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गांव महेसरी के युवक की फिलीपींस में हत्या
punjab, moga, murder, crime
Updated Wed, 08 Jan 2014 11:00 PM IST
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गांव महेसरी के एक युवक की फिलीपींस में सोमवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या की सूचना मिलने पर गांव में शोक की लहर फैल गई। लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ दुख साझा किया गया। पिछले चार माह में इस जिले के 8वें युवक की फिलीपींस में यह हत्या हुई है।
फिलीपींस में भारतीयों की लगातार हो रही हत्या के कारण भारत में वहां गए लोगों के परिजनों को चिंता सताने लगी है। भारतीय किसान यूनियन नेता भूपिंदर सिंह महेसरी ने कहा कि केंद्र और सूबा सरकार की तरफ से फिलीपींस में भारतियों की सुरक्षा के बारे में कोई कदम उठाए न जाने कारण मां बाप में भारी रोष है।
फिलीपींस में रह रहे जबरजंग सिंह ने बताया कि उसका भाई कुलवंत सिंह (42) 1994 में विदेश गया था और वहां फाइनेंस का कारोबार कर रहा था। 6 जनवरी सोमवार को कुलवंत सिंह अपनी बेटी को कालेज के लिए बस चढ़ा कर अपने कारोबार पर चला गया। वह अपने कारोबारी स्थान पर पैसों का लेनदेन कर रहा था तो दो नौजवानों ने उसकी गोलियां मार कर हत्या कर दी थी। एक गोली मृतक के सिर पर दूसरी पेट में लगी।
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मृतक अपने पीछे बेटा जगदीप सिंह और बेटी मनप्रीत कोर और पत्नी परमजीत कौर छोड़ गया है। गांव महेसरी में मृतक की बुजुर्ग मां गुरमीत कौर रह रही हैं और उसके पिता हरनेक सिंह की भी कुछ देर पहले मौत हो गई थी।
फिलीपींस में रहते जबरजंग सिंह ने बताया कि वह तीन महीने पहले भारत आया था और उसका भाई कुलवंत सिंह भी तीन माह पहले भारत से वापस फिलीपींस चला गया था।
फिलीपींस के अलग अलग शहरों में 15 हजार से अधिक पंजाबी रह रहे हैं और वहां फाइनेंस का कारोबार कर रहे हैं। कुछ समय से लुटेरों की तरफ से भारतीयों को निशाना बनाया जा रहा है। इस वर्ष जुलाई में गांव दौधर के जगरूप सिंह, गांव कोकरी बुटरा के गुरजंट सिंह, कस्बा समालसर के गुरप्रीत सिंह और गांव भिंडर कलां के दो भाइयों के अलावा गांव घोलिया कलां के रमनदीप सिंह रमना, 15 दिन पहले गांव गाजियाना के जुगराज सिंह उर्फ राजा और 6 जनवरी सोमवार को गांव महेसरी के कुलवंत सिंह की हत्या कर दी गई है।
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फिलीपींस में भारतीयों की लगातार हो रही हत्या के कारण भारत में वहां गए लोगों के परिजनों को चिंता सताने लगी है। भारतीय किसान यूनियन नेता भूपिंदर सिंह महेसरी ने कहा कि केंद्र और सूबा सरकार की तरफ से फिलीपींस में भारतियों की सुरक्षा के बारे में कोई कदम उठाए न जाने कारण मां बाप में भारी रोष है।
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फिलीपींस में रह रहे जबरजंग सिंह ने बताया कि उसका भाई कुलवंत सिंह (42) 1994 में विदेश गया था और वहां फाइनेंस का कारोबार कर रहा था। 6 जनवरी सोमवार को कुलवंत सिंह अपनी बेटी को कालेज के लिए बस चढ़ा कर अपने कारोबार पर चला गया। वह अपने कारोबारी स्थान पर पैसों का लेनदेन कर रहा था तो दो नौजवानों ने उसकी गोलियां मार कर हत्या कर दी थी। एक गोली मृतक के सिर पर दूसरी पेट में लगी।
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मृतक अपने पीछे बेटा जगदीप सिंह और बेटी मनप्रीत कोर और पत्नी परमजीत कौर छोड़ गया है। गांव महेसरी में मृतक की बुजुर्ग मां गुरमीत कौर रह रही हैं और उसके पिता हरनेक सिंह की भी कुछ देर पहले मौत हो गई थी।
फिलीपींस में रहते जबरजंग सिंह ने बताया कि वह तीन महीने पहले भारत आया था और उसका भाई कुलवंत सिंह भी तीन माह पहले भारत से वापस फिलीपींस चला गया था।
फिलीपींस के अलग अलग शहरों में 15 हजार से अधिक पंजाबी रह रहे हैं और वहां फाइनेंस का कारोबार कर रहे हैं। कुछ समय से लुटेरों की तरफ से भारतीयों को निशाना बनाया जा रहा है। इस वर्ष जुलाई में गांव दौधर के जगरूप सिंह, गांव कोकरी बुटरा के गुरजंट सिंह, कस्बा समालसर के गुरप्रीत सिंह और गांव भिंडर कलां के दो भाइयों के अलावा गांव घोलिया कलां के रमनदीप सिंह रमना, 15 दिन पहले गांव गाजियाना के जुगराज सिंह उर्फ राजा और 6 जनवरी सोमवार को गांव महेसरी के कुलवंत सिंह की हत्या कर दी गई है।