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Hindi News ›   Punjab ›   Kisan Mazdoor Sangharsh Committee hold 'rail roko' agitation in Devidaspura, Amritsar 

फिर आंदोलन की राह पर किसान: कर्ज माफी और नौकरी के लिए किसानों ने रोके रेल ट्रैक

Mon, 20 Dec 2021 01:55 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 20 Dec 2021 01:55 PM IST
सार

किसान जत्थेबंदियों ने फिरोजपुर बस्ती टैंकावाली के पास, देवीदासपुरा में अमृतसर-दिल्ली रेल मार्ग, ब्यास व अन्य जगहों पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया है। जिस कारण रेल डिवीजन फिरोजपुर से चलने वाली कई पैसेंजर, मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें प्रभावित हुई हैं।

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Kisan Mazdoor Sangharsh Committee hold 'rail roko' agitation in Devidaspura, Amritsar 
देवीदासपुरा में रेल रोक आंदोलन - फोटो : ANI

विस्तार

किसानों और मजदूरों ने कर्ज माफी की मांग को लेकर सोमवार सुबह अमृतसर-दिल्ली रेल ट्रैक पर देवीदासपुरा स्टेशन पर जाम लगा दिया। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रदेश प्रधान सतनाम सिंह पन्नू और महासचिव स्वर्ण सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों ने अगला एलान होने तक मोर्चा जारी रखने की चेतावनी दी। 

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किसान नेता पन्नू और पंधेर ने कहा कि जत्थेबंदी के प्रदेश नेताओं को उपमुख्यमंत्री की ओर से 29 सितंबर 2021 को किसान आंदोलन के दौरान हुई बैठक में सभी मसले हल करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन अभी तक सरकार ने इसमें कोई कार्रवाई नहीं की। सरकार के वादे से मुकरने के बाद ही किसानों और मजदूरों की मांग को लेकर रेल ट्रैक रोकने की शुरुआत करनी पड़ी और इसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब की चन्नी सरकार की है। किसान अपने साथ राशन-पानी और बिस्तर लेकर धरनास्थल पर पहुंचे हैं।

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पंजाब सरकार पर लगाया वादों से मुकरने का आरोप

किसान नेताओं ने कहा कि अगर पंजाब सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो वे 22 दिसंबर को 3 अन्य जगहों पर मोर्चा शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों का पूरा कर्ज माफ करने सहित अपने अन्य चुनावी वादों से मुकर चुकी है। किसानों की फसलों के भाव पिछले 50 सालों से 80 फीसदी बढ़े जबकि लागत खर्च 300 फीसदी बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानी पेशा घाटेमंद होने के चलते किसान कर्जाई हो रहे हैं और खेतों में खुदकुशी की फसलें उग रहीं हैं। 

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ओलावृष्टि से बरबाद बासमती की फसल का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मांगा

उन्होंने कहा कि सरकार झूठ बोल रही है कि किसानों को स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट के अनुसार लागत खर्चों से डेढ़ गुना मूल्य दिया जा रहा है। सच्चाई यह है कि आने वाले समय में केंद्र सरकार एमएसपी बंद करने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों का पूरा कर्ज राष्ट्रीय त्रासदी होने के चलते केंद्र और पंजाब सरकार तुरंत खत्म करे। इसके साथ ही उन्होंने ओलावृष्टि के दौरान तबाह हुई बासमती की फसल का 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। 



उन्होंने कहा कि शहीद किसान के परिवारों में से एक सदस्य को स्वीकार की गई मांग के मुताबिक नौकरी दे और गन्ने का बकाया भी तुरंत जारी करे। इसके साथ ही उन्होंने गन्ने के नए रेट 360 रुपये प्रति क्विंटल के मुताबिक भुगतान किए जाने की भी मांग की। किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज केस वापस लेने, राज्य में रिक्त पदों को तत्काल प्रभाव से पूरा करने, सभी कच्चे मुलाजिमों को पक्का करने, सरकारी विभागों में ठेकेदारी सिस्टम बंद करने और निजी कंपनियों के साथ बिजली समझौते रद्द किए जाने की भी किसानों ने मांग की है।  
  

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