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बेदी बजरी कंपनी किनारे बसे परिवारों ने पठानकोट-कुल्लू नेशनल हाइवे किया जाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। चक्की दरिया में उठे उफान के बाद दहशत के साए में जी रहे मोहल्ला बेदी बजरी कंपनी के लोगों ने बुधवार दोपहर को एक घंटे के लिए पठानकोट-कुल्लू नेशनल हाइवे पर धरना लगा दिया। लोगों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए नारेबाजी की।
लोगों ने कहा कि चक्की दरिया की मोहल्ले के घरों से दूरी महज 20 फीट रह गई है। हिमाचल की एक भारी बरसात दरिया किनारे बसे घरों के लिए काल बन सकती है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय यह घर चक्की दरिया की भेंट चढ़ सकते हैं। लोगों के साथ धरने पर पहुंचे भाजपा जिला प्रवक्ता योगेश ठाकुर ने बताया कि डिविजनल कमिश्नर के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री भी इस प्रभावित इलाके का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दरिया का रुख मोड़ने के लिए 30 लाख रुपये का टेंडर जारी हो चुका है। कैबिनेट मंत्री धालीवाल डेढ़ महीना पहले स्थिति का जायजा लेकर गए थे। उसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि चक्की दरिया की इन घरों की दूरी 20 फीट रह गई है। इससे पहले चक्की क्वारी रेलवे लाइन का बड़ा हिस्सा दरिया की भेंट चढ़ चुका है। योगेश ठाकुर ने बताया कि समूह वार्ड निवासियों ने प्रशासन के आश्वासन पर एक घंटे बाद ही धरना उठा लिया, लेकिन प्रशासन को चेतावनी भी दी गई है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो वह लोग पठानकोट-जालंधर नेशनल हाइवे जाम करने पर विवश होंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि जरा सी बारिश से उनका दिन का चैन और रात की नींद हराम हो जाती है। पता नहीं कब चक्की दरिया उनके घरों को लील ले। लोगों ने कहा कि अगर एक सप्ताह में काम शुरू हुआ तो वह तब तक धरना नहीं उठाएंगे जब तक काम पूरा नहीं हो जाता।
फोटो - 3 - पठानकोट-कुल्लू नेशनल हाइवे पर रोष व्यक्त करते बेदी बजरी कंपनी के लोग।
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पठानकोट। चक्की दरिया में उठे उफान के बाद दहशत के साए में जी रहे मोहल्ला बेदी बजरी कंपनी के लोगों ने बुधवार दोपहर को एक घंटे के लिए पठानकोट-कुल्लू नेशनल हाइवे पर धरना लगा दिया। लोगों ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए नारेबाजी की।
लोगों ने कहा कि चक्की दरिया की मोहल्ले के घरों से दूरी महज 20 फीट रह गई है। हिमाचल की एक भारी बरसात दरिया किनारे बसे घरों के लिए काल बन सकती है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो किसी भी समय यह घर चक्की दरिया की भेंट चढ़ सकते हैं। लोगों के साथ धरने पर पहुंचे भाजपा जिला प्रवक्ता योगेश ठाकुर ने बताया कि डिविजनल कमिश्नर के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री भी इस प्रभावित इलाके का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि दरिया का रुख मोड़ने के लिए 30 लाख रुपये का टेंडर जारी हो चुका है। कैबिनेट मंत्री धालीवाल डेढ़ महीना पहले स्थिति का जायजा लेकर गए थे। उसके बावजूद काम शुरू नहीं हो पाया। उन्होंने बताया कि चक्की दरिया की इन घरों की दूरी 20 फीट रह गई है। इससे पहले चक्की क्वारी रेलवे लाइन का बड़ा हिस्सा दरिया की भेंट चढ़ चुका है। योगेश ठाकुर ने बताया कि समूह वार्ड निवासियों ने प्रशासन के आश्वासन पर एक घंटे बाद ही धरना उठा लिया, लेकिन प्रशासन को चेतावनी भी दी गई है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो वह लोग पठानकोट-जालंधर नेशनल हाइवे जाम करने पर विवश होंगे और इसकी सारी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने बताया कि जरा सी बारिश से उनका दिन का चैन और रात की नींद हराम हो जाती है। पता नहीं कब चक्की दरिया उनके घरों को लील ले। लोगों ने कहा कि अगर एक सप्ताह में काम शुरू हुआ तो वह तब तक धरना नहीं उठाएंगे जब तक काम पूरा नहीं हो जाता।
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फोटो - 3 - पठानकोट-कुल्लू नेशनल हाइवे पर रोष व्यक्त करते बेदी बजरी कंपनी के लोग।