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फरीदकोट में भगोड़े चल रहे डेरा सिरसा की नेशनल कमेटी के तीन सदस्य नामजद
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फरीदकोट। 2015 के बरगाड़ी बेअदबी केस में भगोड़े करार दिए जा चुके डेरा सच्चा सौदा सिरसा की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों के खिलाफ जेएमआईसी सुरेश कुमार की अदालत के आदेश पर थाना बाजाखाना में भगोड़ा होने का एक और केस दर्ज किया गया है। आरोपी नेशनल कमेटी के सदस्य हर्ष धुरी, प्रदीप कलेर व संदीप बरेटा को अदालत ने 21 जनवरी 2021 को भगोड़ा करार दे दिया था और थाना बाजाखाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अदालत के आदेश पर अब पुलिस ने तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 174 ए के तहत केस दर्ज किया है।
बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित तीन वारदातों की पड़ताल करते हुए पंजाब पुलिस की एसआईटी ने एक जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब में पावन स्वरूप चोरी होने के मामले में गत वर्ष डेरा सच्चा सौदा सिरसा के 7 अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। बाद में सात आरोपियों समेत बेअदबी की साजिश के आरोप में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम व डेरा की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों हर्ष धुरी, प्रदीप कलेर व संदीप बरेटा को नामजद करते हुए सभी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था। एसआईटी का दावा है कि पावन स्वरूप चोरी करने के बाद 12 अक्टूबर 2015 को पावन स्वरूप की बरगाड़ी में बेअदबी की गई। चालान पेश होने पर अदालत ने नेशनल कमेटी के तीनों सदस्यों को कई बार समन जारी किया और उनके पेश न होने पर अदालत ने 21 जनवरी 2021 को भगोड़ा घोषित कर दिया।
बता दें कि इस केस में एसआईटी के पड़ताल शुरू किए जाने पर सीबीआई व पंजाब पुलिस के बीच कानूनी खींचतान शुरू हो गई थी, लेकिन कुछ समय पहले पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने केस की जांच के अधिकार पंजाब पुलिस को सौंप दिए थे और हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने केस के सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए है। हाईकोर्ट के आदेश पर इस केस की जांच कर रही पंजाब पुलिस के एसआईटी प्रमुख डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा को भी बदला जा चुका है और अब उनकी जगह आईजी सुरिंदर पाल सिंह परमार को एसआईटी प्रमुख की जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
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बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित तीन वारदातों की पड़ताल करते हुए पंजाब पुलिस की एसआईटी ने एक जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब में पावन स्वरूप चोरी होने के मामले में गत वर्ष डेरा सच्चा सौदा सिरसा के 7 अनुयायियों को गिरफ्तार किया था। बाद में सात आरोपियों समेत बेअदबी की साजिश के आरोप में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम व डेरा की नेशनल कमेटी के तीन सदस्यों हर्ष धुरी, प्रदीप कलेर व संदीप बरेटा को नामजद करते हुए सभी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया था। एसआईटी का दावा है कि पावन स्वरूप चोरी करने के बाद 12 अक्टूबर 2015 को पावन स्वरूप की बरगाड़ी में बेअदबी की गई। चालान पेश होने पर अदालत ने नेशनल कमेटी के तीनों सदस्यों को कई बार समन जारी किया और उनके पेश न होने पर अदालत ने 21 जनवरी 2021 को भगोड़ा घोषित कर दिया।
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बता दें कि इस केस में एसआईटी के पड़ताल शुरू किए जाने पर सीबीआई व पंजाब पुलिस के बीच कानूनी खींचतान शुरू हो गई थी, लेकिन कुछ समय पहले पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने केस की जांच के अधिकार पंजाब पुलिस को सौंप दिए थे और हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने केस के सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए है। हाईकोर्ट के आदेश पर इस केस की जांच कर रही पंजाब पुलिस के एसआईटी प्रमुख डीआईजी रणबीर सिंह खटड़ा को भी बदला जा चुका है और अब उनकी जगह आईजी सुरिंदर पाल सिंह परमार को एसआईटी प्रमुख की जिम्मेदारी दी जा चुकी है।
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