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'राणा और रावण में फर्क नहीं': पंजाब कांग्रेस में फिर घमासान..पूर्व विधायक जीरा ने राणा गुरजीत सिंह को कहा रावण

Fri, 22 Aug 2025 04:09 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर Published by: अंकेश ठाकुर Updated Fri, 22 Aug 2025 04:09 PM IST
सार

पंजाब कांग्रेस में फिर से घमासान मच गया है। पार्टी के पूर्व विधायक ने मौजूदा विधायक की तुलना रावण से की है। पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा ने कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह को रावण कहा है।

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Tussle in Punjab Congress ex MLA Kulbir Singh Zira calls MLA Rana Gurjit Singh Ravan
पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा और विधायक राणा गुरजीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब कांग्रेस में फिर से बवाल खड़ा हो गया है। फिरोजपुर कांग्रेस के जिला प्रधान और जीरा के पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा ने कपूरथला के विधायक राणा गुरजीत सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना रावण से कर दी। जिससे कांग्रेस में घमासान हो गया है। राणा के विरोधियों में सुखपाल खैहरा और नवतेज चीमा के बाद अब कुलबीर जीरा का नाम भी जुड़ गया है। पहले से राजा वडिंग और प्रताप बाजवा के साथ राणा गुरजीत सिंह का 36 का आंकड़ा जगजाहिर है।

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जीरा का कहना है कि उन्हें राणा और रावण में ज्यादा फर्क नहीं दिखता। हालांकि, इस मामले पर अभी तक राणा की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राणा गुरजीत सिंह ने जीरा के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इस विवाद की असली वजह एक यूट्यूब चैनल को दिया गया इंटरव्यू है। इंटरव्यू के दौरान 8 सेकेंड की एक क्लिप में राणा ने कहा था कि मैं तो एक बात जानता हूं, जिसने मेरे से पंगा लिया है, वह है नहीं। यही क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसके बाद जीरा ने कहा कि रावण को भी चारों वेदों का ज्ञान था, उससे बड़ा बुद्धिजीवी कोई नहीं था। लेकिन उसका अहंकार ही उसके पतन का कारण बना। मुझे राणा और रावण में ज्यादा फर्क नहीं लगता।
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कुलबीर सिंह जीरा ने पिछले साल खडूर साहिब से लोकसभा चुनाव लड़ा था और उनका इलाका कपूरथला इसी हलके के अधीन था। उनके बेटे राणा इंद्रप्रताप का सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र भी इसी लोकसभा का हिस्सा था। राणा ने दावा किया था कि टिकट दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है। इतना ही नहीं, राणा ने खुद जीरा के प्रचार की कमान भी संभाली थी। हालांकि, जीरा यह चुनाव नहीं जीत पाए।
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राणा गुरजीत सिंह का कांग्रेस में खासा दबदबा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में जब आम आदमी पार्टी की लहर चली और वह 92 सीटें जीतने में सफल रही, उस समय भी राणा कपूरथला से 8 हजार वोटों से जीतने में सफल रहे। उन्हें 44 हजार 96 वोट मिले थे, जबकि आप उम्मीदवार मंजू राणा को 36 हजार 792 वोट मिले। राणा मंत्री और सांसद भी रह चुके हैं। उन्होंने पूर्व पीएम इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल को शिकस्त देकर अपना सिक्का राजनीति में जमाया था।


2022 में कांग्रेस ने उनके बेटे राणा इंद्रप्रताप सिंह को सुल्तानपुर लोधी से टिकट नहीं दिया था। इसके बाद वह बतौर निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में उतरे और जीत गए। वहीं, कांग्रेस नेता नवतेज सिंह चीमा इस सीट पर चौथे स्थान पर रहे थे। लिहाजा सारा मामला केंद्रीय लीडरशिप के पास पहुंच चुका है। कांग्रेस में आने वाले दिनों में विवाद बढ़ने की संभावना है।

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