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Lohri 2025: पंजाब भर में लोहड़ी की धूम, सुबह से पतंगों के साथ छतों पर डटे युवा, बाजार गुलजार
Mon, 13 Jan 2025 10:42 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 13 Jan 2025 10:42 AM IST
सार
मकर संक्रांति से पहले वाली रात को मनाया जाने वाला लोहड़ी का पर्व पंजाब में काफी महत्व रखता है। पंजाब में लोग साल की शुरुआत किसानों को उनकी कड़ी मेहनत के लिए उनका शुक्रिया अदा करते हुए करते हैं। यह प्रकृति के प्रति आभार का पर्व भी है, जिसमें जल, अग्नि और सूर्य की पूजा की जाती है।
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पंजाब में लोहड़ी की धूम
- फोटो : ANI
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विस्तार
पंजाब में आज लोहड़ी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। लोहड़ी पर जमकर पतंगबाजी हो रही है। लोग अपनी छतों पर पतंग उड़ाते हुए नाच रहे हैं। फगवाड़ा में पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश की तरफ से 1100 नवजात कन्याओं की लोहड़ी मनाई गई। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला के नेतृत्व में भारत गौरव संस्था द्वारा 'धीयां दी लोहड़ी' मनाई गई।
वहीं राज्य में पलास्टिक डोर पर लगे प्रतिबंध के बाद अब बाजारों में दुकानदारों की ओर से बच्चों को माझा डोर को गट्टू में तबदील करके बेचा जा रहा है। लोहड़ी को लेकर अब पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है, इसलिए दुकानदारों का भी मानना है कि इस बार उनकी माझा डोर की पिछले सालों के मुताबिक ज्यादा बिक्री हुई है। उधर, बाजारों में बरेली, ब्लैक पेंथर कॉटन, 12 तार पांडा स्पेशल माझा 500 से 1000 में बिक रही है।
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वहीं राज्य में पलास्टिक डोर पर लगे प्रतिबंध के बाद अब बाजारों में दुकानदारों की ओर से बच्चों को माझा डोर को गट्टू में तबदील करके बेचा जा रहा है। लोहड़ी को लेकर अब पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है, इसलिए दुकानदारों का भी मानना है कि इस बार उनकी माझा डोर की पिछले सालों के मुताबिक ज्यादा बिक्री हुई है। उधर, बाजारों में बरेली, ब्लैक पेंथर कॉटन, 12 तार पांडा स्पेशल माझा 500 से 1000 में बिक रही है।
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मछली पकड़ने में होता था प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल : लाल चंद
झब्बाल रोड़ में मांझे वाली डोर बनाने वाले लाल चंद ने कहा कि यह प्लास्टिक डोर नहीं है, इस प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल मछली पकड़ने वाला जाल बनाने में होता है। अगर पुरानी बात करें तो चीन से भी आता था, लेकिन लुधियाना में अब बनने लग गया है। जिसका इस्तेमाल पतंगबाजी में किया जाने लगा हैं। लेकिन फिर भी प्रशासन की सख्ती के चलते इस बार उनकी माझा डोर की बिक्री 25 फीसदी हुई है, उन्हें पूरी उम्मीद है कि पुलिस और प्रशासन अगर जून-जुलाई में ही इसको लेकर सख्त कदम उठाए तो आने वाले कुछ सालों में प्लास्टिक डोर पूरी तरह से मार्किट से खत्म हो जाएगी।
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