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Jalandhar News: रंजीत सागर बांध का जलस्तर 513.01 मीटर पहुंचा
Wed, 12 Aug 2026 06:50 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Wed, 12 Aug 2026 06:50 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण पठानकोट स्थित रंजीत सागर बांध का जलस्तर बढ़ गया है। बुधवार को बांध का जलस्तर एक मीटर बढ़कर 513.01 मीटर दर्ज किया गया। यह वृद्धि चमेरा बांध से छोड़े गए पानी की वजह से हुई है।
बांध की झील में अधिकतम जलस्तर 527.91 मीटर तक रखने की क्षमता है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है जिससे फिलहाल कोई खतरा नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों से बांध में 11645 क्यूसेक पानी का इनफ्लो हो रहा है। वहीं, शाहरपुकंडी बैराज बांध में 5492 क्यूसेक पानी का आउटफ्लो दर्ज किया गया। बांध की एक यूनिट से 150 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रावी दरिया में जलस्तर पिछले दिन की तुलना में कम रहा। उज्ज और जलालिया नदियां भी सीमा क्षेत्र में शांत नजर आईं। मंगलवार को दोनों दरियाओं में जलस्तर बढ़ने से पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ था। किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं और कई सड़कें व पुलिया टूट गईं। बमियाल से पठानकोट और दीनानगर का संपर्क भी टूट गया था। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रावी दरिया का जलस्तर कम होने के कारण बुधवार को पाकिस्तान की ओर पानी नहीं छोड़ा गया।
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पठानकोट। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण पठानकोट स्थित रंजीत सागर बांध का जलस्तर बढ़ गया है। बुधवार को बांध का जलस्तर एक मीटर बढ़कर 513.01 मीटर दर्ज किया गया। यह वृद्धि चमेरा बांध से छोड़े गए पानी की वजह से हुई है।
बांध की झील में अधिकतम जलस्तर 527.91 मीटर तक रखने की क्षमता है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है जिससे फिलहाल कोई खतरा नहीं है। पहाड़ी क्षेत्रों से बांध में 11645 क्यूसेक पानी का इनफ्लो हो रहा है। वहीं, शाहरपुकंडी बैराज बांध में 5492 क्यूसेक पानी का आउटफ्लो दर्ज किया गया। बांध की एक यूनिट से 150 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रावी दरिया में जलस्तर पिछले दिन की तुलना में कम रहा। उज्ज और जलालिया नदियां भी सीमा क्षेत्र में शांत नजर आईं। मंगलवार को दोनों दरियाओं में जलस्तर बढ़ने से पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ था। किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं और कई सड़कें व पुलिया टूट गईं। बमियाल से पठानकोट और दीनानगर का संपर्क भी टूट गया था। इससे लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रावी दरिया का जलस्तर कम होने के कारण बुधवार को पाकिस्तान की ओर पानी नहीं छोड़ा गया।
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