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Jalandhar News: दरेसी मेले के ठेकेदार ने की खुद को आग लगाने की कोशिश, मेला कराया बंद

Sun, 28 Sep 2025 01:46 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 01:46 AM IST
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The contractor of the Darese fair attempted to set himself on fire, leading to the closure of the fair.
-श्री रामलीला कमेटी के सदस्यों को पवित्र डोला ले जाने का नहीं मिला रास्ता तो दिया धरना
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। महानगर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित दरेसी मेले के बाहर शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब ठेकेदार अशोक कुमार ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल कर खुद को आग लगाने की कोशिश की। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें रोक दिया। ठेकेदार अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि पिछले एक सप्ताह से उन्हें आप के एक विधायक उन्हें परेशान कर रहे हैं। दो दिन पहले उसे दफ्तर बुला कर जलील किया गया और दस लाख रुपये की मांग रख डाली। ठेकेदार दुकानदारों के साथ धरने पर बैठ गए और उन्होंने मेला भी बंद करवा दिया। सौ साल के इतिहास में पहली बार हुआ है कि मेला किसी कारण बंद हो गया है। जब धरना लगाया गया तो उधर से प्रभु श्रीराम का पवित्र डोला लेकर श्रीराम लीला कमेटी शोभायात्रा निकाल रही थी। उन्हें भी रास्ता नहीं दिया गया तो कमेटी के सदस्य भी वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया और कई थानों की पुलिस फोर्स वहीं पहुंच गई। दोनों तरफ से प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई। ठेकेदार अशोक कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने करीब एक करोड़ रुपये की बोली पर श्री रामलीला कमेटी से प्रतिष्ठित दरेसी मेले का ठेका लिया है।

श्री रामलीला दरेसी के प्रधान दिनेश मरवाहा ने कहा कि यह एक मेला नहीं बल्कि दरेसी में सौ साल से हर साल उत्सव मनाया जाता है। इस बार भी उत्सव पूरे जोश से मनाया जा रहा है। शनिवार को पवित्र डोला लेकर शोभायात्रा कमेटी की तरफ से निकाली जा रही थी, लेकिन धरने के कारण उन्हें रास्ता नहीं मिला। इस कारण डोले की बेअदबी की गई। उधर, उत्सव के दौरान उनके घर की लाइटें बंद करवा दी। दिनेश मरवाहा ने कहा कि इतिहास में पहली बार हुआ है कि जब उत्सव मनाने के दौरान लाइटें बंद करवा मेला बंद करा दिया गया हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार और नगर निगम जिम्मेदार है। दिनेश मरवाहा ने कहा कि अगर उनकी सुनवाई नहीं होगी तो लंबा संघर्ष करेंगे।
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