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शेखूपुर कालोनी के बाशिंदे पहुंचे राष्ट्रपति के दरबार
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कपूरथला। आजाद भारत के बाशिंदों को अभी भी मूलभूत सुविधाओं की दरकार हैं। इसका अंदेशा पहली बार कपूरथला के शेखूपुर कालोनी के बाशिंदों ने स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए राष्ट्रपति को भेजी ई-मेल से लगाया जा सकता है। 26 अप्रैल को भेजी ईमेल पर तत्काल राष्ट्रपति सचिवालय ने पंजाब की ‘आप’ सरकार के आईएएस स्तर के अधिकारी अतिरिक्त मुख्य सचिव को कार्रवाई हित भेज दी है। इसके बाद तो पंजाब की अफसरशाही में हलचल मच गई है।
राष्ट्रपति सचिवालय के पास पहुंची शिकायत के बाद तो पंजाब के अधिकारी सकते में आ चुके हैं। डायरेक्टर निकाय विभाग ने निगम कमिश्नर-कम-एडीसी जनरल से रिपोर्ट तलब की है। उधर, कालोनी डेवलपर ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। बाबा नानक की नगरी सुल्तानपुर लोधी को जाती रोड पर 15 साल पहले काटी गई शेखूपुर कालोनी निवासी कैप्टन जोगिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, निशांत कुमार, सुमन, लब्बा नाथ, जीत कौर, मंजू, सुरिंदर व अन्य ने बताया कि कालोनी डेवलपर जगजीत सिंह व नवराज सिंह ने उन्हें यह कहकर प्लाट बेचे थे कि कालोनी को हर मूलभूत सुविधा मुहैया होगी। स्ट्रीट लाइट नगर निगम की ओर से लगाई जाएंगी, लेकिन कालोनाइजर अपने वादों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे। इस कारण कालोनी में सीवरेज व्यवस्था बदहाल है, गंदा पानी गलियों में फैला रहता है।
बिजली के खंभे तक नहीं हैं। लोगों को बांस लगाकर अपने घर में रोशनी करनी पड़ रही है। यहां तक कि बिजली की तारों के जोड़ भी नंगे हैं, जिससे किसी भी समय कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई बार समस्या को लेकर वह निगम कार्यालय गए तो वहां से जवाब मिला कि यह कालोनी अनाधिकृत है, क्योंकि कालोनाइजर ने निगम को बनती रकम जमा नहीं करवाई है। इसके चलते निगम कालोनी को सुविधाएं देने में असमर्थ है। कालोनी के बाशिंदों ने बताया कि जिला स्तर पर अधिकारियों के पास चक्कर काटकर थक चुके हैं। फिर उन्होंने सीएम पंजाब से गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब 26 अप्रैल को उन्होंने भारत के राष्ट्रपति को मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए ई-मेल की है। ताकि उन्हें कम से कम जीवित रहने के लिए अनिवार्य सुविधाएं तो मिल सकें।
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निशांत कुमार ने बताया कि इस ईमेल के तुरंत बाद कार्रवाई हित राष्ट्रपति सचिवालय से जवाबी ईमेल आई, जिसमें पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। कालोनी डेवलपर जगजीत सिंह ने कहा कि शिकायत करना कालोनी निवासियों का अधिकार है। उन्होंने कालोनी के रेगुलर करवाने के लिए दस्तावेज व पैसे जमा करवाए हुए हैं। दो दिन वह शहर से बाहर थे। जल्द ही कालोनी की तमाम समस्याओं को दूर करके लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। प्रशासन की ओर से आए नोटिस का जवाब दे दिया गया है। एडीसी-कम-निगम कमिश्नर आदित्य उप्पल ने कहा कि उन्होंने कालोनी डेवलपर को नोटिस जारी किया है। बाकायदा, कालोनी के दस्तावेज मंगवाए हैं। इस मामले में तेजी से काम चल रहा है। जांच मुकम्मल होते ही तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, क्योंकि जांच पड़ताल में कुछ समय तो लगता है। (संवाद)
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राष्ट्रपति सचिवालय के पास पहुंची शिकायत के बाद तो पंजाब के अधिकारी सकते में आ चुके हैं। डायरेक्टर निकाय विभाग ने निगम कमिश्नर-कम-एडीसी जनरल से रिपोर्ट तलब की है। उधर, कालोनी डेवलपर ने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। बाबा नानक की नगरी सुल्तानपुर लोधी को जाती रोड पर 15 साल पहले काटी गई शेखूपुर कालोनी निवासी कैप्टन जोगिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, निशांत कुमार, सुमन, लब्बा नाथ, जीत कौर, मंजू, सुरिंदर व अन्य ने बताया कि कालोनी डेवलपर जगजीत सिंह व नवराज सिंह ने उन्हें यह कहकर प्लाट बेचे थे कि कालोनी को हर मूलभूत सुविधा मुहैया होगी। स्ट्रीट लाइट नगर निगम की ओर से लगाई जाएंगी, लेकिन कालोनाइजर अपने वादों पर बिल्कुल खरे नहीं उतरे। इस कारण कालोनी में सीवरेज व्यवस्था बदहाल है, गंदा पानी गलियों में फैला रहता है।
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बिजली के खंभे तक नहीं हैं। लोगों को बांस लगाकर अपने घर में रोशनी करनी पड़ रही है। यहां तक कि बिजली की तारों के जोड़ भी नंगे हैं, जिससे किसी भी समय कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई बार समस्या को लेकर वह निगम कार्यालय गए तो वहां से जवाब मिला कि यह कालोनी अनाधिकृत है, क्योंकि कालोनाइजर ने निगम को बनती रकम जमा नहीं करवाई है। इसके चलते निगम कालोनी को सुविधाएं देने में असमर्थ है। कालोनी के बाशिंदों ने बताया कि जिला स्तर पर अधिकारियों के पास चक्कर काटकर थक चुके हैं। फिर उन्होंने सीएम पंजाब से गुहार लगाई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब 26 अप्रैल को उन्होंने भारत के राष्ट्रपति को मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति के लिए ई-मेल की है। ताकि उन्हें कम से कम जीवित रहने के लिए अनिवार्य सुविधाएं तो मिल सकें।
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निशांत कुमार ने बताया कि इस ईमेल के तुरंत बाद कार्रवाई हित राष्ट्रपति सचिवालय से जवाबी ईमेल आई, जिसमें पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव को इस समस्या के समाधान के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। कालोनी डेवलपर जगजीत सिंह ने कहा कि शिकायत करना कालोनी निवासियों का अधिकार है। उन्होंने कालोनी के रेगुलर करवाने के लिए दस्तावेज व पैसे जमा करवाए हुए हैं। दो दिन वह शहर से बाहर थे। जल्द ही कालोनी की तमाम समस्याओं को दूर करके लोगों को राहत प्रदान की जाएगी। प्रशासन की ओर से आए नोटिस का जवाब दे दिया गया है। एडीसी-कम-निगम कमिश्नर आदित्य उप्पल ने कहा कि उन्होंने कालोनी डेवलपर को नोटिस जारी किया है। बाकायदा, कालोनी के दस्तावेज मंगवाए हैं। इस मामले में तेजी से काम चल रहा है। जांच मुकम्मल होते ही तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, क्योंकि जांच पड़ताल में कुछ समय तो लगता है। (संवाद)