह जानकारी महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष एवं संगोष्ठी संयोजक प्रो. डा. मुकेश अरोड़ा, प्राचार्य एवं संगोष्ठी संरक्षक डा. धर्म सिंह संधू, संगोष्ठी सचिव एवं हिंदी प्राध्यापक डा. सौरभ कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि पहली बार कालेज में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। संगोष्ठी में पंजाबी और हिंदी के महारथी शामिल होंगे। जिसमें पंजाबी हिंदी साहित्य का सांस्कृतिक आधार, हिंदी साहित्य में पंजाबियत के संस्कार अभिलक्षण, पंजाबी साहित्य और हिंदी साहित्य में आदान-प्रदान, भारतीय संस्कृति के निर्माण में पंजाब के रचनाकारों का योगदान, विभाजन और पंजाबी हिंदी साहित्य, पंजाब संकट और पंजाबी हिंदी साहित्य, पंजाब से प्रवास और पंजाब में प्रवास, भाषाई संकट पर विचार पेश किए जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए आनलाइन फार्म भरे जा रहे है। पूरे भारत से अब तक 30 से अधिक आनलाइन फार्म भरे जा चुके है। बाकि मौके पर भी फार्म भरे जाने की भी व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि पहले दिन मुख्य वक्ताओं में शायर पद्दम श्री डा. सुरजीत पातर, साहित्यकार डा. मनमोहन सहगल, डा. जय प्रकाश, इंकम टेक्स चीफ कमिश्नर बिनय कुमार झा, डा. सदानंद प्रसाद गुप्ता, जीएनडीयू से डा. सुधा जीतेंद्र, इंग्लैंड से पंजाबी के नोबलकार दर्शन सिंह धीर, दिल्ली यूनिवर्सिटी से पंजाबी के साहित्यकार डा. रविंदर सिंह, डा. विनोद बब्बर, खन्ना से हिंदी-पंजाबी-उर्दू अनुवादक डा. रजिंदर सिंह टोकी, पटियाला से डा. रजिंदर कौर, कैनेडा से पंजाबी कवि ंगा सिंह बासी, कुरुक्षेत्र से डा. पुष्पा रानी, फगवाड़ा से वीके रत्न, आल इंडिया डीएवी कालेज से डा. सतीष शर्मा शामिल होंगे।
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दूसरे दिन जीसीजी लुधियाना से डा. राकेश कुमार, साहित्यकार डा. फूल चंद मानव, जीएनडीयू पंजाबी विभाग से डा. मनजिंदर सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी से पंजाबी प्रोफेसर डा. दीपक मनमोहन सिंह, पंजाब यूनिवर्सिटी से डा. योजना रावत, माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से डा. अरुण कुमार भगत, डीएवी कालेज जालंधर से डा. बलवेंद्र सिंह, दिल्ली यूनिवर्सिटी से अनुवादक डा. पूरन चंद टंडन, नार्वे से हिंदी अनुवादक सुरेश चंद्र शुक्ल, दिल्ली यूनिवर्सिटी से पंजाबी विभाग से रविंदर कुमार, आईआरएस हर कृपाल सिंह, इगनो से हिंदी के प्रोफेसर डा. जितेंद्र श्रीवास्तव शिरकत करेंगे।